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खाद न मिलने से मायूस होकर लौटे किसान

Wed, 24 Nov 2021 11:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Nov 2021 11:27 PM IST
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Farmers returned disappointed due to non-availability of fertilizers
भेटुआ (अमेठी)। रबी फसलों की बोआई के समय किसानों को उर्वरक के लिए भटकना पड़ रहा है। सरकारी केंद्रों पर किसान डीएपी खरीदने के लिए सुबह से लाइन में लग जाते हैं। केंद्र पर कम मात्रा में खाद आने से लाइन में लगे बड़ी संख्या में किसानों को मायूस हो वापस जाना पड़ रहा है। बुधवार को ब्लॉक मुख्यालय स्थित पीसीएफ केंद्र से भी बड़ी संख्या में किसानों को वापस जाना पड़ा।
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पीसीएफ केंद्र नौगिरवा पर डीएपी की खेप आने की सूचना पर बुधवार सुबह से ही भारी संख्या में किसान लाइन में लग गए। महिला व पुरुष किसान खाद पाने का इंतजार करने लगे। केंद्र पर महिला व पुरुष किसान को एक-एक करके खाद दी जा रही थी। केंद्र प्रभारी दल सिंगार पटेल ने डीएपी का वितरण शुरू किया। 11 बजते-बजते खाद समाप्त हो गई। सुबह से लाइन में लगे किसानों को खाद समाप्त होने के बाद निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
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केंद्र प्रभारी ने बताया कि पांच सौ बोरी डीएपी आई थी। किसान अपनी जरूरत के मुताबिक ही खाद ले रहे थे। बताया कि एक साथ बड़ी संख्या में किसानों के आ जाने से समस्या हो रही है। खाद न मिलने से मायूस किसान सरकार को कोसते हुए वापस चले गए।
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बंदोईया गांव निवासी धीरज तिवारी के अनुसार लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। कहा कि अमेठी में भी दो दिनों से दौड़ लगा रहे हैं लेकिन खाद नहीं मिल पाई। कहा कि किसान अब डीएम से मिलकर अपनी समस्या बताएंगे।
पूरे पद्मिन टिकरी गांव निवासी दद्दन प्रसाद ने बताया कि कुछ किसान 10 बोरी से भी अधिक डीएपी ले जा रहे हैं। वहीं उन जैसे बिना पहुंच वाले किसानों को एक बोरी भी खाद नहीं मिल पा रही है।
कई दिनों से केंद्र का चक्कर लगा रहे टिकरी गांव निवासी किसान राम अभिलाष यादव कहते हैं कि सारी समस्या सरकार की वजह से हो रही है। इस सरकार की लापरवाही के चलते किसानों को खाद की किल्लत झेलनी पड़ रही है।

रामापुर नौगिरवा गांव की निर्मला के अनुसार वह लगातार तीन दिन से केंद्र पर आ रही हैं। बावजूद इसके उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है। कहती हैं कि खाद न मिलने से ज्यादातर किसान रबी की फसलों की बोआई समय से नहीं कर पा रहे हैं।
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