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Amethi News: गरीब बच्चों को निजी स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने का अंतिम मौका
Mon, 31 Jul 2023 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 31 Jul 2023 12:03 AM IST
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गौरीगंज(अमेठी)। अलाभित व गरीब परिवार को बच्चों को शिक्षित करने के लिए संचालित योजना में प्रवेश पाने का विभाग ने अंतिम मौका दिया है। तीन चरण में प्रवेश प्रक्रिया के बाद 1,228 बच्चों को प्रवेश दिलाया जाएगा। कई स्कूल आरक्षित सीट रिक्त होने के बाद विभाग ने दस अगस्त को आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने को कहा है। आवेदन के बाद 21 अगस्त को लाटरी से चयन कर बच्चों को निजी स्कूल में प्रवेश दिला शिक्षित किया जाएगा।
निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में गरीब व अलाभित समूह के छात्रों की पढ़ाई का सपना पूरा होगा। गरीब परिवार के बच्चे भी नजदीक के निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। निजी विद्यालयों को छात्रों संख्या 25 प्रतिशत गरीब छात्रों का प्रवेश करना होता है। जिले के 292 स्कूल की 25 प्रतिशत आरक्षित 3240 सीट में प्रवेश के तीन चरणोंं में आवेदन प्राप्त कर प्रवेश दिलाने की कोशिश पूरी हो चुकी है। तीन चरणों में योजना के तहत आवेदन के पात्र मिले 1,228 बच्चों को शिक्षित किया जा रहा है।
इसी बीच रिक्त सीटों पर निजी विद्यालयों में शासन के निर्देश के तहत दाखिला दिलाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है। योजना के तहत शैक्षिक सत्र में अंतिम मौका देते हुए विभाग ने एक से 10 अगस्त तक आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने कहा है।
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आवेदन के बाद 11 से 19 अगस्त तक सत्यापन प्रक्रिया, फिर 24 अगस्त को लाटरी के माध्यम से बच्चों का चयन योजना में किया जाएगा। चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में फीस नहीं देनी पड़ती। बच्चों की फीस विभाग स्कूल के खाते में अंतरित करता है। इसके अतिरिक्त काॅपी-किताब व यूनिफार्म के लिए पांच-पांच हजार रुपये अभिभावकों के खाते में भेजा जाता हैं।
लाॅटरी सिस्टम से होता है चयन
आरटीई के तहत दाखिला के लिए पहले निजी स्कूलों की मैपिंग होती है। स्कूल की 25 प्रतिशत आरक्षित सीट पर आवेदन प्राप्त कर सत्यापन करते हुए लाॅटरी सिस्टम से चयन किया जाता है। चयनित पात्र छात्रों का प्रवेश संबंधित विद्यालय में डीएम के अनुमोदन के बाद कराया जाता है।
संजय कुमार तिवारी, बीएसए
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निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में गरीब व अलाभित समूह के छात्रों की पढ़ाई का सपना पूरा होगा। गरीब परिवार के बच्चे भी नजदीक के निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। निजी विद्यालयों को छात्रों संख्या 25 प्रतिशत गरीब छात्रों का प्रवेश करना होता है। जिले के 292 स्कूल की 25 प्रतिशत आरक्षित 3240 सीट में प्रवेश के तीन चरणोंं में आवेदन प्राप्त कर प्रवेश दिलाने की कोशिश पूरी हो चुकी है। तीन चरणों में योजना के तहत आवेदन के पात्र मिले 1,228 बच्चों को शिक्षित किया जा रहा है।
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इसी बीच रिक्त सीटों पर निजी विद्यालयों में शासन के निर्देश के तहत दाखिला दिलाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है। योजना के तहत शैक्षिक सत्र में अंतिम मौका देते हुए विभाग ने एक से 10 अगस्त तक आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने कहा है।
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आवेदन के बाद 11 से 19 अगस्त तक सत्यापन प्रक्रिया, फिर 24 अगस्त को लाटरी के माध्यम से बच्चों का चयन योजना में किया जाएगा। चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में फीस नहीं देनी पड़ती। बच्चों की फीस विभाग स्कूल के खाते में अंतरित करता है। इसके अतिरिक्त काॅपी-किताब व यूनिफार्म के लिए पांच-पांच हजार रुपये अभिभावकों के खाते में भेजा जाता हैं।
लाॅटरी सिस्टम से होता है चयन
आरटीई के तहत दाखिला के लिए पहले निजी स्कूलों की मैपिंग होती है। स्कूल की 25 प्रतिशत आरक्षित सीट पर आवेदन प्राप्त कर सत्यापन करते हुए लाॅटरी सिस्टम से चयन किया जाता है। चयनित पात्र छात्रों का प्रवेश संबंधित विद्यालय में डीएम के अनुमोदन के बाद कराया जाता है।
संजय कुमार तिवारी, बीएसए