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Amethi News: पुल नहीं बना तो टूटेगा एक लाख आबादी का संपर्क
Fri, 03 Jul 2026 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 03 Jul 2026 12:45 AM IST
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संग्रामपुर स्थित मालदी नदी पुल का हो रहा निर्माण। -संवाद
संग्रामपुर। मानसून की दस्तक के साथ टिकरिया के पास मालती नदी पर बन रहे पुल का निर्माण पूरा न होने से क्षेत्र के करीब एक लाख की आबादी की परेशानी व चिंता बढ़ गई है। अमेठी-संग्रामपुर मार्ग पर आवागमन फिलहाल वैकल्पिक कच्चे रास्ते से हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तेज बारिश होने पर पिछले वर्ष की तरह यह मार्ग बह सकता है। ऐसे में अमेठी और संग्रामपुर का सीधा संपर्क टूट जाने से लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करना पड़ेगी।
करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल अमेठी-संग्रामपुर मार्ग की महत्वपूर्ण कड़ी है। प्रतापगढ़ जाने वाले वाहन भी बड़ी संख्या में इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। सोमवार और शुक्रवार को भी मां कालिकन धाम में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। आसपास के कई गांवों के लोगों का जिला मुख्यालय, तहसील, अस्पताल और बाजार तक आने-जाने का भी यह प्रमुख रास्ता है। पिछले वर्ष बरसात में वैकल्पिक मार्ग तीन बार बह गया था। जिससे कई दिनों तक यातायात बाधित रहा था।
इलाके के लोगों को लंबा चक्कर लगाकर सफर करना पड़ा था। निर्माण कार्य पूरा न हो पाने से बरसात शुरू होते ही इस बार भी ग्रामीणों को बीते वर्ष जैसे हालात होने का अंदेशा सताने लगा है। निर्माण स्थल पर पुल का मुख्य ढांचा तैयार हो चुका है। एप्रोच मार्ग और अंतिम फिनिशिंग का कार्य जारी है।
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टिकरिया निवासी बृजेश मिश्र ने बताया कि पुल बनने से बरसात में होने वाली परेशानी दूर हो सकेगी। क्षेत्रीय लोगों ने बारिश तेज होने से पहले निर्माण कार्य पूरा कराए जाने की मांग भी प्रशासन से की है। उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार ने बताया कि पुल का निर्माण अंतिम चरण में है। शेष कार्य तेजी से पूरा कराया जा रहा है। 15 जुलाई तक निर्माण कार्य पूरा कर आवागमन शुरू कराने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
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करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल अमेठी-संग्रामपुर मार्ग की महत्वपूर्ण कड़ी है। प्रतापगढ़ जाने वाले वाहन भी बड़ी संख्या में इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। सोमवार और शुक्रवार को भी मां कालिकन धाम में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। आसपास के कई गांवों के लोगों का जिला मुख्यालय, तहसील, अस्पताल और बाजार तक आने-जाने का भी यह प्रमुख रास्ता है। पिछले वर्ष बरसात में वैकल्पिक मार्ग तीन बार बह गया था। जिससे कई दिनों तक यातायात बाधित रहा था।
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इलाके के लोगों को लंबा चक्कर लगाकर सफर करना पड़ा था। निर्माण कार्य पूरा न हो पाने से बरसात शुरू होते ही इस बार भी ग्रामीणों को बीते वर्ष जैसे हालात होने का अंदेशा सताने लगा है। निर्माण स्थल पर पुल का मुख्य ढांचा तैयार हो चुका है। एप्रोच मार्ग और अंतिम फिनिशिंग का कार्य जारी है।
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टिकरिया निवासी बृजेश मिश्र ने बताया कि पुल बनने से बरसात में होने वाली परेशानी दूर हो सकेगी। क्षेत्रीय लोगों ने बारिश तेज होने से पहले निर्माण कार्य पूरा कराए जाने की मांग भी प्रशासन से की है। उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार ने बताया कि पुल का निर्माण अंतिम चरण में है। शेष कार्य तेजी से पूरा कराया जा रहा है। 15 जुलाई तक निर्माण कार्य पूरा कर आवागमन शुरू कराने का पूरा प्रयास किया जाएगा।