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Amethi News: मांगोंं को लेकर सड़क पर उतरे किसान, किया प्रदर्शन
Wed, 27 Nov 2024 01:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 27 Nov 2024 01:12 AM IST
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अमेठी सिटी। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के आह्वान पर मंगलवार को जिला मुख्यालय पर किसान संगठन के पदाधिकारियों ने लंबित मांगों को लेकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को संबाेधित 12 सूत्री ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट, उत्तर प्रदेश किसान सभा, अखिल भारतीय किसान सभा, किसान संग्राम समिति उत्तर प्रदेश, किसान संग्राम समिति युवा मंच, किसान आंदोलन आदि के पदाधिकारी व कार्यकर्ता जिला मुख्यालय स्थित सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां पर राष्ट्रपति को संबोधित 12 सूत्री ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून बनाने, चार श्रम संहिताओं को निरस्त व श्रम की आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा को समाप्त करने, रोजगार मुहैया कराने की मांग रखी। वहीं संगठित, असंगठित और कृषि क्षेत्र के सभी मजदूरों के लिए 26000 रुपये प्रति माह का राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा लागू करने की भी मांग की। कहा कि किसान ऋण माफी, राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन को खत्म किया जाए। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों व सेवाओं स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली का निजीकरण न किया जाए।
कोई प्रीपेड स्मार्ट मीटर समाप्त कर कृषि पंपों के लिए मुफ्त बिजली, घरेलू उपयोगकर्ताओं और दुकानों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाए। डिजिटल कृषि मिशन (डीएएम), राष्ट्रीय सहयोग नीति और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ आईसीएआर समझौते को रोका जाए।
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भूमि अधिग्रहण को समाप्त कर भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 और वन अधिकार कानून लागू किया जाए। मनरेगा में 200 दिन का काम और 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी योजना को कृषि, पशुपालन के लिए वाटरशेड योजना से जोड़ने, फसलों और मवेशियों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा योजना, काश्तकारों को फसल बीमा और अन्य सभी योजना लाभ सुनिश्चित करने, सभी योजनाओं से वंचित 60 वर्ष की आयु से 10 हजार रुपये प्रति माह पेंशन, सार्वजनिक संपत्ति के निगमीकरण और लोगों को विभाजित करने के लिए विभाजनकारी नीतियों के उद्देश्य से कॉर्पोरेट-सांप्रदायिक नीतियों को खत्म किया जाए।
महिला सशक्तीकरण और फास्ट ट्रैक न्यायिक प्रणाली के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा को समाप्त किया जाए। इस मौके पर किसान नेता नफीस चंदेल, राकेश कुमार, सूर्यपाल यादव, गयाप्रसाद, प्रेम अचल, संजय कुमार, अशफाक अहमद आदि मौजूद रहे।
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट, उत्तर प्रदेश किसान सभा, अखिल भारतीय किसान सभा, किसान संग्राम समिति उत्तर प्रदेश, किसान संग्राम समिति युवा मंच, किसान आंदोलन आदि के पदाधिकारी व कार्यकर्ता जिला मुख्यालय स्थित सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां पर राष्ट्रपति को संबोधित 12 सूत्री ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून बनाने, चार श्रम संहिताओं को निरस्त व श्रम की आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा को समाप्त करने, रोजगार मुहैया कराने की मांग रखी। वहीं संगठित, असंगठित और कृषि क्षेत्र के सभी मजदूरों के लिए 26000 रुपये प्रति माह का राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा लागू करने की भी मांग की। कहा कि किसान ऋण माफी, राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन को खत्म किया जाए। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों व सेवाओं स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली का निजीकरण न किया जाए।
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कोई प्रीपेड स्मार्ट मीटर समाप्त कर कृषि पंपों के लिए मुफ्त बिजली, घरेलू उपयोगकर्ताओं और दुकानों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाए। डिजिटल कृषि मिशन (डीएएम), राष्ट्रीय सहयोग नीति और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ आईसीएआर समझौते को रोका जाए।
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भूमि अधिग्रहण को समाप्त कर भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 और वन अधिकार कानून लागू किया जाए। मनरेगा में 200 दिन का काम और 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी योजना को कृषि, पशुपालन के लिए वाटरशेड योजना से जोड़ने, फसलों और मवेशियों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा योजना, काश्तकारों को फसल बीमा और अन्य सभी योजना लाभ सुनिश्चित करने, सभी योजनाओं से वंचित 60 वर्ष की आयु से 10 हजार रुपये प्रति माह पेंशन, सार्वजनिक संपत्ति के निगमीकरण और लोगों को विभाजित करने के लिए विभाजनकारी नीतियों के उद्देश्य से कॉर्पोरेट-सांप्रदायिक नीतियों को खत्म किया जाए।
महिला सशक्तीकरण और फास्ट ट्रैक न्यायिक प्रणाली के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा को समाप्त किया जाए। इस मौके पर किसान नेता नफीस चंदेल, राकेश कुमार, सूर्यपाल यादव, गयाप्रसाद, प्रेम अचल, संजय कुमार, अशफाक अहमद आदि मौजूद रहे।