{"_id":"62016da2260241213c2c1c18","slug":"congress-gave-ticket-who-fight-against-raga-in-loksabha-2009-amethi-news-lko616842331","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस ने अमेठी से आशीष शुक्ल को उतारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस ने अमेठी से आशीष शुक्ल को उतारा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गौरीगंज (अमेठी)। भाजपा के टिकट के बाद कांग्रेस ने भी अमेठी विधानसभा क्षेत्र की सीट पर अपना पत्ता खोल दिया है। डॉ. संजय सिंह को भाजपा प्रत्याशी बनाने के बाद पार्टी से बगावत करने वाले पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री आशीष शुक्ल को कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ने वाले आशीष शुक्ल बसपा के टिकट पर राहुल गांधी के खिलाफ ही 2009 में लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं।
कांग्रेस ने अब तक भाजपा से टिकट की दावेदारी कर रहे पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री व जिले के चर्चित ब्राह्मण नेता आशीष शुक्ल को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। 80 के दशक में राजनीति शुरू करने वाले आशीष शुक्ल ने 1989 में पहली बार भेटुआ से ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 2002 में वे वार्ड संख्या 35 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़े, जीत दर्ज की। 2002 में कांग्रेस ने उन्हें अमेठी से विधानसभा प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में वे दूसरे स्थान पर रहे, बाद में वे बसपा में शामिल हो गए।
2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में भी वे दूसरे स्थान पर रहे। इस चुनाव के बाद बसपा ने उन्हें खादी ग्रामोद्योग बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाकर दर्जा प्राप्त मंत्री बनाया। 2009 में बसपा ने उन्हें राहुल गांधी के मुकाबले अमेठी से लोकसभा चुनाव लड़ाया। इस चुनाव में भी वे राहुल के मुकाबले दूसरे नंबर पर रहे। 2012 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर बसपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस ने अब तक भाजपा से टिकट की दावेदारी कर रहे पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री व जिले के चर्चित ब्राह्मण नेता आशीष शुक्ल को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। 80 के दशक में राजनीति शुरू करने वाले आशीष शुक्ल ने 1989 में पहली बार भेटुआ से ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 2002 में वे वार्ड संख्या 35 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़े, जीत दर्ज की। 2002 में कांग्रेस ने उन्हें अमेठी से विधानसभा प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में वे दूसरे स्थान पर रहे, बाद में वे बसपा में शामिल हो गए।
विज्ञापन
2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में भी वे दूसरे स्थान पर रहे। इस चुनाव के बाद बसपा ने उन्हें खादी ग्रामोद्योग बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाकर दर्जा प्राप्त मंत्री बनाया। 2009 में बसपा ने उन्हें राहुल गांधी के मुकाबले अमेठी से लोकसभा चुनाव लड़ाया। इस चुनाव में भी वे राहुल के मुकाबले दूसरे नंबर पर रहे। 2012 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर बसपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन