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Amethi News: अभिरुचि परीक्षा में गणित के सवालों में उलझे परीक्षार्थी
Thu, 01 Feb 2024 02:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 01 Feb 2024 02:09 AM IST
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अमेठी सिटी। राजकीय विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों की अभिरुचि का पता लगाने के लिए बुधवार को ओएमआर सीट पर परीक्षा हुई। 120 मिनट की परीक्षा में 80 सवालों के जवाब देने में परीक्षार्थियों के पसीने छूट गए। कुछ गणित के सवालों में उलझे तो कुछ को विज्ञान के सवालों ने परेशान किया। परीक्षा के बाद मूल्यांकन कर परियोजना की ओर से विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाते हुए डिजिटल साक्षरता विकसित की जाएगी।
जीजीआईसी, गौरीगंज में आयोजित अभिरुचि परीक्षा से बाहर निकली कक्षा-11 की छात्रा सरोजनी देवी ने बताया कि गणित के अंकीय सवाल बहुत कठिन आए थे। सवाल हल करने में समय बीत गया, 80 में सिर्फ 60 सवालों का ही जवाब दे पाई।
इंटर की पायल ने बताया कि विज्ञान वर्ग से शिक्षण कार्य नहीं कर रही है, ऐसे में विज्ञान के सवालों का सही जवाब देने में काफी परेशानी हुई। रुचिका ने बताया कि पहले से पता होता तो तैयारी अधिक की गई होती, लेकिन परीक्षा संतोषजनक रहीं।
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डीआईओएस रीता सिंह ने बताया कि परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में कौशल, जागरूकता, विज्ञान के ज्ञान का मूल्यांकन करते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास, सामाजिक-आर्थिक सरोकारों की समझ, मानविकी का ज्ञान एवं डिजिटल साक्षरता की समझ विकसित करते हुए नेतृत्व और उत्कृष्टता के बेहतर अवसर प्रदान करना है। परीक्षा के बाद परियोजना कार्यालय की ओर से मूल्यांकन करने के बाद रिपोर्ट दी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर विद्यार्थियों की शैक्षिक क्षमता बढ़ाने के लिए शिक्षण कार्य किया जाएगा।
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जीजीआईसी, गौरीगंज में आयोजित अभिरुचि परीक्षा से बाहर निकली कक्षा-11 की छात्रा सरोजनी देवी ने बताया कि गणित के अंकीय सवाल बहुत कठिन आए थे। सवाल हल करने में समय बीत गया, 80 में सिर्फ 60 सवालों का ही जवाब दे पाई।
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इंटर की पायल ने बताया कि विज्ञान वर्ग से शिक्षण कार्य नहीं कर रही है, ऐसे में विज्ञान के सवालों का सही जवाब देने में काफी परेशानी हुई। रुचिका ने बताया कि पहले से पता होता तो तैयारी अधिक की गई होती, लेकिन परीक्षा संतोषजनक रहीं।
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डीआईओएस रीता सिंह ने बताया कि परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में कौशल, जागरूकता, विज्ञान के ज्ञान का मूल्यांकन करते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास, सामाजिक-आर्थिक सरोकारों की समझ, मानविकी का ज्ञान एवं डिजिटल साक्षरता की समझ विकसित करते हुए नेतृत्व और उत्कृष्टता के बेहतर अवसर प्रदान करना है। परीक्षा के बाद परियोजना कार्यालय की ओर से मूल्यांकन करने के बाद रिपोर्ट दी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर विद्यार्थियों की शैक्षिक क्षमता बढ़ाने के लिए शिक्षण कार्य किया जाएगा।