फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   rain fall

आंधी-पानी व ओलावृष्टि से बर्बाद हुए किसान

Sat, 07 Mar 2020 11:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 07 Mar 2020 11:57 PM IST
विज्ञापन
rain fall
गौरीगंज (अमेठी)। जिले की सभी तहसीलों में तेज आंधी-पानी के साथ ओलावृष्टि का कहर लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। दूसरे दिन काफी देर तक हुई ओलावृष्टि व बारिश ने किसानों को तकरीबन बर्बाद करके रख दिया। इस दौरान कई स्थानों पर बिजली के खंभे टूटने से आपूर्ति बाधित हो गई।
विज्ञापन

एक माह मेें कई बार हुई मामूली बरसात के बाद पिछले दो दिनों से चल रही बरसात ने जिले के किसानों की कमर तोड़ दी है। बृहस्पतिवार के बाद शुक्रवार रात से लेकर शनिवार सुबह तक जिले की चारों तहसीलों में भारी बरसात के साथ ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि के दौरान गिरने वाले ओले इतने बड़े-बड़े थे कि लोग काफी देर तक सहमे रहे।
विज्ञापन

साइज में काफी बड़े-बड़े ओले गिरने से बचीखुची सरसों की फली भी टूटकर खेतों में गिर कर पानी में डूब गई। गेहूं की फसल भी खेतों में गिर गई। आलू, मटर व जौ के अलावा सब्जी और फल फूल की खेती भी तबाह हो गई। शुक्रवार रात आई तेज आंधी से जगदीशपुर समेत कई कस्बों व गांवों में दर्जनों बिजली के खंभे उखड़ गए जिसके चलते आपूर्ति बाधित हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

आपूर्ति बाधित होने से जिले के तकरीबन सभी उपकेंद्र की बड़ी आबादी को रातभर अंधेेरे में रहना पड़ा। लोगों का अनुमान है कि लगातार हो रही बरसात व ओलावृष्टि से जिले में तकरीबन 60 प्रतिशत फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं।
दो दिन में नहीं हो पाया सर्वे
लगातार दो दिन से हो रही बरसात व ओलावृष्टि से कितने हजार किसानों की कितने हजार हेक्टेयर फसल नष्ट हुई है इसके बारे में प्रशासन अभी तक सर्वे नहीं कर पाया है। अपर जिलाधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि सभी एसडीएम से सर्वे रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद ही नुकसान के बारे में सही स्थिति सामने आ पाएगी।
बहाल की गई आपूर्ति
पॉवर कार्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता संजय जैन ने बताया कि तेज आंधी-पानी से जगदीशपुर व जामो समेत कई उपकेंद्र मेें आपूर्ति बाधित होने की सूचना मिली थी। सुबह से जुटी कार्पोरेशन की टीमों ने फाल्ट को दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल कर दिया है।
नहीं उठ रहे जिम्मेदारों के फोन
फसल क्षतिपूर्ति का लाभ लेने के लिए विभाग की ओर से जारी टोल फ्री नंबर के साथ ही जिला व तहसील समन्वयक के मोबाइल नंबर पर फोन रिसीव ही नहीं किए जा रहे। इसके चलते किसान अपनी शिकायत भी दर्ज नहीं करवा पा रहे।
आवेदन के साथ मांग रहे पॉलिसी नंबर
बीमा कंपनी 72 घंटे के अंदर किसानों से क्लेम आवेदन के साथ पॉलिसी नंबर मांग रही है। यह स्थिति तब है जब किसानों की फसल का बीमा करते समय बीमा कंपनी और संबंधित बैंकों ने किसानों को पॉलिसी नंबर दिया ही नहीं।

होली की छुट्टी ने बढ़ाई परेशानी
बीमा कंपनी की ओर से 72 घंटे में क्षतिपूर्ति के लिए आवेदन करने का नियम किसानों के गले की फंास बन गया है। रविवार से हो रही होली की तीन की छुट्टी में किसान न तो अपना पॉलिसी नंबर ढूंढ पाएंगे न ही आवेदन कर पाएंगे। ऐसे में किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed