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Amethi News: पुलिस के रडार पर कई संदिग्ध जनसेवा केंद्र, जांच जारी
Sat, 10 Aug 2024 05:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 10 Aug 2024 05:54 AM IST
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अमेठी सिटी। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनने के मामले में पुलिस ने एक जनसेवा केंद्र संचालक को जेल भेजने के बाद कई और संदिग्ध जनसेवा केंद्रों को अपने रडार पर ले लिया है। उनकी छानबीन की जा रही है।
हालांकि, पुलिस टीम अभी जिले से बाहर के किसी संदिग्ध को नहीं पकड़ पाई। पुलिस अफसरों का दावा है कि इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच जारी है। इनके नेटवर्क में जो भी शामिल होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जामो इलाके के बलभद्रपुर गांव की बालिका आयुषी का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनने का मामला प्रकाश में आने पर गौरीगंज सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव सौरभ ने 30 जुलाई को मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे में पुलिस ने जामो में राज कंप्यूटर के नाम से जनसेवा केंद्र संचालित करने वाले रमेश कुमार प्रजापति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोप है कि इसी ने आयुषी का फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाया था।
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आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस के रडार पर कुछ और जनसेवा केंद्र संदेह के दायरे में आए हैं। पुलिस उनका खाका तैयार कर रही है। ऐसे संदिग्ध जनसेवा केंद्रों के बारे में पुलिस गहनता से जांच पड़ताल कर रही है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वालों के आकाओं तक पहुंचने में जुटी है। मामले में एक संदिग्ध की मुंबई में लोकेशन मिली थी। हालांकि पुलिस उसे अभी तक पकड़ नहीं पाई है। एसपी अनूप कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में गहनता से जांच पड़ताल चल रही है। अन्य जनसेवा केंद्रों के बारे में जांच कराई जा रही है।
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हालांकि, पुलिस टीम अभी जिले से बाहर के किसी संदिग्ध को नहीं पकड़ पाई। पुलिस अफसरों का दावा है कि इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच जारी है। इनके नेटवर्क में जो भी शामिल होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जामो इलाके के बलभद्रपुर गांव की बालिका आयुषी का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनने का मामला प्रकाश में आने पर गौरीगंज सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव सौरभ ने 30 जुलाई को मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे में पुलिस ने जामो में राज कंप्यूटर के नाम से जनसेवा केंद्र संचालित करने वाले रमेश कुमार प्रजापति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोप है कि इसी ने आयुषी का फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाया था।
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आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस के रडार पर कुछ और जनसेवा केंद्र संदेह के दायरे में आए हैं। पुलिस उनका खाका तैयार कर रही है। ऐसे संदिग्ध जनसेवा केंद्रों के बारे में पुलिस गहनता से जांच पड़ताल कर रही है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वालों के आकाओं तक पहुंचने में जुटी है। मामले में एक संदिग्ध की मुंबई में लोकेशन मिली थी। हालांकि पुलिस उसे अभी तक पकड़ नहीं पाई है। एसपी अनूप कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में गहनता से जांच पड़ताल चल रही है। अन्य जनसेवा केंद्रों के बारे में जांच कराई जा रही है।