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Amethi News: हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर दें जानवरों के हमलों की जानकारी
Tue, 17 Sep 2024 04:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 17 Sep 2024 04:02 AM IST
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अमेठी सिटी। जंगली जानवर के हमलों को लेकर वन विभाग सतर्क है। मानव वन्य जीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए विभाग ने कार्यालय में कंट्रोल रूम बना दिया है। विभाग ने 839435248 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। जंगली जानवर के हमले जैसी सूचना इस नंबर पर दी जा सकती है। सूचना पर वन विभाग के अधिकारी फौरन मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य करेंगे।
डीएफओ रणवीर मिश्र ने बताया कि जिले में मानव वन्यजीव संघर्ष की प्रभावी रोकथाम के लिए कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित किया जाएगा है। जिले में कहीं भी मानव वन्यजीव संघर्ष से संबंधित घटना हो तो इस नंबर पर अवगत कराएं, जिससे तत्काल कार्रवाई जाएगी।
जिले में गठित की गईं चार टीमें
वन विभाग ने जंगली जानवर के हमलों आदि को रोकने के लिए चार टीमें बनी हैं। गौरीगंज में क्षेत्रीय वन अधिकारी शिवाकांत शर्मा के साथ वन दरोगा रोहित कुमार मिश्रा, वनरक्षक कुंवर बहादुर सिंह, वनरक्षक उमाशंकर शुक्ल टीम में शामिल हैं। वहीं, दूसरी टीम में मुसाफिरखाना के क्षेत्रीय वन अधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव के साथ वन दरोगा नागेश मौर्य, वनरक्षक रामेश्वर प्रसाद, नियाज अहमद, अशफाक अहमद शामिल हैं। क्षेत्रीय वन अधिकारी तिलोई मोहम्मद जहीर मिर्जा के साथ उप क्षेत्रीय वन अधिकारी सचिन गौतम, वनरक्षक मुकेश यादव, महेंद्र प्रताप हैं। अमेठी क्षेत्र में वन दरोगा वृषकेतु श्रीवास्तव के साथ वन दरोगा सुरेंद्र प्रताप, वनरक्षक मोहम्मद शफीक, वनरक्षक रणवीर सिंह को जिम्मेदारी दी गई है।
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प्रभावित क्षेत्र में गश्त कर लोगों को करेंगे जागरूक
ये टीमें घटना की सूचना पर प्रभावित क्षेत्र का गश्त कर ग्रामीणों को जागरूक करेंगी। डीएफओ ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों जैसे गोमती नदी के किनारे, वन क्षेत्र के किनारे के ग्रामों में तथा अन्य सभी संभावित क्षेत्रों में नियमित गश्त कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। ये टीमें पुलिस का भी सहयोग लेंगी। टीम वन्य जीव के पग मार्क या पद चिह्न आदि के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष चिह्नों से संबंधित साक्ष्य भी एकत्रित करेंगी। टीम प्रत्येक घटना की सूचना तत्काल व्हाट्सएप, ईमेल, मोबाइल फोन के माध्यम से कंट्रोल रूम को देगी।
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डीएफओ रणवीर मिश्र ने बताया कि जिले में मानव वन्यजीव संघर्ष की प्रभावी रोकथाम के लिए कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित किया जाएगा है। जिले में कहीं भी मानव वन्यजीव संघर्ष से संबंधित घटना हो तो इस नंबर पर अवगत कराएं, जिससे तत्काल कार्रवाई जाएगी।
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जिले में गठित की गईं चार टीमें
वन विभाग ने जंगली जानवर के हमलों आदि को रोकने के लिए चार टीमें बनी हैं। गौरीगंज में क्षेत्रीय वन अधिकारी शिवाकांत शर्मा के साथ वन दरोगा रोहित कुमार मिश्रा, वनरक्षक कुंवर बहादुर सिंह, वनरक्षक उमाशंकर शुक्ल टीम में शामिल हैं। वहीं, दूसरी टीम में मुसाफिरखाना के क्षेत्रीय वन अधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव के साथ वन दरोगा नागेश मौर्य, वनरक्षक रामेश्वर प्रसाद, नियाज अहमद, अशफाक अहमद शामिल हैं। क्षेत्रीय वन अधिकारी तिलोई मोहम्मद जहीर मिर्जा के साथ उप क्षेत्रीय वन अधिकारी सचिन गौतम, वनरक्षक मुकेश यादव, महेंद्र प्रताप हैं। अमेठी क्षेत्र में वन दरोगा वृषकेतु श्रीवास्तव के साथ वन दरोगा सुरेंद्र प्रताप, वनरक्षक मोहम्मद शफीक, वनरक्षक रणवीर सिंह को जिम्मेदारी दी गई है।
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प्रभावित क्षेत्र में गश्त कर लोगों को करेंगे जागरूक
ये टीमें घटना की सूचना पर प्रभावित क्षेत्र का गश्त कर ग्रामीणों को जागरूक करेंगी। डीएफओ ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों जैसे गोमती नदी के किनारे, वन क्षेत्र के किनारे के ग्रामों में तथा अन्य सभी संभावित क्षेत्रों में नियमित गश्त कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। ये टीमें पुलिस का भी सहयोग लेंगी। टीम वन्य जीव के पग मार्क या पद चिह्न आदि के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष चिह्नों से संबंधित साक्ष्य भी एकत्रित करेंगी। टीम प्रत्येक घटना की सूचना तत्काल व्हाट्सएप, ईमेल, मोबाइल फोन के माध्यम से कंट्रोल रूम को देगी।