फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   Moon sighted, first fast today

Amethi News: चांद का हुआ दीदार, पहला रोजा आज

Sun, 02 Mar 2025 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Sun, 02 Mar 2025 12:35 AM IST
विज्ञापन
Moon sighted, first fast today
अमेठी सिटी। चांद का दीदार होने के बाद माह-ए-रमजान का पहला रोजा रविवार से शुरू हो रहा है। मस्जिदों में शनिवार को तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रात 8:05 बजे मस्जिदों पर तरावीह की नमाज के साथ ही रोजा और इबादत का सिलसिला शुरू हो गया। बाजार में खजूर, सेवईं, चिप्स और फल आदि की दुकानें सजी रहीं।
विज्ञापन



मुस्लिम धर्म में रमजान का महीना बहुत ही पाक (पवित्र) माना जाता है। पाक माहे-ए-रमजान के पूरे माह रोजा रखने के साथ जकात और पांचों वक्त की नमाज अदा करते हैं। जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना साजिद रजा खान ने बताया कि अल्लाह ने सभी मुस्लिमों पर रोजा फर्ज किया है। रोजा रखने वालों की सभी नेक दुआएं अल्लाह जरूर कुबूल करते हैं। रमजान माह में एक नेकी के बदले 70 नेकियों का सवाब मिलता है। इसलिए मुसलमानों को रोजा रखने, कुरान-ए-पाक की तिलावत करने, पांचों वक्त की नमाज व तरावीह पढ़ने के साथ गरीबों की मदद करनी चाहिए।
विज्ञापन



पाक माह-ए-रमजान में नमाज पाबंदी से अदा करें और कुरान खूब पढ़ें। ईशा की फर्ज नमाज के बाद तरावीह की नमाज में कुरान पाक एक बार सुनना या पढ़ना सुन्नत है। एक रोजे की पूरी एक तरावीह (20) रकअत अदा की जाए। रोजा रखने के लिए सहरी खाना सुन्नत है। इस लिए सहरी हरगिज न छोड़ें। ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद करें।
विज्ञापन
विज्ञापन





13 घंटे का होगा पहला रोजा
मुकद्दस पाक माह-ए-रमजान का रविवार को पहला रोजा सबसे कम 13 घंटे का होगा, जबकि आखिरी रोजा सबसे ज्यादा 13 घंटे 30 मिनट का रहेगा। जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना साजिद रजा खान ने कहा कि रोजे में इबादत पर ज्यादा जोर दें, शरीर को तकलीफ देने वाले कामों से बचें। रोजा इस्लाम के पांच बुनियादी फर्ज में से एक रोजा भी है।





मस्जिदों में की गई सफाई


कमरौली (अमेठी)। कमरौली के कठौरा में स्थित नूर मस्जिद के पेश इमाम मौलाना तौकीर आलम ने बताया कि रमजान में इशा की नमाज के बाद 20 रकअत तरावीह की नमाज मर्द और औरत दोनों के लिए सुन्नते मुअक्कदा है। बिना वजह तरावीह छोड़ना या 20 से कम रकअत पढ़ना गुनाह माना जाता है। इस दौरान बाजार में लोग सहरी का इंतजाम करते दिखे। टोपी और कुर्ता व पाजामा खरीदने के लिए भीड़ लगी रही। तरावीह की नमाज के लिए मस्जिदों में सफाई की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed