फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   Money demanded in the name of marriage grant

विवाह अनुदान के नाम पर मांगे जा रहे पैसे

Sat, 08 Jan 2022 11:06 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 08 Jan 2022 11:06 PM IST
विज्ञापन
Money demanded in the name of marriage grant
गौरीगंज (अमेठी)। समाज कल्याण विभाग में व्यक्तिगत शादी-विवाह योजना के लिए आवेदन करने वालों से फोन कर पैसे मांगे जा रहे हैं। लाभार्थियों से पैसा मांगने वाला स्वयं को लखनऊ समाज कल्याण कार्यालय का कर्मी बताते हुए अलग-अलग राशि की मांग रहा है। इतना ही नहीं लाभार्थियों के व्हाट्सएप नंबर पर आवेदन के संलग्न दस्तावेज भेजते हुए पैसा नहीं देने पर अनुदान निरस्त करने की धमकी भी दे रहा है।
विज्ञापन

शासन की ओर गरीब परिवार की पुत्रियों के विवाह के लिए शादी-विवाह योजना संचालित की जाती है। योजना में वर्गवार बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया है। आवेदन करने के बाद अनुदान का इंतजार कर रहे लाभार्थियों के पास इन दिनों समाज कल्याण कार्यालय लखनऊ का पता बताते हुए अलग-अलग नाम से फोन आ रहे हैं।
विज्ञापन

फोन करना वाला स्वयं को निदेशक समाज कल्याण विभाग का कर्मचारी बताता है। फोन करने वाला लाभार्थियों से कहता है कि आपका आवेदन जांच के बाद स्वीकृत हो चुका है। अनुदान राशि किसी को 32 हजार तो किसी को 51 हजार बताते हुए डीडी तैयार होने की बात कहते हुए अंतरण से पहले अपने खाते में अलग-अलग राशि भेजने की मांग करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

फोन करने वाला व्यक्ति लाभार्थियों के व्हाट्स एप नंबर पर आवेदन फार्म के साथ संलग्न दस्तावेज भेजते हुए मांगी जा रही राशि नहीं भेजने पर आवेदन निरस्त करने की धमकी दे रहा है। फोन आने के बाद कई लाभार्थी झांसे में आकर पैसा दे भी चुके हैं तो कई लाभार्थियों ने मामले की शिकायत विभाग के साथ जिला प्रशासन से की है।
गौरीपुर के विमल चंद्र दुबे के साथ जामो के कटारी गांव की परवीना, गौरीगंज के लुगरी गांव की राजपती समेत कई लाभार्थियों ने फोन आने की जानकारी देते हुए बताया कि पैसे की मांग की गई थी, उन्होंने धनराशि देने से मना कर दिया।
विभाग को बदनाम कर रहे हैकर्स
जिला समाज कल्याण अधिकारी आरके शर्मा ने कहा कि जिले के साथ प्रदेश के कई अन्य जिलों की वेबसाइट हैक की गई थी। मामले की जानकारी के बाद आईडी पासवर्ड बदल दिया गया है। शर्मा ने लोगों से किसी की बात में नहीं आने की अपील करते हुए धन न देने को कहा है।

बताया कि आवेदन ऑनलाइन स्वीकृत होता है जिसके बाद पीएफएमएस पोर्टल से खाते में अनुदान राशि अंतरित होती है। इस प्रक्रिया में कोई भी कुछ नहीं कर सकता है। शर्मा ने लोगों से सावधान रहने की बात कहते हुए कहा है कि योजना से जुड़ी कोई भी जानकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed