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कागजों पर हो रही सिल्ट सफाई, जिम्मेदार मौन
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अमेठी। स्थानीय ब्लॉक से गुजरने वाले शारदा सहायक खंड 28 की देवकली-डोमाडीह माइनर किसानों के लिए दिखावा साबित हो रही है। प्रतिवर्ष लाखों रुपये खर्च दिखाकर माइनर की सफाई की जा रही है जबकि माइनर की सफाई नहीं होने से टेल तक पानी नहीं पहुंचता है।
ऐसे में जहां किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से निजी नलकूपों का साहरा लेना पड़ रहा है वहीं जिम्मेदार अधिकारी जानकारी के बावजूद मौन धारण किए हैं।
किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए शारदा सहायक खण्ड-28 की शाखा नहर से देवकली कोठी से निकल कर डोमाडीह को जाने वाली माइनर जिम्मेदारों की मनमानी का शिकार हो गई है।
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देवकली कोठी से निकलकर गड़रियाडीह, पहाड़पुर, हसनपुर, पूरे दिरगज, खैरातपुर होते हुऐ डोमाडीह को जाने वाली माइनर की सिल्ट सफाई प्रति वर्ष सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। गड़रियाडीह ग्राम प्रधान मुमताज जहां, प्रधान प्रतिनिधि शान मोम्मद, खैरातपुर निवासी हाजी लाल मोहम्मद व इसराक अहमद समेत अन्य ग्रामीणों की मानें तो नहर माइनर बनने के बाद से आज तक माइनर की सिल्ट सफाई का काम कभी नहीं कराया गया हैं।
सिल्ट सफाई नहीं होने से माइनर में झाड़-झंखाड़ अटी पड़ी है तो कई जगह पटरियां भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। ऐसे में माइनर की टेल तक पानी नहीं आने करीब एक हजार बीघा खेतों की सिंचाई के लिए ग्रामीणों को निजी नलकूप का साहरा लेना पड़ता है।
ऐसे में किसानों की जहां फसल लागत बढ़ रही है वहीं शासन की मंशा पूरी तरह फ्लाप साबित हो रही है। माइनर में टेल तक पानी नहीं आने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है।
अवर अभियंता सिंचाई विभाग मुकेश कुमार ने बताया कि माइनर की सफाई नियमित कराई जाती है। इस वर्ष भी सफाई का काम कराया जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर माइनर का सर्वे कर उनकी परेशानी को दूर किया जाएगा।
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ऐसे में जहां किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से निजी नलकूपों का साहरा लेना पड़ रहा है वहीं जिम्मेदार अधिकारी जानकारी के बावजूद मौन धारण किए हैं।
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किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए शारदा सहायक खण्ड-28 की शाखा नहर से देवकली कोठी से निकल कर डोमाडीह को जाने वाली माइनर जिम्मेदारों की मनमानी का शिकार हो गई है।
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देवकली कोठी से निकलकर गड़रियाडीह, पहाड़पुर, हसनपुर, पूरे दिरगज, खैरातपुर होते हुऐ डोमाडीह को जाने वाली माइनर की सिल्ट सफाई प्रति वर्ष सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। गड़रियाडीह ग्राम प्रधान मुमताज जहां, प्रधान प्रतिनिधि शान मोम्मद, खैरातपुर निवासी हाजी लाल मोहम्मद व इसराक अहमद समेत अन्य ग्रामीणों की मानें तो नहर माइनर बनने के बाद से आज तक माइनर की सिल्ट सफाई का काम कभी नहीं कराया गया हैं।
सिल्ट सफाई नहीं होने से माइनर में झाड़-झंखाड़ अटी पड़ी है तो कई जगह पटरियां भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। ऐसे में माइनर की टेल तक पानी नहीं आने करीब एक हजार बीघा खेतों की सिंचाई के लिए ग्रामीणों को निजी नलकूप का साहरा लेना पड़ता है।
ऐसे में किसानों की जहां फसल लागत बढ़ रही है वहीं शासन की मंशा पूरी तरह फ्लाप साबित हो रही है। माइनर में टेल तक पानी नहीं आने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है।
अवर अभियंता सिंचाई विभाग मुकेश कुमार ने बताया कि माइनर की सफाई नियमित कराई जाती है। इस वर्ष भी सफाई का काम कराया जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर माइनर का सर्वे कर उनकी परेशानी को दूर किया जाएगा।