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अफसरों ने ही दी थी वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी
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02 : गौरीगंज : आयुक्त खाद्य एवं रसद की ओर से जारी पत्र। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। बड़ी संख्या में अपात्रों द्वारा राशन लिए जाने व कार्रवाई के डर से राशन कार्ड सरेंडर करने के मामले में शासन भले ही अपना पल्ला झाड़ रहा हो लेकिन वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है। वास्तविकता यह है कि लोगों द्वारा कार्ड सरेंडर की कवायद शासन-प्रशासन की ओर से जारी लिखित आदेश के बाद ही शुरू हुई। जिले की बात करें तो आयुक्त खाद्य की ओर से जारी लिखित आदेश के बाद डीएम की ओर से भी लिखित आदेश जारी कर ऐसे लोगों से अपना कार्ड सरेंडर करने की अपील की गई थी जो पात्रता की श्रेणी में न आते हों। इसके अलावा पत्र में यह भी कहा गया था कि जांच में अपात्र मिलने की स्थिति में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत लोगों को राशन की परेशानी से बचाने के लिए जिले में 70,378 अंत्योदय कार्ड तो 2,80,727 पात्र गृहस्थी कार्ड जिले में बनाए गए हैं। आयुक्त खाद्य एवं रसद सौरभ बाबू ने 11 मई को डीएम व डीएसओ को पत्र जारी किया था। पत्र मेें राशन कार्डों के सत्यापन का अभियान संचालित करने को कहा गया था।
इसके लिए गठित टीम को निर्धारित मानक के अनुसार उपभोक्ताओं की पात्रता/अपात्रता का परीक्षण करने व सत्यापनोपरांत अपात्रों के कार्ड निरस्त कर पात्रों का कार्ड बनाने को कहा था। पत्र के क्रम संख्या ख के बिंदु-3 पर आयुक्त ने डीएम व डीएसओ को इस आशय की अपील करने का भी निर्देश दिया था कि जो कार्डधारक पात्रता सूची से बाहर आकर अपात्र हैं वह स्वयं अपना राशन कार्ड समर्पित कर दें। इतना ही नहीं आयुक्त ने डीएम व डीएसओ को प्रत्येक शुक्रवार को सत्यापन अभियान की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप पर देने को भी कहा था। आयुक्त का पत्र मिलने के बाद डीएम राकेश कुमार मिश्र ने 19 मई को आयुक्त के पत्र का उल्लेख करते हुए एसडीएम को जांच टीम गठित कर सत्यापन कराने तथा अपील करने की जिम्मेदारी दी थी।
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डीएसओ ने 26 अप्रैल को जारी की थी विज्ञप्ति
आयुक्त खाद्य ने 11 मई व डीएम द्वारा 19 मई को इस संबंध में भले ही आदेश जारी किया गया हो लेकिन जिले में डीएसओ की ओर से इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति 24 दिन पहले 26 अप्रैल को ही जारी कर दी थी। डीएसओ संजय कुमार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में अपात्र परिवारों से स्वत: राशन कार्ड समर्पित करने की अपील की थी। पत्र में ही ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में राशन कार्ड धारक की पात्रता भी स्पष्ट की गई थी। विज्ञप्ति में पात्रता के सत्यापन के दौरान अपात्र मिलने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी।
अब तक सरेंडर हुए 2993 कार्ड
अपात्रों से राशन कार्ड समर्पण की अपील के बाद से पूर्ति निरीक्षक कार्यालयों में उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ रही है। सोमवार तक पूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार अमेठी तहसील में अंत्योदय योजना के 22 तो पात्र गृहस्थी योजना के 715 कार्ड जमा हुए हैं। इसी तरह मुसाफिरखाना में अंत्योदय के 38 तो पात्र गृहस्थी के 1024 तो तिलोई में अंत्योदय के 41 व पात्र गृहस्थी के 352 कार्ड सरेंडर हुए हैं। गौरीगंज तहसील में अंत्योदय के 40 तो पात्र गृहस्थी के 761 उपभोक्ताओं ने कार्ड सरेंडर किए हैं।
मौखिक था रिकवरी आदेश
अपात्रों से राशन कार्ड सरेंडर की अपील के साथ रिकवरी का लिखित आदेश नहीं होने के बावजूद अफसरों ने इसके संबंध में मौखिक आदेश दिया। अफसरों का मानना था कि मौखिक रिकवरी आदेश से अपात्र उपभोक्ता स्वयं कार्ड जमा कर देंगे। फिलहाल अफसरों के मौखिक आदेश के भय से ही लोगों ने कार्ड सरेंडर किए।
