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Amethi News: अनियमितता मामले में प्रधान पर होगी एफआईआर
Sun, 24 Nov 2024 03:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 24 Nov 2024 03:07 AM IST
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अमेठी सिटी। जिले के भादर विकास खंड की मोचवा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को लेकर अनियमितता की जांच की जा रही थी, जिसमें जांच टीम ने मामले में अनियमितता पाई है। ऐसे में जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने ग्राम प्रधान पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
भादर विकास खंड की मोचवा ग्राम पंचायत में वर्ष 2015 से 2020 के दौरान शौचालय निर्माण, आवास योजना, मनरेगा आदि कार्य से संबंधित मामलों में ग्रामीणों ने शिकायत की थी। जिसमें एडीएम की जांच के बाद ग्राम प्रधान व सचिव से रिकवरी भी कराई गई थी। वहीं बाद में चुनाव होने पर ग्राम प्रधान किरन मौर्य ने दोबारा जीत दर्ज की। ऐसे में फिर से मामले की शिकायत हुई, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन के राज्य सलाहकार सुशील पांडेय, एडीपीआरओ रमेश चंद्र उपाध्याय व उपनिदेशक पंचायतीराज एसएन सिंह की जांच कमेटी बनाई गई।
कमेटी ने जांच में पाया है कि ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन व अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता हुई है। पहले हुई जांच में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई है। जॉबकार्ड में अनियमितता के लिए ग्राम पंचायत के रोजगार सेवक के साथ तत्कालीन पंचायत सचिव को कमेटी ने दोषी माना है। डीपीआरओ मनोज कुमार त्यागी ने बताया कि इस मामले में डीएम के निर्देश पर एडीओ पंचायत गुलाब को पत्र लिखकर ग्राम प्रधान पर एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं अन्य जिम्मेदारों पर कार्रवाई के लिए जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए तथा डीसी मनरेगा को पत्र लिखा गया है।
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भादर विकास खंड की मोचवा ग्राम पंचायत में वर्ष 2015 से 2020 के दौरान शौचालय निर्माण, आवास योजना, मनरेगा आदि कार्य से संबंधित मामलों में ग्रामीणों ने शिकायत की थी। जिसमें एडीएम की जांच के बाद ग्राम प्रधान व सचिव से रिकवरी भी कराई गई थी। वहीं बाद में चुनाव होने पर ग्राम प्रधान किरन मौर्य ने दोबारा जीत दर्ज की। ऐसे में फिर से मामले की शिकायत हुई, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन के राज्य सलाहकार सुशील पांडेय, एडीपीआरओ रमेश चंद्र उपाध्याय व उपनिदेशक पंचायतीराज एसएन सिंह की जांच कमेटी बनाई गई।
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कमेटी ने जांच में पाया है कि ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन व अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता हुई है। पहले हुई जांच में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई है। जॉबकार्ड में अनियमितता के लिए ग्राम पंचायत के रोजगार सेवक के साथ तत्कालीन पंचायत सचिव को कमेटी ने दोषी माना है। डीपीआरओ मनोज कुमार त्यागी ने बताया कि इस मामले में डीएम के निर्देश पर एडीओ पंचायत गुलाब को पत्र लिखकर ग्राम प्रधान पर एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं अन्य जिम्मेदारों पर कार्रवाई के लिए जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए तथा डीसी मनरेगा को पत्र लिखा गया है।
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