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Amethi News: मालगाड़ी में आग लगने की खबर पर अफरातफरी
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10 : संग्रामपुर : रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को खड़ी कोयल लदी मालगाड़ी -संवाद
- फोटो : AMETHI
संग्रामपुर (अमेठी)। वाराणसी की तरफ से पानीपत को जा रही कोयला लदी मालगाड़ी के एक डब्बे में आग लगने की सूचना मिलते ही मिश्रौली स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंचे रेलवे के अधिकारी व कर्मियों की सूचना पर फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत से सभी डिब्बों का निरीक्षण किया। इस बीच रेलवे कर्मचारियों से लेकर फायर ब्रिगेड कर्मी व आम लोग भी हलकान रहे।
मंगलवार को कोयला लदी एक मालगाड़ी वाराणसी से लखनऊ होते हुए पानीपत के लिए जा रही थी। मालगाड़ी प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन से गुजर रही थी तभी एक डिब्बे से धुआं निकलता देख स्टेशन मास्टर को सूचना दी। स्टेशन मास्टर ने आग लगे डिब्बे में पानी डलवाकर तत्काल कंट्रोल रूम को सूचित करते हुए मिश्रौली रेलवे स्टेशन मास्टर व अधिकारियों को भी जानकारी दी। दो मालगाड़ी एक साथ जुड़ने के कारण यह मालगाड़ी 120 डिब्बों की हो गई थी।
वाराणसी से लखनऊ के बीच मिश्रौली स्टेशन ही ऐसा स्टेशन है जिस पर लांग हाल मेन ट्रैक बनाया गया है। अन्य स्टेशन पर इतनी बड़ी रेल गाड़ी रुकने की जगह नहीं है। रेलवे स्टेशन के अधिकारियों ने मिश्रौली स्टेशन पर आग पर काबू पाने के लिए दो फायर ब्रिगेड पहले ही मंगा लिए थे।
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120 डिब्बों की मालगाड़ी कसन से होते हुए जैसे ही मिश्रौली स्टेशन पर पहुंची लोगों की भीड़ मालगाड़ी को देखने के लिए जुट गई। हालांकि मिश्रौली स्टेशन पर आते ही आरपीएफ व फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने सभी डिब्बों को चेक किया। कहीं भी धुआं व आग नहीं दिखी। करीब दो घंटे बाद मालगाड़ी मिश्रौली स्टेशन से आगे के लिए रवाना की गई।
पहले ही कर लिए गए थे सारे इंतजाम
मिश्रौली स्टेशन मास्टर ने बताया कि कंट्रोल रूम से एक डिब्बे में आग लगने व इंजन में स्पार्किंग होने की जानकारी मिली थी। जिसके बाद जेई ट्रैक्शन ओएचई वैभव श्रीवास्तव को स्टेशन पर बुला लिया गया। मालगाड़ी के गार्ड व चालक को वाकी-टाकी के जरिए प्लेटफार्म नंबर एक पर मालगाड़ी खड़ी कराने के लिए कहा गया।
मालगाड़ी के आने के पहले ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां भी स्टेशन पर आकर आग बुझाने के लिए तैयार खड़ी थीं। इंजन से 27वें डिब्बे में आग लगी थी। प्रतापगढ़ स्टेशन पर पानी डाला गया था। स्टेशन पर वहां फायर ब्रिगेड आने की जगह नहीं थी, इसलिए यहां सुरक्षा के दृष्टिगत डिब्बों को दोबारा चेक कर आगे के लिए रवाना करने के लिए कहा गया था।
परेशानी रहे यात्री
मिश्रौली स्टेशन के दोनों प्लेटफार्म निर्माणाधीन हैं। इसी बीच प्लेटफार्म एक पर मालगाड़ी आ जाने के कारण पीआरएल ट्रेन को मेल लाइन पर मिश्रौली स्टेशन पर लाया गया। मालगाड़ी 120 डिब्बों की होने के कारण यात्रियों को पीआरएल तक जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ी।
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मंगलवार को कोयला लदी एक मालगाड़ी वाराणसी से लखनऊ होते हुए पानीपत के लिए जा रही थी। मालगाड़ी प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन से गुजर रही थी तभी एक डिब्बे से धुआं निकलता देख स्टेशन मास्टर को सूचना दी। स्टेशन मास्टर ने आग लगे डिब्बे में पानी डलवाकर तत्काल कंट्रोल रूम को सूचित करते हुए मिश्रौली रेलवे स्टेशन मास्टर व अधिकारियों को भी जानकारी दी। दो मालगाड़ी एक साथ जुड़ने के कारण यह मालगाड़ी 120 डिब्बों की हो गई थी।
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वाराणसी से लखनऊ के बीच मिश्रौली स्टेशन ही ऐसा स्टेशन है जिस पर लांग हाल मेन ट्रैक बनाया गया है। अन्य स्टेशन पर इतनी बड़ी रेल गाड़ी रुकने की जगह नहीं है। रेलवे स्टेशन के अधिकारियों ने मिश्रौली स्टेशन पर आग पर काबू पाने के लिए दो फायर ब्रिगेड पहले ही मंगा लिए थे।
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120 डिब्बों की मालगाड़ी कसन से होते हुए जैसे ही मिश्रौली स्टेशन पर पहुंची लोगों की भीड़ मालगाड़ी को देखने के लिए जुट गई। हालांकि मिश्रौली स्टेशन पर आते ही आरपीएफ व फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने सभी डिब्बों को चेक किया। कहीं भी धुआं व आग नहीं दिखी। करीब दो घंटे बाद मालगाड़ी मिश्रौली स्टेशन से आगे के लिए रवाना की गई।
पहले ही कर लिए गए थे सारे इंतजाम
मिश्रौली स्टेशन मास्टर ने बताया कि कंट्रोल रूम से एक डिब्बे में आग लगने व इंजन में स्पार्किंग होने की जानकारी मिली थी। जिसके बाद जेई ट्रैक्शन ओएचई वैभव श्रीवास्तव को स्टेशन पर बुला लिया गया। मालगाड़ी के गार्ड व चालक को वाकी-टाकी के जरिए प्लेटफार्म नंबर एक पर मालगाड़ी खड़ी कराने के लिए कहा गया।
मालगाड़ी के आने के पहले ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां भी स्टेशन पर आकर आग बुझाने के लिए तैयार खड़ी थीं। इंजन से 27वें डिब्बे में आग लगी थी। प्रतापगढ़ स्टेशन पर पानी डाला गया था। स्टेशन पर वहां फायर ब्रिगेड आने की जगह नहीं थी, इसलिए यहां सुरक्षा के दृष्टिगत डिब्बों को दोबारा चेक कर आगे के लिए रवाना करने के लिए कहा गया था।
परेशानी रहे यात्री
मिश्रौली स्टेशन के दोनों प्लेटफार्म निर्माणाधीन हैं। इसी बीच प्लेटफार्म एक पर मालगाड़ी आ जाने के कारण पीआरएल ट्रेन को मेल लाइन पर मिश्रौली स्टेशन पर लाया गया। मालगाड़ी 120 डिब्बों की होने के कारण यात्रियों को पीआरएल तक जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ी।