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Amethi News: श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में टेका माथा
Mon, 19 Oct 2026 12:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 19 Oct 2026 12:23 AM IST
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संग्रामपुर स्थित कालिकन धाम में दर्शन-पूजन के लिए लगी श्रद्धालुओं की लगी कतार। -संवाद
अमेठी सिटी। शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर रविवार को देवी मंदिरों में मां दुर्गा की आराधना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मां महागौरी का विधि-विधान से पूजन कर सुख-समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना की। सुबह मंदिरों में घंटे-घड़ियाल की ध्वनि और मंत्रोच्चार के बीच पूजा शुरू हुई। श्रद्धालुओं ने मां को पुष्प, चुनरी, नारियल, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित किया।
गौरीगंज के दुर्गा देवी मंदिर, अमेठी के देवीपाटन मंदिर, सिंहपुर के मां अहोरवा भवानी धाम और संग्रामपुर के मां कालिकन धाम में श्रद्धालुओं ने माथा टेका। कई भक्तों ने मंदिर परिसर में बैठकर दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ किया। महिलाओं ने भजन गाए और आरती में शामिल होकर मां की स्तुति की।
अष्टमी पर घरों और मंदिरों में कन्या पूजन भी किया गया। कन्याओं को भोजन कराने के बाद लोगों ने उनका आशीर्वाद लिया और प्रसाद वितरित किया। आचार्य हेमंत पांडेय ने बताया कि शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर मां महागौरी की पूजा का विशेष महत्व है। मां महागौरी को शांति, पवित्रता और करुणा का प्रतीक माना जाता है।
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धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से मां की पूजा करने से मानसिक शांति मिलती है। कन्या पूजन के माध्यम से देवी शक्ति का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि पूजन के साथ कन्याओं का आदर, जरूरतमंदों की सहायता और सदाचार अपनाने का संकल्प भी लेना चाहिए।
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गौरीगंज के दुर्गा देवी मंदिर, अमेठी के देवीपाटन मंदिर, सिंहपुर के मां अहोरवा भवानी धाम और संग्रामपुर के मां कालिकन धाम में श्रद्धालुओं ने माथा टेका। कई भक्तों ने मंदिर परिसर में बैठकर दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ किया। महिलाओं ने भजन गाए और आरती में शामिल होकर मां की स्तुति की।
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अष्टमी पर घरों और मंदिरों में कन्या पूजन भी किया गया। कन्याओं को भोजन कराने के बाद लोगों ने उनका आशीर्वाद लिया और प्रसाद वितरित किया। आचार्य हेमंत पांडेय ने बताया कि शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर मां महागौरी की पूजा का विशेष महत्व है। मां महागौरी को शांति, पवित्रता और करुणा का प्रतीक माना जाता है।
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धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से मां की पूजा करने से मानसिक शांति मिलती है। कन्या पूजन के माध्यम से देवी शक्ति का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि पूजन के साथ कन्याओं का आदर, जरूरतमंदों की सहायता और सदाचार अपनाने का संकल्प भी लेना चाहिए।