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Amethi News: मृतक की पत्नी को 20 लाख की संवेदना राशि के साथ नौकरी
Wed, 09 Apr 2025 12:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 09 Apr 2025 12:37 AM IST
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जगदीशपुर (अमेठी)। स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी फैक्टरी में रविवार को करंट की चपेट में आकर हुई कर्मचारी की मौत के मामले में मृतक के परिजनों और फैक्टरी प्रबंधन के बीच मंगलवार को आपसी सहमति बन गई। सहमति के तहत फैक्टरी प्रबंधन मृतक की पत्नी को 20 लाख रुपये की संवेदना राशि के साथ मृतक की शेष सेवा अवधि तक पत्नी को बेसिक सैलरी पर घर से ही कार्य करने की सुविधा देगा।
रविवार को औद्योगिक क्षेत्र स्थित निजी इकाई में काम के दौरान करंट लगने से इन्हौना क्षेत्र के चिलौली गांव निवासी जूनियर सुपरवाइजर रमन तिवारी की मौत हो गई थी। परिजनों को इसकी सूचना देर रात 11 बजे दी गई। ट्रॉमा सेंटर लाए जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले में मृतक के चाचा प्रवेश तिवारी की ओर से कंपनी के एचआर सदानंद मिश्र, सिक्योरिटी इंचार्ज क्रांति और सहकर्मी राकेश यादव के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। घटना के बाद लघु उद्योग भारती, जगदीशपुर के अध्यक्ष गौरव सिंह की पहल पर त्रिपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें पुलिस प्रशासन भी मौजूद रहा।
मंगलवार को फैक्टरी प्रबंधन ने मृतक की पत्नी सुषमा तिवारी को 20 लाख रुपये का चेक उनके घर जाकर सौंपा। इस राशि में 10 लाख रुपये मृतक की पत्नी को, पांच लाख रुपये बच्चों के पालन-पोषण हेतु और पांच लाख रुपये मृतक की मां के इलाज के लिए दिए गए हैं। साथ ही, सहमति पत्र पर दोनों पक्षों ने हस्ताक्षर कर इसे केस का हिस्सा बनाने हेतु सौंपा। कंपनी के एचआर सदानंद मिश्रा ने बताया कि मृतक की पत्नी को वर्क फ्राम होम की सुविधा के तहत बेसिक सैलरी दी जाएगी। मृतक के चाचा प्रवेश तिवारी ने भी समझौते की बात स्वीकार की है।
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फॉरेंसिक टीम ने की जांच
औद्योगिक क्षेत्र में स्थित फैक्टरी में जूनियर सुपरवाइजर की करंट की चपेट में आने से हुई मौत के मामले में मंगलवार को फॉरेंसिक टीम ने फैक्टरी में जाकर घटना स्थल का निरीक्षण किया। टीम ने सैंपल लेने के साथ ही वीडियोग्राफी करते हुए मामले से जुड़े साक्ष्य को संकलित किया। रिपोर्ट मिलने के बाद इसे केस डायरी में शामिल कर कार्रवाई तय होगी।
नियमानुसार होगी कार्रवाई
थानाध्यक्ष कमरौली अभिनेष कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर जांच की जा रही है। समझौता पत्र को केस फाइल में शामिल कर आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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रविवार को औद्योगिक क्षेत्र स्थित निजी इकाई में काम के दौरान करंट लगने से इन्हौना क्षेत्र के चिलौली गांव निवासी जूनियर सुपरवाइजर रमन तिवारी की मौत हो गई थी। परिजनों को इसकी सूचना देर रात 11 बजे दी गई। ट्रॉमा सेंटर लाए जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले में मृतक के चाचा प्रवेश तिवारी की ओर से कंपनी के एचआर सदानंद मिश्र, सिक्योरिटी इंचार्ज क्रांति और सहकर्मी राकेश यादव के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। घटना के बाद लघु उद्योग भारती, जगदीशपुर के अध्यक्ष गौरव सिंह की पहल पर त्रिपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें पुलिस प्रशासन भी मौजूद रहा।
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मंगलवार को फैक्टरी प्रबंधन ने मृतक की पत्नी सुषमा तिवारी को 20 लाख रुपये का चेक उनके घर जाकर सौंपा। इस राशि में 10 लाख रुपये मृतक की पत्नी को, पांच लाख रुपये बच्चों के पालन-पोषण हेतु और पांच लाख रुपये मृतक की मां के इलाज के लिए दिए गए हैं। साथ ही, सहमति पत्र पर दोनों पक्षों ने हस्ताक्षर कर इसे केस का हिस्सा बनाने हेतु सौंपा। कंपनी के एचआर सदानंद मिश्रा ने बताया कि मृतक की पत्नी को वर्क फ्राम होम की सुविधा के तहत बेसिक सैलरी दी जाएगी। मृतक के चाचा प्रवेश तिवारी ने भी समझौते की बात स्वीकार की है।
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फॉरेंसिक टीम ने की जांच
औद्योगिक क्षेत्र में स्थित फैक्टरी में जूनियर सुपरवाइजर की करंट की चपेट में आने से हुई मौत के मामले में मंगलवार को फॉरेंसिक टीम ने फैक्टरी में जाकर घटना स्थल का निरीक्षण किया। टीम ने सैंपल लेने के साथ ही वीडियोग्राफी करते हुए मामले से जुड़े साक्ष्य को संकलित किया। रिपोर्ट मिलने के बाद इसे केस डायरी में शामिल कर कार्रवाई तय होगी।
नियमानुसार होगी कार्रवाई
थानाध्यक्ष कमरौली अभिनेष कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर जांच की जा रही है। समझौता पत्र को केस फाइल में शामिल कर आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।