{"_id":"6692da0f9372114dc30c7624","slug":"bazarshukuls-power-cut-for-26-hours-due-to-underground-cable-burning-amethi-news-c-96-1-ame1002-122011-2024-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: भूमिगत केबल जलने से 26 घंटे गुल रही बाजारशुकुल की बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: भूमिगत केबल जलने से 26 घंटे गुल रही बाजारशुकुल की बिजली
Sun, 14 Jul 2024 01:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 14 Jul 2024 01:18 AM IST
विज्ञापन
फाॅल्ट ठीक करते कर्मी
बाजारशुकुल (अमेठी)। सप्ताह भर से बेपटरी चल रही बाजारशुकुल की बिजली व्यवस्था एक बार फिर चरमरा गई। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे कठौरा के पास 33 हजार केवी की अंडरग्राउंड केबल जलने से बाजारशुकुल और महोना उपकेंद्रों की बिजली शनिवार सुबह 10 बजे बहाल हुई। लगातार 26 घंटे तक दोनों उपकेंद्रों से जुड़ी करीब एक लाख आबादी बिजली पानी को तरस गई। खेती-किसानी का कार्य बाधित रहा। नलकूप नहीं चलने से धान की रोपाई ठप रही। बिजली आने के बाद भी लोगों की परेशानी दूर नहीं हो सकी। हर पांच से दस मिनट पर लाइन ट्रिप हो जा रही थी। इसके अलावा कई स्थानों पर लो वोल्टेज की समस्या बनी है।
नहीं चल सकीं चक्कियां, गेहूं की बोरियां डंप पड़ी
आएदिन 20 घंटे से अधिक की बिजली कटौती होने से क्षेत्र के छोटे और मझोले कारोबारियों को बड़ा झटका लगा है। आटा चक्कियों पर पीसने के लिए रखी गई गेहूं की बोरियां डंप पड़ी हैं। सरसों के तेल की पेराई नहीं हो पा रही है। समय से आटा-तेल नहीं मिलने से आमलोग परेशान हैं। इस धंधे से जुड़े लोग बिलभर की कमाई नहीं कर पा रहे हैं। यही हाल खराद मशीन व वेल्डिंग संचालकों का है। यहां काम करने वाले मिस्त्रियों को बैठे रहना पड़ रहा है। ऊपर से कारोबारियों को मिस्त्री व मजदूरों को बैठाकर मजदूरी देनी पड़ रही है। अपना काम लेकर पहुंचने वाले मशीन नहीं चल पाने की जानकारी होने के बाद अन्य कस्बों व बाजारों को रुख कर रहे हैं।
ई रिक्शा संचालकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा
बाजारशुकुल और महोना उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्र में करीब दो सौ अधिक ई-रिक्शा संचालक हैं। कोई अपना ई-रिक्शा खुद चलाता है तो किसी ने ड्राइवर रखा है। अधिकतर ई-रिक्शा चार्ज नहीं होने की वजह से खड़े हो गए हैं। ई-रिक्शा संचालकों की आजीविका के समक्ष संकट खड़ा हो गया है। ई-रिक्शा नहीं चल पाने से ग्रामीण अंचल के लोगों की आवाजाही की व्यवस्था गड़बड़ हो गई है। ई रिक्शा चालक राममिलन पाल ने बताया कि ई-रिक्शा को फुल चार्ज करने में 10 से 12 घंटे का समय लगता है। कुछ दिनों से इतनी बिजली ही नहीं मिल रही है कि ई-रिक्शा को फुल चार्ज किया जा सके। छोटे-बड़े रेस्टोरेंट का भी बुरा हाल है। फ्रीजर नहीं चलने से उसमें रखे खान-पान के सामान खराब हो जा रहे हैं। रेस्टोरेंट संचालक बीच-बीच में जनरेटर चलाकर किसी तरह व्यवस्था बना रहे हैं। बाजारशुकुल में ही ब्लॉक, सीएचसी, थाना, पोस्ट ऑफिस और बीआरसी जैसे सरकारी कार्यालय संचालित होते हैं। ब्लॉक, सीएचसी और थाने में बीच-बीच में जनरेटर चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
कारोबारियों ने बताया दर्द
बाजारशुकुल (अमेठी)। खराद मशीन चलाने वाले विवेक मिश्रा ने कहा कि चार दिन हो गया, एक पैसे नहीं मिले हैं। बिजली नहीं आने से खाली बैठे हैं। मोटर बाइंडिंग की दुकान करने वाले मैकेनिक शिवानंद तिवारी ने बताया कि चार-चार लोग काम करते है। काम शुरू करते ही बिजली चली जाती है। एकमात्र दुकान ही घर चलाने का जरिया है। कस्बे में संचालित रेस्टोरेंट संचालक रामकुमार मौर्य ने बताया कि बिना बिजली के आइसक्रीम, दूध, पनीर, मट्ठा, दही का काफी नुकसान हुआ है। काउंटर में रखी मिठाई, चाॅकलेट खराब हो रहे हैं।