नियमित सत्यापन से जुड़ा था आदेश
जिला पूर्ति अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि जिले में उनकी ओर से जारी विज्ञप्ति नियमित सत्यापन के तो डीएम की ओर से जारी आदेश आयुक्त खाद्य के आदेश के क्रम में जारी हुई थी। इस संबंध में शासन का जो भी आदेश होगा उसका पालन किया जाएगा।
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत लोगों को राशन की परेशानी से बचाने के लिए जिले में 70,378 अंत्योदय कार्ड तो 2,80,727 पात्र गृहस्थी कार्ड जिले में बनाए गए हैं। आयुक्त खाद्य एवं रसद सौरभ बाबू ने 11 मई को डीएम व डीएसओ को पत्र जारी किया था। पत्र मेें राशन कार्डों के सत्यापन का अभियान संचालित करने को कहा गया था।
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इसके लिए गठित टीम को निर्धारित मानक के अनुसार उपभोक्ताओं की पात्रता/अपात्रता का परीक्षण करने व सत्यापनोपरांत अपात्रों के कार्ड निरस्त कर पात्रों का कार्ड बनाने को कहा था। पत्र के क्रम संख्या ख के बिंदु-3 पर आयुक्त ने डीएम व डीएसओ को इस आशय की अपील करने का भी निर्देश दिया था कि जो कार्डधारक पात्रता सूची से बाहर आकर अपात्र हैं वह स्वयं अपना राशन कार्ड समर्पित कर दें। इतना ही नहीं आयुक्त ने डीएम व डीएसओ को प्रत्येक शुक्रवार को सत्यापन अभियान की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप पर देने को भी कहा था। आयुक्त का पत्र मिलने के बाद डीएम राकेश कुमार मिश्र ने 19 मई को आयुक्त के पत्र का उल्लेख करते हुए एसडीएम को जांच टीम गठित कर सत्यापन कराने तथा अपील करने की जिम्मेदारी दी थी।
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डीएसओ ने 26 अप्रैल को जारी की थी विज्ञप्ति
आयुक्त खाद्य ने 11 मई व डीएम द्वारा 19 मई को इस संबंध में भले ही आदेश जारी किया गया हो लेकिन जिले में डीएसओ की ओर से इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति 24 दिन पहले 26 अप्रैल को ही जारी कर दी थी। डीएसओ संजय कुमार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में अपात्र परिवारों से स्वत: राशन कार्ड समर्पित करने की अपील की थी। पत्र में ही ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में राशन कार्ड धारक की पात्रता भी स्पष्ट की गई थी। विज्ञप्ति में पात्रता के सत्यापन के दौरान अपात्र मिलने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी।
अब तक सरेंडर हुए 2993 कार्ड
अपात्रों से राशन कार्ड समर्पण की अपील के बाद से पूर्ति निरीक्षक कार्यालयों में उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ रही है। सोमवार तक पूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार अमेठी तहसील में अंत्योदय योजना के 22 तो पात्र गृहस्थी योजना के 715 कार्ड जमा हुए हैं। इसी तरह मुसाफिरखाना में अंत्योदय के 38 तो पात्र गृहस्थी के 1024 तो तिलोई में अंत्योदय के 41 व पात्र गृहस्थी के 352 कार्ड सरेंडर हुए हैं। गौरीगंज तहसील में अंत्योदय के 40 तो पात्र गृहस्थी के 761 उपभोक्ताओं ने कार्ड सरेंडर किए हैं।
मौखिक था रिकवरी आदेश
अपात्रों से राशन कार्ड सरेंडर की अपील के साथ रिकवरी का लिखित आदेश नहीं होने के बावजूद अफसरों ने इसके संबंध में मौखिक आदेश दिया। अफसरों का मानना था कि मौखिक रिकवरी आदेश से अपात्र उपभोक्ता स्वयं कार्ड जमा कर देंगे। फिलहाल अफसरों के मौखिक आदेश के भय से ही लोगों ने कार्ड सरेंडर किए।
नियमित सत्यापन से जुड़ा था आदेश
जिला पूर्ति अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि जिले में उनकी ओर से जारी विज्ञप्ति नियमित सत्यापन के तो डीएम की ओर से जारी आदेश आयुक्त खाद्य के आदेश के क्रम में जारी हुई थी। इस संबंध में शासन का जो भी आदेश होगा उसका पालन किया जाएगा।