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Amethi News: रुचि व क्षमता के अनुरूप चुनें कॅरिअर की राह
Sun, 23 Aug 2026 01:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 23 Aug 2026 01:01 AM IST
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अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों सॉन्ग मौजूद जिला विद्यालय निरीक्षक व अन्य
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अमेठी सिटी। श्री रणंजय इंटर कॉलेज गौरीगंज में शनिवार को आयोजित अमर उजाला संवाद में विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं और कॅरिअर को लेकर विशेषज्ञों से सवाल पूछे। उन्हें अपनी रुचि, क्षमता और लक्ष्य के अनुरूप क्षेत्र चुनने की सलाह दी गई। साथ ही परीक्षा की तैयारी के लिए अध्ययन की रणनीति और समय प्रबंधन की जानकारी दी गई।
डीआईओएस डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि विषयवार समय-सारिणी बनाकर पढ़ाई करें। कठिन विषयों को अधिक समय देने के साथ पुराने प्रश्नपत्र हल करें। निर्धारित समय में पेपर हल करने का अभ्यास परीक्षा में उपयोगी होगा। शिक्षाविद पंडित जगदंबा प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि कॅरिअर का चुनाव दूसरे की सफलता देखकर नहीं करना चाहिए। अपनी रुचि और क्षमता समझने के बाद संबंधित क्षेत्र की पढ़ाई और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी लेकर निर्णय लें।
उन्होंने कहा कि बड़े लक्ष्य को छोटे चरणों में बांटकर तैयारी करने से एकाग्रता बनी रहती है। अपनी प्रगति की समय-समय पर समीक्षा करनी चाहिए। प्रधानाचार्य डॉ. सुनील शुक्ला ने कहा कि विद्यार्थियों को लक्ष्य तय करने के बाद उसी के अनुरूप तैयारी की योजना बनानी चाहिए। पढ़ाई के लिए निर्धारित समय का नियमित पालन करें और कठिन विषयों में शिक्षकों की मदद लें।
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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास बनाए रखना जरूरी है। योजनाबद्ध पढ़ाई से समय का बेहतर उपयोग होगा और लक्ष्य हासिल करने में आसानी होगी। इस मौके पर अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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डीआईओएस डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि विषयवार समय-सारिणी बनाकर पढ़ाई करें। कठिन विषयों को अधिक समय देने के साथ पुराने प्रश्नपत्र हल करें। निर्धारित समय में पेपर हल करने का अभ्यास परीक्षा में उपयोगी होगा। शिक्षाविद पंडित जगदंबा प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि कॅरिअर का चुनाव दूसरे की सफलता देखकर नहीं करना चाहिए। अपनी रुचि और क्षमता समझने के बाद संबंधित क्षेत्र की पढ़ाई और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी लेकर निर्णय लें।
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उन्होंने कहा कि बड़े लक्ष्य को छोटे चरणों में बांटकर तैयारी करने से एकाग्रता बनी रहती है। अपनी प्रगति की समय-समय पर समीक्षा करनी चाहिए। प्रधानाचार्य डॉ. सुनील शुक्ला ने कहा कि विद्यार्थियों को लक्ष्य तय करने के बाद उसी के अनुरूप तैयारी की योजना बनानी चाहिए। पढ़ाई के लिए निर्धारित समय का नियमित पालन करें और कठिन विषयों में शिक्षकों की मदद लें।
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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास बनाए रखना जरूरी है। योजनाबद्ध पढ़ाई से समय का बेहतर उपयोग होगा और लक्ष्य हासिल करने में आसानी होगी। इस मौके पर अन्य शिक्षक मौजूद रहे।