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90 लाख से बनेगा सिंहपुर रजबहा लिंक मार्ग
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सिंहपुर (अमेठी)। आखिरकार बहुप्रतीक्षित पूरे बैशन वाया मदनचक सिंहपुर रजबहा तक लिंक मार्ग निर्माण की स्वीकृति मिल गई। शासन ने 90 लाख रुपये की वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
तीन किलोमीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण होने से क्षेत्र की दस हजार की आबादी को सहूलियत मिलेगी। साथ ही एक दर्जन से अधिक गांवों का हथरोहना हैदरगढ़ मार्ग से सीधा संपर्क हो जाएगा। अब तक इन गांवों के लोग करीब नौ से दस किलोमीटर घूमकर हथरोहना जाते थे। यह मार्ग जगतपुर, पूरे गंगा, पूरे भवन, पूरे कलंदर, पूरे भुलैया, पूरे बैशन, जैतपुर, सकतपुर, पूरे टीका, मदनचक गांव को सिंहपुर रजबहा पर हथरोहना मार्ग से जोड़ेगा।
अब तक यह तीन किलोमीटर का कच्चा रास्ता बरसात के दिनों में राहगीरों के आवागमन के लायक नहीं रह जाता था। मदनचक व पूरे टीका जैसे गांव बरसात के दिनों में टापू बन जाते थे। पूरे बैशन वाया मदनचक, हथरोहना लिंक मार्ग का निर्माण 90 लाख रुपये की लागत से होगा। पिछले दिनों शासन ने वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति देते हुए स्वीकृति राशि अवमुक्त भी कर दी।
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शासन से स्वीकृति मिलने तथा राशि अवमुक्त होने के बाद लोक निर्माण विभाग टेंडर करने की प्रक्रिया शुरू करा दी है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर विभाग निर्माण कार्य शुरू करा देगा। बताते चलेें कि इसी मार्ग पर गो-आश्रय स्थल जैतपुर, लौली तथा प्रस्तावित विद्युत वितरण उपकेंद्र के अलावां हर घर जल योजना के तहत पानी टंकी निर्माण कार्य भी प्रस्तावित है।
ग्रामीणों में खुशी की लहर
मदनचक निवासी दिलीप पांडेय के अनुसार इस लिंक मार्ग निर्माण से हम लोगों के अति पिछड़े गांवों को भरपूर लाभ मिलेगा। शिक्षक संजय कुमार पांडेय कहते हैं कि गांव के लिए मार्ग नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी। मजबूरी में हैदरगढ़ में या तो किराए पर मकान लेना पड़ता था या फिर सक्षम लोगाें ने वहीं घर बनवा लिए। यदि कोई बीमार हो जाता था तो अस्पताल पहुंचने में बड़ी समस्या होती थी। पूरे टीका निवासी राम प्रकाश यादव बताते कहते हैं कि गांव का रास्ता नहीं होने के चलते रिश्तेदार भी गांव आने से बचते हैं। यही नहीं अच्छे रिश्ते गांव में खराब रास्तों के चलते नहीं होते पाते थे। पूरे बैसन निवासी संजीत सिंह बताते हैं कि जैतपुर से सात से आठ किलोमीटर की दूरी तय कर हथरोहना पहुंचने वाला रास्ता इस मार्ग के बनने से चार किमी में तय होगा। साथ ही बीच के यह मार्ग और कई गांवों को जोड़ेगा।
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तीन किलोमीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण होने से क्षेत्र की दस हजार की आबादी को सहूलियत मिलेगी। साथ ही एक दर्जन से अधिक गांवों का हथरोहना हैदरगढ़ मार्ग से सीधा संपर्क हो जाएगा। अब तक इन गांवों के लोग करीब नौ से दस किलोमीटर घूमकर हथरोहना जाते थे। यह मार्ग जगतपुर, पूरे गंगा, पूरे भवन, पूरे कलंदर, पूरे भुलैया, पूरे बैशन, जैतपुर, सकतपुर, पूरे टीका, मदनचक गांव को सिंहपुर रजबहा पर हथरोहना मार्ग से जोड़ेगा।
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अब तक यह तीन किलोमीटर का कच्चा रास्ता बरसात के दिनों में राहगीरों के आवागमन के लायक नहीं रह जाता था। मदनचक व पूरे टीका जैसे गांव बरसात के दिनों में टापू बन जाते थे। पूरे बैशन वाया मदनचक, हथरोहना लिंक मार्ग का निर्माण 90 लाख रुपये की लागत से होगा। पिछले दिनों शासन ने वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति देते हुए स्वीकृति राशि अवमुक्त भी कर दी।
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शासन से स्वीकृति मिलने तथा राशि अवमुक्त होने के बाद लोक निर्माण विभाग टेंडर करने की प्रक्रिया शुरू करा दी है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर विभाग निर्माण कार्य शुरू करा देगा। बताते चलेें कि इसी मार्ग पर गो-आश्रय स्थल जैतपुर, लौली तथा प्रस्तावित विद्युत वितरण उपकेंद्र के अलावां हर घर जल योजना के तहत पानी टंकी निर्माण कार्य भी प्रस्तावित है।
ग्रामीणों में खुशी की लहर
मदनचक निवासी दिलीप पांडेय के अनुसार इस लिंक मार्ग निर्माण से हम लोगों के अति पिछड़े गांवों को भरपूर लाभ मिलेगा। शिक्षक संजय कुमार पांडेय कहते हैं कि गांव के लिए मार्ग नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी। मजबूरी में हैदरगढ़ में या तो किराए पर मकान लेना पड़ता था या फिर सक्षम लोगाें ने वहीं घर बनवा लिए। यदि कोई बीमार हो जाता था तो अस्पताल पहुंचने में बड़ी समस्या होती थी। पूरे टीका निवासी राम प्रकाश यादव बताते कहते हैं कि गांव का रास्ता नहीं होने के चलते रिश्तेदार भी गांव आने से बचते हैं। यही नहीं अच्छे रिश्ते गांव में खराब रास्तों के चलते नहीं होते पाते थे। पूरे बैसन निवासी संजीत सिंह बताते हैं कि जैतपुर से सात से आठ किलोमीटर की दूरी तय कर हथरोहना पहुंचने वाला रास्ता इस मार्ग के बनने से चार किमी में तय होगा। साथ ही बीच के यह मार्ग और कई गांवों को जोड़ेगा।