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Amethi News: खुद को थानाध्यक्ष बताकर 70 हजार रुपये ठगे
Sun, 25 May 2025 12:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 25 May 2025 12:24 AM IST
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संग्रामपुर (अमेठी)। क्षेत्र के उत्तरगांव निवासी ऋषि कुमार यादव के साथ साइबर ठगी हुई है। उन्होंने संग्रामपुर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की लेकिन एक हफ्ते बाद भी पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ऋषि कुमार यादव के मुताबिक 12 मई को उनकी बहन के आभूषण चोरी हो गए थे। उन्होंने इस मामले की शिकायत ऑनलाइन, थाने और पुलिस अधिकारियों से की थी। 16 मई को एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को संग्रामपुर का थानाध्यक्ष बताकर कॉल किया और कहा कि वह आभूषण वापस दिला देगा। दोषियों पर कार्रवाई भी करेगा लेकिन इसके बदले 70 हजार रुपये की मांग की।
ठग ने चार अलग-अलग क्यूआर कोड भेजकर फोन-पे एप के माध्यम से 70 हजार रुपये ठग लिए। जब ऋषि को शक हुआ तो मोबाइल नंबर की जांच करवाई जिससे पता चला कि वह व्यक्ति फर्जी है। इसके बाद वह रकम वापस पाने व कार्रवाई के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
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ऋषि का कहना है कि 17 मई से लगातार वह शिकायत कर रहे हैं, शनिवार को भी शिकायत की। इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। 70 हजार रुपये नहीं सिर्फ सात हजार रुपये की ठगी होने की जानकारी मिली है। सर्विलांस सेल व साइबर थाने की मदद से मोबाइल नंबर की जांच करवाई जा रही है। जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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ऋषि कुमार यादव के मुताबिक 12 मई को उनकी बहन के आभूषण चोरी हो गए थे। उन्होंने इस मामले की शिकायत ऑनलाइन, थाने और पुलिस अधिकारियों से की थी। 16 मई को एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को संग्रामपुर का थानाध्यक्ष बताकर कॉल किया और कहा कि वह आभूषण वापस दिला देगा। दोषियों पर कार्रवाई भी करेगा लेकिन इसके बदले 70 हजार रुपये की मांग की।
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ठग ने चार अलग-अलग क्यूआर कोड भेजकर फोन-पे एप के माध्यम से 70 हजार रुपये ठग लिए। जब ऋषि को शक हुआ तो मोबाइल नंबर की जांच करवाई जिससे पता चला कि वह व्यक्ति फर्जी है। इसके बाद वह रकम वापस पाने व कार्रवाई के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
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ऋषि का कहना है कि 17 मई से लगातार वह शिकायत कर रहे हैं, शनिवार को भी शिकायत की। इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। 70 हजार रुपये नहीं सिर्फ सात हजार रुपये की ठगी होने की जानकारी मिली है। सर्विलांस सेल व साइबर थाने की मदद से मोबाइल नंबर की जांच करवाई जा रही है। जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।