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Amethi News: डायलिसिस यूनिट में आई नई मशीन, मरीजों को मिलेगी राहत
Sun, 27 Oct 2024 02:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 27 Oct 2024 02:17 AM IST
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अमेठी सिटी। जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में एक नई डायलिसिस मशीन आ गई है। कंपनी से इंजीनियर आने के बाद जल्द ही मशीन का इंस्टॉलेशन होगा। मशीन संचालित होने के बाद मरीजों को वेटिंग से राहत मिलेगी। किसी अन्य मशीन में खराबी आने के बाद मरीजों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
गौरीगंज स्थित जिला अस्पताल के डायलिसिस यूनिट में कुल छह मशीनें है, जिसमें से पांच निगेटिव मरीजों के लिए हैं। जबकि एक मशीन से वायरस पॉजिटिव मरीजों की डायलिसिस की जाती है। मशीनों के संचालन व डायलिसिस के लिए पूरा स्टाफ है। यहां प्रभारी के अलावा चार टेक्नीशियन व एक स्टाफ नर्स है। अवकाश को छोड़कर इन सभी मशीनों पर प्रतिदिन करीब 18 मरीजों की डायलिसिस होती है।
औसतन प्रतिमाह करीब 480 मरीजों की डायलिसिस होती है। ऐसे में निगेटिव किसी मशीन में खराबी आने के बाद करीब तीन से अधिक मरीजों की वेटिंग हो जाती थी। ऐसे में जरूरतमंद मरीजों को डायलिसिस के लिए भटकना पड़ता था। मरीजों की परेशानी देखते हुए स्वास्थ्य महकमे की ओर से एक नई मशीन का ऑर्डर दिया गया था। डायलिसिस प्रभारी अंकित शुक्ल ने बताया कि डायलिसिस के लिए मरीजों को पहले से ही तारीख दी जाती है। ऐसे में किसी मशीन में खराबी आने के बाद मरीजों की वेटिंग हो जाती है। नई मशीन आ गई है, जो बैकअप का कार्य करेगी। अब मरीजों को मशीन में खराबी आने के बाद भी इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि बैकअप के लिए नई डायलिसिस मशीन मंगाई गई थी। जो अस्पताल में आ गई है। जल्द ही मशीन का इंस्टॉलेशन कराया जाएगा। इससे मरीजों को राहत मिलेगी।
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गौरीगंज स्थित जिला अस्पताल के डायलिसिस यूनिट में कुल छह मशीनें है, जिसमें से पांच निगेटिव मरीजों के लिए हैं। जबकि एक मशीन से वायरस पॉजिटिव मरीजों की डायलिसिस की जाती है। मशीनों के संचालन व डायलिसिस के लिए पूरा स्टाफ है। यहां प्रभारी के अलावा चार टेक्नीशियन व एक स्टाफ नर्स है। अवकाश को छोड़कर इन सभी मशीनों पर प्रतिदिन करीब 18 मरीजों की डायलिसिस होती है।
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औसतन प्रतिमाह करीब 480 मरीजों की डायलिसिस होती है। ऐसे में निगेटिव किसी मशीन में खराबी आने के बाद करीब तीन से अधिक मरीजों की वेटिंग हो जाती थी। ऐसे में जरूरतमंद मरीजों को डायलिसिस के लिए भटकना पड़ता था। मरीजों की परेशानी देखते हुए स्वास्थ्य महकमे की ओर से एक नई मशीन का ऑर्डर दिया गया था। डायलिसिस प्रभारी अंकित शुक्ल ने बताया कि डायलिसिस के लिए मरीजों को पहले से ही तारीख दी जाती है। ऐसे में किसी मशीन में खराबी आने के बाद मरीजों की वेटिंग हो जाती है। नई मशीन आ गई है, जो बैकअप का कार्य करेगी। अब मरीजों को मशीन में खराबी आने के बाद भी इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि बैकअप के लिए नई डायलिसिस मशीन मंगाई गई थी। जो अस्पताल में आ गई है। जल्द ही मशीन का इंस्टॉलेशन कराया जाएगा। इससे मरीजों को राहत मिलेगी।