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Amethi News: यूरिया के लिए केंद्रों पर उमड़े किसान
Thu, 06 Aug 2026 12:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 06 Aug 2026 12:36 AM IST
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गौरीगंज इफको केंद्र पर बुधवार को लगी किसानों की कतार। संवाद
अमेठी सिटी। बारिश के बाद धान की फसल में यूरिया डालने का समय आते ही बुधवार को जिले के सरकारी खाद वितरण केंद्रों पर किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। साधन सहकारी समितियों और इफको केंद्रों के बाहर सुबह से लंबी कतारें लगी रहीं। बायोमीट्रिक सत्यापन में समय लगने से किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
जिले में 76 साधन सहकारी समितियां, चार इफको केंद्र और 31 इफको फ्रेंचाइजी संचालित हैं। निजी दुकानों पर यूरिया और डीएपी की टैगिंग की शिकायतों के चलते ज्यादातर किसान सरकारी केंद्रों पर पहुंचे। गौरीगंज, जगदीशपुर, मुसाफिरखाना और बाजारशुकुल के कई केंद्रों पर सुबह से देर तक भीड़ बनी रही।
बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद ही खाद वितरित होने से वितरण की गति धीमी रही। गौरीगंज के किसान श्यामशंकर ने बताया कि धान की फसल में इस समय यूरिया डालना जरूरी है, इसलिए सुबह ही केंद्र पहुंचना पड़ा। किसान लल्लन वर्मा ने कहा कि कई घंटे इंतजार के बाद खाद मिल सकी। राजबहादुर सिंह ने बताया कि खेतों में पर्याप्त नमी होने से ज्यादातर किसान एक साथ यूरिया लेने पहुंच रहे हैं।
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कृषि वैज्ञानिक लाल पंकज सिंह ने बताया कि बारिश के बाद धान की टॉप ड्रेसिंग का यह सबसे उपयुक्त समय है। समय पर यूरिया मिलने से फसल की बढ़वार बेहतर होती है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। हाल में रैक आने से किसी प्रकार की कमी नहीं है। निजी दुकानों पर टैगिंग की शिकायत मिलने पर निरीक्षण कराया जा रहा है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में 76 साधन सहकारी समितियां, चार इफको केंद्र और 31 इफको फ्रेंचाइजी संचालित हैं। निजी दुकानों पर यूरिया और डीएपी की टैगिंग की शिकायतों के चलते ज्यादातर किसान सरकारी केंद्रों पर पहुंचे। गौरीगंज, जगदीशपुर, मुसाफिरखाना और बाजारशुकुल के कई केंद्रों पर सुबह से देर तक भीड़ बनी रही।
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बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद ही खाद वितरित होने से वितरण की गति धीमी रही। गौरीगंज के किसान श्यामशंकर ने बताया कि धान की फसल में इस समय यूरिया डालना जरूरी है, इसलिए सुबह ही केंद्र पहुंचना पड़ा। किसान लल्लन वर्मा ने कहा कि कई घंटे इंतजार के बाद खाद मिल सकी। राजबहादुर सिंह ने बताया कि खेतों में पर्याप्त नमी होने से ज्यादातर किसान एक साथ यूरिया लेने पहुंच रहे हैं।
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कृषि वैज्ञानिक लाल पंकज सिंह ने बताया कि बारिश के बाद धान की टॉप ड्रेसिंग का यह सबसे उपयुक्त समय है। समय पर यूरिया मिलने से फसल की बढ़वार बेहतर होती है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। हाल में रैक आने से किसी प्रकार की कमी नहीं है। निजी दुकानों पर टैगिंग की शिकायत मिलने पर निरीक्षण कराया जा रहा है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।