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ट्रैक पर एक भी पैसेंजर ट्रेन न चलते से यात्री परेशान
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गौरीगंज (अमेठी)। कोविड संक्रमण की पहली लहर से शुरू हुई रेल यात्रियों की परेशानी समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है।
मार्च 2020 तक लखनऊ-प्रतापगढ़-वाराणसी रेल ट्रैक के छोटे स्टेशनों के यात्रियों की सुविधा के लिए विभाग पांच जोड़ी पैसेंजर ट्रेन संचालित करता था। 22 मार्च 2020 को कोविड संक्रमण का प्रारंभ होने के बाद विभाग ने ट्रैक की सभी ट्रेनों को निरस्त कर दिया था।
संक्रमण कम होने के बाद चरणबद्ध तरीके से एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन तो बहाल कर दिया लेकिन पैसेंजर ट्रेनों को संचालित करना विभाग भूल गया।
ऐसे में जहां अप/डाउन लखनऊ-वाराणसी पैसेंजर, प्रतापगढ़-लखनऊ पैसेंजर, लखनऊ-प्रतापगढ़ पैसेंजर, प्रयाग-लखनऊ पैसेंजर व बरेली-प्रयाग पैसेंजर ट्रेन का संचालन आज तक बहाल नहीं हुआ है।
इन ट्रेनों के संचालित नहीं होने से ट्रैक पर पड़ने वाले छोटे स्टेशनों के यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। यात्रियों को यात्रा के लिए अधिक खर्च के साथ निजी या किराए के वाहन का साहरा लेना पड़ रहा है तो विभाग को भी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
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पैसेजर ट्रेन संचालित नहीं होने से जिले के मिसरौली, तालाखजुरी, बनी, कासिमपुर व फुसरतगंज समेत ट्रैक के अन्य स्टेशनों पर ठहराव की एक भी ट्रेन नहीं होने से रेलवे स्टेशन मात्र यात्रियों के लिए दिखावा साबित हो रहे हैं।
स्टेशन अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि यात्रियों की मांग पर उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर पैसेंजर ट्रेनों को संचालित करने का अनुरोध किया गया है। ट्रेन संचालन संबंधी निर्णय उच्चाधिकारी स्तर पर होना है। ट्रेन संचालित नहीं होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है।
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मार्च 2020 तक लखनऊ-प्रतापगढ़-वाराणसी रेल ट्रैक के छोटे स्टेशनों के यात्रियों की सुविधा के लिए विभाग पांच जोड़ी पैसेंजर ट्रेन संचालित करता था। 22 मार्च 2020 को कोविड संक्रमण का प्रारंभ होने के बाद विभाग ने ट्रैक की सभी ट्रेनों को निरस्त कर दिया था।
संक्रमण कम होने के बाद चरणबद्ध तरीके से एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन तो बहाल कर दिया लेकिन पैसेंजर ट्रेनों को संचालित करना विभाग भूल गया।
ऐसे में जहां अप/डाउन लखनऊ-वाराणसी पैसेंजर, प्रतापगढ़-लखनऊ पैसेंजर, लखनऊ-प्रतापगढ़ पैसेंजर, प्रयाग-लखनऊ पैसेंजर व बरेली-प्रयाग पैसेंजर ट्रेन का संचालन आज तक बहाल नहीं हुआ है।
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इन ट्रेनों के संचालित नहीं होने से ट्रैक पर पड़ने वाले छोटे स्टेशनों के यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। यात्रियों को यात्रा के लिए अधिक खर्च के साथ निजी या किराए के वाहन का साहरा लेना पड़ रहा है तो विभाग को भी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
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पैसेजर ट्रेन संचालित नहीं होने से जिले के मिसरौली, तालाखजुरी, बनी, कासिमपुर व फुसरतगंज समेत ट्रैक के अन्य स्टेशनों पर ठहराव की एक भी ट्रेन नहीं होने से रेलवे स्टेशन मात्र यात्रियों के लिए दिखावा साबित हो रहे हैं।
स्टेशन अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि यात्रियों की मांग पर उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर पैसेंजर ट्रेनों को संचालित करने का अनुरोध किया गया है। ट्रेन संचालन संबंधी निर्णय उच्चाधिकारी स्तर पर होना है। ट्रेन संचालित नहीं होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है।