अक्सर जल जाती है अंडर ग्राउंड केबल
बाजारशुकुल के अवर अभियंता सुरेश कुमार ने बताया कि कठौरा में करीब चार किलोमीटर अंडरग्राउंड 33 हजार केबल डाली गई है। उस केबल के बर्स्ट (दगने) होने की वजह से यह दिक्कत आई है। वहां सीपेज व नमी के कारण अक्सर अंडरग्राउंड केबल जल जाती है। नई लाइन डाली गई है, लेकिन ठेकेदार ने काम रोक रखा है। नई लाइन के चलने के बाद आए दिन होने वाली समस्या दूर हो जाएगी।
विज्ञापन
नहीं चल सकीं चक्कियां, गेहूं की बोरियां डंप पड़ी
आएदिन 20 घंटे से अधिक की बिजली कटौती होने से क्षेत्र के छोटे और मझोले कारोबारियों को बड़ा झटका लगा है। आटा चक्कियों पर पीसने के लिए रखी गई गेहूं की बोरियां डंप पड़ी हैं। सरसों के तेल की पेराई नहीं हो पा रही है। समय से आटा-तेल नहीं मिलने से आमलोग परेशान हैं। इस धंधे से जुड़े लोग बिलभर की कमाई नहीं कर पा रहे हैं। यही हाल खराद मशीन व वेल्डिंग संचालकों का है। यहां काम करने वाले मिस्त्रियों को बैठे रहना पड़ रहा है। ऊपर से कारोबारियों को मिस्त्री व मजदूरों को बैठाकर मजदूरी देनी पड़ रही है। अपना काम लेकर पहुंचने वाले मशीन नहीं चल पाने की जानकारी होने के बाद अन्य कस्बों व बाजारों को रुख कर रहे हैं।
विज्ञापन
ई रिक्शा संचालकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा
बाजारशुकुल और महोना उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्र में करीब दो सौ अधिक ई-रिक्शा संचालक हैं। कोई अपना ई-रिक्शा खुद चलाता है तो किसी ने ड्राइवर रखा है। अधिकतर ई-रिक्शा चार्ज नहीं होने की वजह से खड़े हो गए हैं। ई-रिक्शा संचालकों की आजीविका के समक्ष संकट खड़ा हो गया है। ई-रिक्शा नहीं चल पाने से ग्रामीण अंचल के लोगों की आवाजाही की व्यवस्था गड़बड़ हो गई है। ई रिक्शा चालक राममिलन पाल ने बताया कि ई-रिक्शा को फुल चार्ज करने में 10 से 12 घंटे का समय लगता है। कुछ दिनों से इतनी बिजली ही नहीं मिल रही है कि ई-रिक्शा को फुल चार्ज किया जा सके। छोटे-बड़े रेस्टोरेंट का भी बुरा हाल है। फ्रीजर नहीं चलने से उसमें रखे खान-पान के सामान खराब हो जा रहे हैं। रेस्टोरेंट संचालक बीच-बीच में जनरेटर चलाकर किसी तरह व्यवस्था बना रहे हैं। बाजारशुकुल में ही ब्लॉक, सीएचसी, थाना, पोस्ट ऑफिस और बीआरसी जैसे सरकारी कार्यालय संचालित होते हैं। ब्लॉक, सीएचसी और थाने में बीच-बीच में जनरेटर चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
कारोबारियों ने बताया दर्द
बाजारशुकुल (अमेठी)। खराद मशीन चलाने वाले विवेक मिश्रा ने कहा कि चार दिन हो गया, एक पैसे नहीं मिले हैं। बिजली नहीं आने से खाली बैठे हैं। मोटर बाइंडिंग की दुकान करने वाले मैकेनिक शिवानंद तिवारी ने बताया कि चार-चार लोग काम करते है। काम शुरू करते ही बिजली चली जाती है। एकमात्र दुकान ही घर चलाने का जरिया है। कस्बे में संचालित रेस्टोरेंट संचालक रामकुमार मौर्य ने बताया कि बिना बिजली के आइसक्रीम, दूध, पनीर, मट्ठा, दही का काफी नुकसान हुआ है। काउंटर में रखी मिठाई, चाॅकलेट खराब हो रहे हैं।
अक्सर जल जाती है अंडर ग्राउंड केबल
बाजारशुकुल के अवर अभियंता सुरेश कुमार ने बताया कि कठौरा में करीब चार किलोमीटर अंडरग्राउंड 33 हजार केबल डाली गई है। उस केबल के बर्स्ट (दगने) होने की वजह से यह दिक्कत आई है। वहां सीपेज व नमी के कारण अक्सर अंडरग्राउंड केबल जल जाती है। नई लाइन डाली गई है, लेकिन ठेकेदार ने काम रोक रखा है। नई लाइन के चलने के बाद आए दिन होने वाली समस्या दूर हो जाएगी।