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Amethi News: थाने के बाहर धरने पर बैठीं भाकियू महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष
Sun, 01 Feb 2026 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 01 Feb 2026 12:11 AM IST
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इन्हौंना थाने के बाहर धरने पर बैठी महिलाएं। स्रोत संगठन
सिंहपुर। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) की महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष शमीमा खान शुक्रवार देर रात कार्यकर्ताओं के साथ इन्हौंना थाने के बाहर धरने पर बैठ गईं। जिलाध्यक्ष ने पुलिसकर्मियों पर अभद्र व्यवहार और पीड़ित परिवार को धमकाने का आरोप लगाया है।
शमीमा खान ने बताया कि कस्बे के मोहल्ला पूरे मियां निवासी बाबूलाल दिल्ली में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। गांव के ही रामकुमार ने बाबूलाल की खाली पड़ी भूमि पर करीब पांच फीट दीवार खड़ी कर दी। इसकी शिकायत 25 जनवरी को थाने में की गई। पुलिस ने दोनों पक्षों में सुलह कराते हुए रामकुमार को दीवार हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन मजदूर न मिलने के कारण दीवार नहीं हट सकी। शुक्रवार को पीड़ित पक्ष स्वयं दीवार हटाने लगा।
आरोप है कि इस पर रामकुमार की शिकायत पर उपनिरीक्षक राजेशचंद्र पाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार के साथ गालीगलौज करते हुए धमकी दी। पुलिस के इस रवैये से नाराज किसान संगठन पीड़ित के समर्थन में आ गया। कार्यकर्ता देर रात तक थाने के बाहर बैठे रहे। कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी विवेक सिंह और उपनिरीक्षक राजेश पाल के निलंबन की मांग की। समाचार लिखे जाने तक कोई उच्चाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था, जिससे आक्रोश बना रहा।
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उधर, इन्हौंना थानाध्यक्ष विवेक सिंह ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि बाबूलाल ने देर रात रामकुमार की दीवार गिरा दी थी, उसी मामले में कार्रवाई की जा रही है। किसान यूनियन की महिला जिलाध्यक्ष अनावश्यक दबाव बना रही हैं।
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शमीमा खान ने बताया कि कस्बे के मोहल्ला पूरे मियां निवासी बाबूलाल दिल्ली में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। गांव के ही रामकुमार ने बाबूलाल की खाली पड़ी भूमि पर करीब पांच फीट दीवार खड़ी कर दी। इसकी शिकायत 25 जनवरी को थाने में की गई। पुलिस ने दोनों पक्षों में सुलह कराते हुए रामकुमार को दीवार हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन मजदूर न मिलने के कारण दीवार नहीं हट सकी। शुक्रवार को पीड़ित पक्ष स्वयं दीवार हटाने लगा।
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आरोप है कि इस पर रामकुमार की शिकायत पर उपनिरीक्षक राजेशचंद्र पाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार के साथ गालीगलौज करते हुए धमकी दी। पुलिस के इस रवैये से नाराज किसान संगठन पीड़ित के समर्थन में आ गया। कार्यकर्ता देर रात तक थाने के बाहर बैठे रहे। कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी विवेक सिंह और उपनिरीक्षक राजेश पाल के निलंबन की मांग की। समाचार लिखे जाने तक कोई उच्चाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था, जिससे आक्रोश बना रहा।
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उधर, इन्हौंना थानाध्यक्ष विवेक सिंह ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि बाबूलाल ने देर रात रामकुमार की दीवार गिरा दी थी, उसी मामले में कार्रवाई की जा रही है। किसान यूनियन की महिला जिलाध्यक्ष अनावश्यक दबाव बना रही हैं।