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Amethi News: कृष्ण-सुदामा की मित्रता से लें सीख

Mon, 10 Mar 2025 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Mon, 10 Mar 2025 12:47 AM IST
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Learn from the friendship of Krishna and Sudama
जामों (अमेठी)। मित्र हमारे जीवन के हर सुख-दुख के साथी होते हैं। देश में मित्रता की बहुत सी कहानियां हैं, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा की मित्रता आज भी प्रासंगिक है। लोगों को इससे सीख लेनी चाहिए। ये बातें रामशाहपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन प्रवाचक डाॅ. महीधर शुक्ल महाराज ने कहीं।
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प्रवाचक ने बताया कि मानव जीवन में माता-पिता, गुरु और मित्र को विशेष स्थान दिया गया है। देश में भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा की मित्रता की मिसाल दी जाती है। कृष्ण भगवान एक राज परिवार में पैदा हुए थे और सुदामा ने ब्राह्मण के यहां जन्म लिया था। शिक्षा-दीक्षा होने के बाद भगवान श्रीकृष्ण राजा बनकर प्रजा का पालन-पोषण करने लगे, वहीं सुदामा के बुरे दिन की शुरुआत हो गई।
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बुरे दिनों से परेशान होकर उनकी पत्नी ने सुदामा को भगवान कृष्ण के पास भेजा। पत्नी की जिद पर सुदामा अपने बालसखा कृष्ण से मिलने द्वारिका गए। सुदामा की दयनीय स्थिति देख भगवान अपने आंसू नहीं रोक पाए। भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा की मित्रता अनन्य प्रेम को दर्शाती है। इस दौरान मुख्य यजमान प्रभावती तिवारी, पीके तिवारी, शोभनाथ तिवारी, सुरेंद्र कुमार तिवारी, रमाशंकर तिवारी, प्रमोद कुमार तिवारी आदि मौजूद रहे।
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