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Amethi News: सैन्य सम्मान के साथ सैनिक का अंतिम संस्कार
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07 : फुरसतगंज : दिवंगत सीआरपीएफ जवान को पुष्प चक्र भेंट करते साथी जवान। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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फुरसतगंज (अमेठी)। बह्मनी गांव में बुधवार को ताबूत में बंद दिवंगत सैनिक का शव पैतृक गांव पहुंचा तो परिजन बिलख उठे। पूर गांव में मातम पसर गया। सोमवार को सैनिक की जम्मू के सतवारी में ड्यूटी के दौरान ब्रेन हैमरेज होने से मौत हो गई थी। गांव स्थित बाग में बुधवार को सैन्य सम्मान के साथ सैनिक का अंतिम संस्कार किया गया।
ब्रह्मनी गांव निवासी सेवानिवृत्त राम सागर सिंह का पुत्र अनिल सिंह (32) 2011 में सूचना विभाग (इंटेलीजेंस) में भर्ती हुए थे। वर्तमान में अनिल की तैनाती जम्मू के सतवारी में हवलदार पद पर थी। दीपावली की छुट्टी परिजनों के साथ बिताने के बाद फरवरी माह में अनिल दोबारा घर आने वाले थे। सोमवार को तैनाती स्थल पर अनिल को ब्रेन हैमरेज होने पर साथियों ने सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
अनिल की मौत के बाद बटालियन से पिता को फोन कर सूचित किया गया था। दो दिनों से परिजन शव का इंतजार कर रहे थे। बुधवार को लखनऊ सेंट्रल कमांड के सैनिक सुखेंद्र बनर्जी की टीम अनिल का शव लेकर पैतृक गांव ब्रह्मनी पहुंची। सैनिक का शव पहुंचते ही परिजनों के सूख चुके आंसू दोबारा बह चले। अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। अंतिम दर्शन के बाद गांव स्थित बाग में सैन्य सम्मान (गार्ड आफ ऑनर) देने के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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दिवंगत सैनिक की अंतिम यात्रा में एसडीएम फाल्गुनी सिंह, सीओ डॉ. अजय सिंह, विधायक पुत्र मृगांकेश्वरण शरण सिंह, पंकज सिंह, संजय सिंह व एसपी सिंह बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
अनिल पर थी पूरे परिवार की जिम्मेदारी
सैनिक अनिल सिंह के ऊपर परिवार की संपूर्ण जिम्मेदारी दी। भाई की मौत के बाद अनिल पर भाभी प्रतिभा सिंह, भतीजी प्रिंसी सिंह की जिम्मेदारी थी। विवाहित बहन रेशू सिंह की विवाह विच्छेदन के बाद अनिल पर जिम्मेदारी बढ़ गई थी। अनिल पर भाई के परिवार व बहन के साथ मां वैशाली सिंह, पिता रामसागर, पत्नी वैशाली सिंह के साथ ही छह माह के बेटे देवेश व दो वर्ष की बेटी गौरी का भी जिम्मा था।
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ब्रह्मनी गांव निवासी सेवानिवृत्त राम सागर सिंह का पुत्र अनिल सिंह (32) 2011 में सूचना विभाग (इंटेलीजेंस) में भर्ती हुए थे। वर्तमान में अनिल की तैनाती जम्मू के सतवारी में हवलदार पद पर थी। दीपावली की छुट्टी परिजनों के साथ बिताने के बाद फरवरी माह में अनिल दोबारा घर आने वाले थे। सोमवार को तैनाती स्थल पर अनिल को ब्रेन हैमरेज होने पर साथियों ने सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
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अनिल की मौत के बाद बटालियन से पिता को फोन कर सूचित किया गया था। दो दिनों से परिजन शव का इंतजार कर रहे थे। बुधवार को लखनऊ सेंट्रल कमांड के सैनिक सुखेंद्र बनर्जी की टीम अनिल का शव लेकर पैतृक गांव ब्रह्मनी पहुंची। सैनिक का शव पहुंचते ही परिजनों के सूख चुके आंसू दोबारा बह चले। अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। अंतिम दर्शन के बाद गांव स्थित बाग में सैन्य सम्मान (गार्ड आफ ऑनर) देने के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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दिवंगत सैनिक की अंतिम यात्रा में एसडीएम फाल्गुनी सिंह, सीओ डॉ. अजय सिंह, विधायक पुत्र मृगांकेश्वरण शरण सिंह, पंकज सिंह, संजय सिंह व एसपी सिंह बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
अनिल पर थी पूरे परिवार की जिम्मेदारी
सैनिक अनिल सिंह के ऊपर परिवार की संपूर्ण जिम्मेदारी दी। भाई की मौत के बाद अनिल पर भाभी प्रतिभा सिंह, भतीजी प्रिंसी सिंह की जिम्मेदारी थी। विवाहित बहन रेशू सिंह की विवाह विच्छेदन के बाद अनिल पर जिम्मेदारी बढ़ गई थी। अनिल पर भाई के परिवार व बहन के साथ मां वैशाली सिंह, पिता रामसागर, पत्नी वैशाली सिंह के साथ ही छह माह के बेटे देवेश व दो वर्ष की बेटी गौरी का भी जिम्मा था।