फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   Congress gets command to stake claim in Amethi from alliance

Amethi News: गठबंधन से कांग्रेस को अमेठी में मिली दावेदारी की कमान

Thu, 22 Feb 2024 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Thu, 22 Feb 2024 12:28 AM IST
विज्ञापन
Congress gets command to stake claim in Amethi from alliance
अमेठी। लोकसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन में सीटों के बंटवारे के बाद अमेठी को लेकर स्थिति साफ हो गई है। अब यहां कांग्रेस प्रत्याशी उतारेगी, हालांकि उम्मीदवारी को लेकर अभी चेहरा साफ नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष से लेकर सभी अमेठी से राहुल गांधी के चुनाव लड़ने का संकेत दे रहे हैं, लेकिन न्याय यात्रा के दौरान जब कांग्रेस नेताओं ने राहुल से चुनाव लड़ने की मांग की तो वह मुस्कराकर निकल गए। फिलहाल, सीटों के बंटवारे के बाद सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल कहते हैं कि अमेठी राहुल गांधी की है। इसमें किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए। पार्टी कार्यकर्ता इसके लिए तैयारी कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस नेता अनुज त्रिपाठी का कहना है कि पार्टी यहां से पूरी तैयारी से चुनाव लड़ेगी। सपा जिलाध्यक्ष राम उदित यादव कहते हैं कि सीट बंटवारे की जानकारी मिली है। गठबंधन की सूचना सार्वजनिक होने के बाद बुधवार को कांग्रेस और सपा कार्यकर्ता खुश दिखे।
विज्ञापन

सपा नेता जयसिंह और कांग्रेस युवा नेता सौरभ मिश्रा ने लड्डू खिलाकर एक दूसरे को बधाई दी। वैसे यहां पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी दो दिन पहले ही राहुल गांधी को अमेठी से चुनाव लड़ने की चुनौती दे चुकी हैं। ऐसे में चुनावी रोमांच बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
विज्ञापन



अमेठी : खास-खास
- अमेठी सीट वर्ष 1967 में वजूद में आई। पहले सांसद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) के विद्या धर बाजपेयी थे। 1971 में भी उन्होंने जीत दर्ज की। 1977 के चुनाव में जनता पार्टी के रवींद्र प्रताप सिंह सांसद बने। 1980 में कांग्रेस के संजय गांधी ने चुनाव जीता। बाद में संजय गांधी की एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। इस कारण 1981 में उपचुनाव कराना पड़ा, जिसमें उनके भाई राजीव गांधी ने जीत दर्ज की। राजीव गांधी 1991 तक इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे। उनकी हत्या के बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस के सतीश शर्मा ने जीत हासिल की। 1996 में सतीश शर्मा फिर से निर्वाचित हुए। 1998 में भाजपा के संजय सिंह ने सतीश शर्मा को हराया। 1999-2004 तक सोनिया गांधी सांसद बनी। उनके बेटे राहुल गांधी 2004 में चुने गए। इसके बाद 2009 व 2014 में राहुल ने जीत दर्ज की। 2019 में वह भाजपा की स्मृति ईरानी से चुनाव हार गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article