फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   Janata Hospital's license suspended in case of maternal death

Amethi News: प्रसूता की मौत के मामले में जनता हाॅस्पिटल का लाइसेंस निलंबित

Mon, 25 Sep 2023 12:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Mon, 25 Sep 2023 12:00 AM IST
विज्ञापन
Janata Hospital's license suspended in case of maternal death
मुसाफिरखाने में जनता अस्पताल में पूछताछ करती पुलिस।
मुसाफिरखाना (अमेठी)। प्रसूता की मौत के मामले में अब जनता हाॅस्पिटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। जांच में मिली कमियों के आधार पर अस्पताल संचालक को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब देने को कहा गया है। ऐसा न होने पर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी गई है। अस्पताल संचालक ने कहा है कि अभी नोटिस नहीं मिली है, मिलने पर जवाब दिया जाएगा। पूरे पहलवान गांव निवासी सुमन को प्रसव के लिए 15 सितंबर को जनता हाॅस्पिटल में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन से प्रसव कराया गया। आरोप है कि आपरेशन के कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद लखनऊ रेफर कर दिया गया। लेकिन लखनऊ में अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने के बाद शुक्रवार को अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगा पुलिस को तहरीर दी।
विज्ञापन

प्रकरण का संज्ञान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के लेने के बाद एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद, डिप्टी सीएमओ डॉ. पीके उपाध्याय और जिला अस्पताल के स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. विजय गुप्ता की टीम ने जांच की। जांच में मिली कमियों के आधार पर रिपोर्ट सीएमओ को दी गई।
विज्ञापन

सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि टीम की रिपोर्ट के आधार पर जनता हाॅस्पिटल मुसाफिरखाना का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जवाद नहीं देने पर पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, अस्पताल संचालक डॉ. संत कुमार तिवारी का कहना है कि अभी हमें कोई नोटिस नहीं मिली है। जब नोटिस मिलेगी, उसका जवाब देंगे। वह लखनऊ में है। लापरवाही के सवाल पर कहा कि जब मरीज ही डॉक्टर बनने लगे तो हम क्या बोलें। मुसाफिरखाना कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार सिंह ने भी शिकायत के आधार पर पहुंचकर जानकारी ली है।


जांच में मिली कमियां एक नजर में
- 15 सितंबर की सुबह 10 बजे प्रसव के लिए प्रसूता को भर्ती किया गया। ऑनकाल चिकित्सक एमबीबीएस डीजीओ डॉ. शैलेंद्र कुमार जायसवाल ने मरीज का ऑपरेशन किया। इसके दो घंटे बाद ब्लीडिंग होने पर मरीज का उपचार किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से न कराके संचालक बीएएमएस चिकित्सक डॉ. संत कुमार तिवारी ने किया।
- मरीज के खून की जांच रिपोर्ट के अनुसार उसका ब्लड ग्रुप बी निगेटिव था। यह बहुत दुर्लभ ब्लड ग्रुप है। मरीज के ऑपरेशन के पहले रक्त की व्यवस्था अस्पताल प्रशासन को करनी चाहिए लेकिन, वह नहीं की गई। ओटी में प्री एंड पोस्ट एनेस्थेटिक नोट्स बीएचटी पर दर्ज नहीं किया गया।

- जांच में पाया गया कि 15 सितंबर को मरीज का ब्लड प्रेशर दोपहर एक बजे से ही कम होना शुरू हो गया। तीन बजे तक मरीज का ब्लड प्रेशर धीरे-धीरे कम होता गया। संचालक का कहना है कि मरीज को गंभीर अवस्था में चार बजे रेफर किया गया। उधर, भर्ती अभिलेख के मुताबिक मरीज को साढ़े चार बजे इंजेक्शन दिया गया। इसमें भी लापरवाही मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed