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Amethi News: पुलिसकर्मियों की गश्त पर अब रहेगी क्यूआर कोड से नजर
Thu, 16 Jan 2025 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 16 Jan 2025 12:41 AM IST
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क्यूआर कोड चस्पा करते पुलिसकर्मी।
अमेठी सिटी। पुलिसकर्मियों की गश्त पर अब क्यूआर कोड से नजर रखी जाएगी। पुलिसकर्मी अपने क्षेत्र में गश्त करने जाएंगे तो उन्हें क्यूआर कोड को स्कैन कर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। पहले चरण में अपराध की दृष्टि से हॉटस्पॉट घोषित किए गए चार सर्किल के 10-10 स्थलों पर यह व्यवस्था प्रभावी की गई है। जल्द ही क्यूआर कोड से निगरानी की यह व्यवस्था शहर से लेकर गांवों तक में लागू कर दी जाएगी।
पुलिस प्रशासन की ओर से आपराधिक घटनाओं पर हाइटेक तरीके से नियंत्रण करने की कवायद शुरू की गई है। इसके तहत क्यूआर कोड आधारित ई बीट सिस्टम लागू किया गया। पहले चरण में गौरीगंज, अमेठी, मुसाफिरखाना व तिलोई सर्किल में अपराध की दृष्टि के हॉटस्पॉट बन चुके 10-10 स्थानों पर यह योजना लागू की गई है। इन स्थानों पर क्यूआर कोड लगवा दिया गया है। इसके बाद जल्द ही सभी गांवों व प्रमुख चौराहों पर भी योजना लागू की जाएगी। यहां भी क्यूआर कोड लगवाया जाएगा। क्यूआर कोड लगने के बाद अब उस बीट का सिपाही वहां जाएगा तो उसे अपने मोबाइल से स्कैन करेगा। जिसके बाद उसकी लोकेशन के साथ ही एसपी और निगरानी सेल में मेसेज पहुंच जाएगा। इसके लिए निगरानी सेल का गठन भी किया गया है। इसके साथ ही बीट सिपाही को एक रजिस्टर रखना होगा, जिसमें रोजाना अलग-अलग दो लोगों का ब्योरा दर्ज करना होगा। बताना होगा कि उनसे क्या बात की गई है।
एसपी के मुताबिक इस तरह बीट सिपाही गांव में जरूर जाएगा और जानकारी में हर गतिविधि रहेगी। जिससे अपराध को कम किया जा सकता है।
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पुलिस प्रशासन की ओर से आपराधिक घटनाओं पर हाइटेक तरीके से नियंत्रण करने की कवायद शुरू की गई है। इसके तहत क्यूआर कोड आधारित ई बीट सिस्टम लागू किया गया। पहले चरण में गौरीगंज, अमेठी, मुसाफिरखाना व तिलोई सर्किल में अपराध की दृष्टि के हॉटस्पॉट बन चुके 10-10 स्थानों पर यह योजना लागू की गई है। इन स्थानों पर क्यूआर कोड लगवा दिया गया है। इसके बाद जल्द ही सभी गांवों व प्रमुख चौराहों पर भी योजना लागू की जाएगी। यहां भी क्यूआर कोड लगवाया जाएगा। क्यूआर कोड लगने के बाद अब उस बीट का सिपाही वहां जाएगा तो उसे अपने मोबाइल से स्कैन करेगा। जिसके बाद उसकी लोकेशन के साथ ही एसपी और निगरानी सेल में मेसेज पहुंच जाएगा। इसके लिए निगरानी सेल का गठन भी किया गया है। इसके साथ ही बीट सिपाही को एक रजिस्टर रखना होगा, जिसमें रोजाना अलग-अलग दो लोगों का ब्योरा दर्ज करना होगा। बताना होगा कि उनसे क्या बात की गई है।
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एसपी के मुताबिक इस तरह बीट सिपाही गांव में जरूर जाएगा और जानकारी में हर गतिविधि रहेगी। जिससे अपराध को कम किया जा सकता है।