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Amethi News: ठंड ने बढ़ाई बीपी व सांस के मरीजों की परेशानी
Wed, 31 Dec 2025 12:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 31 Dec 2025 12:23 AM IST
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जिला अस्पताल में मरीज का इलाज करते डॉक्टर। -संवाद
अमेठी सिटी। जिले में शीतलहर और गलन के प्रभाव से जनजीवन प्रभावित है। ठंडी हवा और लगातार गिरते तापमान की वजह से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। मंगलवार को ओपीडी में सबसे अधिक ब्लड प्रेशर व सांस के मरीज इलाज कराने पहुंचे। इसके अलावा सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार से पीड़ितों की भीड़ रही।
जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 275 मरीज सर्दी, खांसी और बुखार की समस्या लेकर पहुंचे। वहीं 80 से 90 मरीज उच्च रक्तचाप व सांस से संबंधित रहे। इनमें बुजुर्ग और बच्चे अधिक रहे। फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय ने बताया कि तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, गले में खराश, खांसी और जुकाम व बुखार के सामान्य लक्षण हैं। ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप बढ़ने की आशंका रहती है। वहीं लापरवाही बरतने से पुराने सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है।
ऐसे मरीज नियमित दवा लेते रहें और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने ऊनी कपड़े पहनने, सिर व कान ढककर रखने, नियमित व्यायाम करने और नमक व चीनी की मात्रा कम खाने की सलाह दी। साथ ही फल, सब्जियां और सूखे मेवों को आहार में शामिल करने की बात कही। सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। ठंड के मौसम में सतर्कता ही बचाव का सबसे बेहतर उपाय है।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 275 मरीज सर्दी, खांसी और बुखार की समस्या लेकर पहुंचे। वहीं 80 से 90 मरीज उच्च रक्तचाप व सांस से संबंधित रहे। इनमें बुजुर्ग और बच्चे अधिक रहे। फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय ने बताया कि तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, गले में खराश, खांसी और जुकाम व बुखार के सामान्य लक्षण हैं। ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप बढ़ने की आशंका रहती है। वहीं लापरवाही बरतने से पुराने सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है।
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ऐसे मरीज नियमित दवा लेते रहें और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने ऊनी कपड़े पहनने, सिर व कान ढककर रखने, नियमित व्यायाम करने और नमक व चीनी की मात्रा कम खाने की सलाह दी। साथ ही फल, सब्जियां और सूखे मेवों को आहार में शामिल करने की बात कही। सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। ठंड के मौसम में सतर्कता ही बचाव का सबसे बेहतर उपाय है।
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