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मैं हिंदू, नरेंद्र मोदी हिंदुत्ववादी : राहुल गांधी
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अमेठी। जगदीशपुर से पांच किलोमीटर की पदयात्रा कर हारीमऊ पहुंचे राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर रखा। राहुल ने लोगों सेे कहा कि नरेंद्र मोदी लगातार झूठ बोलते हैं। उन्होंने देश से किया एक भी वादा पूरा नहीं किया। इस दौरान पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने स्वयं को ‘हिन्दू’ और पीएम मोदी को हिंदुत्ववादी बताते हुए इसकी लंबी व्याख्या भी की।
राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री यहां आए, लोगों से झूठे वादे किए। कहा, अमेठी को एके-203 राइफल बनाने की फैक्टरी भाजपा ने दी। पूरी दुनिया जानती है कि यह फैक्टरी कांग्रेस ने दी। उनका किसी से कोई पारिवारिक रिश्ता नहीं। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री ने गंगा स्नान किया। मेरे साथ देश ने भी पहली बार देखा कि एक आदमी अकेला गंगा में स्नान कर रहा है। योगी को हटा दिया। राजनाथ को बाहर फेंक दिया। यह और कोई नहीं कर सकता।
चुटकी लेते हुए कहा कि नरेंद्र (प्रधानमंत्री) जब छोटे थे तो मगरमच्छ से लड़े थे। लेकिन मुझे लग रहा था कि उन्हें तैरना नहीं आता। मुश्किल सेे हाथ फैलाकर इसकी कोशिश कर रहे थे। राहुल ने स्वयं को हिंदू व पीएम को हिंदुत्ववादी बताते हुए कहा कि हिंदू धर्म की बात होती है। हो रही है पूरे देश में, दुनिया में। लोगों से पूछा कि हिंदू क्या होता है। क्या हिंदू झूठा होता है। हिंदू का मतलब वह व्यक्ति जो पूरी जिंदगी सच्चाई की राह पर चलता है। जो डर के सामने सिर नहीं झुकाता। जो अपने डर को क्रोध और नफरत में नहीं बदलता। वह हिंदू है।
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इसके सबसे बेहतर उदाहरण महात्मा गांधी हैं। पूरी जिंदगी सच को समझने में लगा दी। किताब लिखी माई ‘एक्सपेरीमेंट विद ट्रुथ’। इसीलिए देश ने उन्हें महात्मा कहा, हिंदू कहा। नाथूराम गोड्से- हिंदुत्ववादी। उसे किसी ने महात्मा नहीं कहा। नाथूराम ने हिंदू की छाती में तीन गोलियां मारीं। सच बोलने वाले को गोली मारी। नाथूराम कमजोर था। कायर था। डर का सामना नहीं कर सका। कहा कि हिंदू अकेले गंगा स्नान नहीं करता। करोड़ों के साथ करता है।
राहुल ने कहा कि वे पीएम को इसलिए भी हिंदुत्ववादी कह रहे कि उन्होंने सच्चाई की रक्षा नहीं की। दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया। नहीं दिया। कहा चीन की सेना नहीं आई। सच्चाई यह कि चीन ने देश की एक हजार किलोमीटर भू-भाग पर कब्जा कर लिया। तीन कृषि कानून बनाए। कहा यह किसानों के हित में है। इसके विरोध में किसानों एक वर्ष तक आंदोलन किया। पीएम ने देश के किसानों को खलिस्तानी कहा। एक साल बाद डर गए। कानून वापस ले लिया। माफी भी मांग ली। कहा जो डर गया वह सब कुछ हो सकता है लेकिन हिंदू हरगिज नहीं हो सकता।
राहुल ने मंच पर खड़े होते ही कहा कि उन्हें यहां आकर खुशी महसूस हो रही है। भाषण के आरंभ में ही अमेठी के लोगों से अपने और अपने रिश्ते की बात की। कहा, अमेठी सेे उनका, उनके परिवार का पुराना दिली रिश्ता है। यह कभी समाप्त नहीं हो सकता। यह रिश्ता लंबा चलेगा। राजनीति में लोग झूठ बोलते हैं। मैं यहां राजनीति करने नहीं आता। न झूठ बोलता हूं। न ऐसा करने की जरूरत है।
राहुल गांधी ने कहा कि जब हम छोटे थे तो पापा (राजीव गांधी) के साथ अमेठी आते थे। उस समय यहां सड़कें नहीं थीं। कई गांव तालाब बन जाते थे। वहां जाने के लिए गांठ भर पानी से होकर जाना पड़ता था। कांग्रेस ने यहां सड़कों का जाल बिछाया। देेश में सबसे ज्यादा एनएच अमेठी से होकर गुजरते हैं। अमेठी को इसका फायदा हुआ। आगे और फायदा होगा। हमने एफडीडीआई, एचएएल, बीएचईएल, गन फैक्टरी, रेलवे स्टेशन, रेल लाइन, पेट्रोलियम संस्थान समेत तमाम ऐसे बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया जो ऐतिहासिक रहे।
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राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री यहां आए, लोगों से झूठे वादे किए। कहा, अमेठी को एके-203 राइफल बनाने की फैक्टरी भाजपा ने दी। पूरी दुनिया जानती है कि यह फैक्टरी कांग्रेस ने दी। उनका किसी से कोई पारिवारिक रिश्ता नहीं। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री ने गंगा स्नान किया। मेरे साथ देश ने भी पहली बार देखा कि एक आदमी अकेला गंगा में स्नान कर रहा है। योगी को हटा दिया। राजनाथ को बाहर फेंक दिया। यह और कोई नहीं कर सकता।
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चुटकी लेते हुए कहा कि नरेंद्र (प्रधानमंत्री) जब छोटे थे तो मगरमच्छ से लड़े थे। लेकिन मुझे लग रहा था कि उन्हें तैरना नहीं आता। मुश्किल सेे हाथ फैलाकर इसकी कोशिश कर रहे थे। राहुल ने स्वयं को हिंदू व पीएम को हिंदुत्ववादी बताते हुए कहा कि हिंदू धर्म की बात होती है। हो रही है पूरे देश में, दुनिया में। लोगों से पूछा कि हिंदू क्या होता है। क्या हिंदू झूठा होता है। हिंदू का मतलब वह व्यक्ति जो पूरी जिंदगी सच्चाई की राह पर चलता है। जो डर के सामने सिर नहीं झुकाता। जो अपने डर को क्रोध और नफरत में नहीं बदलता। वह हिंदू है।
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इसके सबसे बेहतर उदाहरण महात्मा गांधी हैं। पूरी जिंदगी सच को समझने में लगा दी। किताब लिखी माई ‘एक्सपेरीमेंट विद ट्रुथ’। इसीलिए देश ने उन्हें महात्मा कहा, हिंदू कहा। नाथूराम गोड्से- हिंदुत्ववादी। उसे किसी ने महात्मा नहीं कहा। नाथूराम ने हिंदू की छाती में तीन गोलियां मारीं। सच बोलने वाले को गोली मारी। नाथूराम कमजोर था। कायर था। डर का सामना नहीं कर सका। कहा कि हिंदू अकेले गंगा स्नान नहीं करता। करोड़ों के साथ करता है।
राहुल ने कहा कि वे पीएम को इसलिए भी हिंदुत्ववादी कह रहे कि उन्होंने सच्चाई की रक्षा नहीं की। दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया। नहीं दिया। कहा चीन की सेना नहीं आई। सच्चाई यह कि चीन ने देश की एक हजार किलोमीटर भू-भाग पर कब्जा कर लिया। तीन कृषि कानून बनाए। कहा यह किसानों के हित में है। इसके विरोध में किसानों एक वर्ष तक आंदोलन किया। पीएम ने देश के किसानों को खलिस्तानी कहा। एक साल बाद डर गए। कानून वापस ले लिया। माफी भी मांग ली। कहा जो डर गया वह सब कुछ हो सकता है लेकिन हिंदू हरगिज नहीं हो सकता।
राहुल ने मंच पर खड़े होते ही कहा कि उन्हें यहां आकर खुशी महसूस हो रही है। भाषण के आरंभ में ही अमेठी के लोगों से अपने और अपने रिश्ते की बात की। कहा, अमेठी सेे उनका, उनके परिवार का पुराना दिली रिश्ता है। यह कभी समाप्त नहीं हो सकता। यह रिश्ता लंबा चलेगा। राजनीति में लोग झूठ बोलते हैं। मैं यहां राजनीति करने नहीं आता। न झूठ बोलता हूं। न ऐसा करने की जरूरत है।
राहुल गांधी ने कहा कि जब हम छोटे थे तो पापा (राजीव गांधी) के साथ अमेठी आते थे। उस समय यहां सड़कें नहीं थीं। कई गांव तालाब बन जाते थे। वहां जाने के लिए गांठ भर पानी से होकर जाना पड़ता था। कांग्रेस ने यहां सड़कों का जाल बिछाया। देेश में सबसे ज्यादा एनएच अमेठी से होकर गुजरते हैं। अमेठी को इसका फायदा हुआ। आगे और फायदा होगा। हमने एफडीडीआई, एचएएल, बीएचईएल, गन फैक्टरी, रेलवे स्टेशन, रेल लाइन, पेट्रोलियम संस्थान समेत तमाम ऐसे बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया जो ऐतिहासिक रहे।