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Amethi News: लैब जांच में फेल बी कांप्लेक्स व एंटीबायोटिक इंजेक्शन
Sun, 19 Jan 2025 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 19 Jan 2025 12:49 AM IST
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अमेठी सिटी। सरकारी अस्पताल से मरीजों को मिलने वाली बी कांप्लेक्स दवा व एंटीबायोटिक इंजेक्शन की गुणवत्ता लैब की जांच रिपोर्ट में फेल साबित हुई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उक्त दवा व इंजेक्शन के प्रयोग पर रोक लगाने के साथ ही इसकी सप्लाई से जुड़ी इंदौर, हरिद्वार, रुद्रपुर, रुड़की स्थित दवा निर्माता कंपनियों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। एफएसडीए की ड्रग इकाई के जिम्मेदारों ने बताया कि जांच में फेल मिली दवाओं को नष्ट कराया जाएगा।
सरकारी अस्पताल के अंदर से मिलने वाली दवाओं में बी कांप्लेक्स बहुत कॉमन दवा है। हर तीसरे मरीज को मल्टी विटमिन के बतौर बी कांप्लेक्स की डोज दी जाती है। लैब जांच के लिए भेजी गई इस दवा की जांच रिपोर्ट घटिया गुणवत्ता के कारण फेल आई है। रिपोर्ट में दवा को अधोमानक बताया गया है। इस दवा की सप्लाई मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित औद्योगिक क्षेत्र की फार्मा कंपनी ने की है। विटमिन बी कांप्लेक्स की एक अन्य दवा का निर्माण देहरादून हाईवे किशनपुर, रुड़की में किया गया है। यह दवा भी जांच में फेल पाई गई है।
लैब रिपोर्ट में फेल आई दूसरी दवा एंटीबायोटिक के रूप में प्रयोग में आने वाला इंजेक्शन है। एमोक्सिसिलिन और पोटेशियम क्लैवुलैनेट के संयोजन से तैयार होने वाला इस इंजेक्शन का प्रयोग जीवाणु संक्रमण के इलाज और उपचार के लिए किया जाता है। यह दवा मानव शरीर को कई तरह के जीवाणु संक्रमण से बचाती है।
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राजकीय विश्लेषण प्रयोगशाला आगरा में हुई जांच में इसे भी अधोमानक पाया गया है। इस दवा की निर्माता उत्तराखंड सिडकुल, रुद्रपुर स्थित फार्मास्यूटिकल कंपनी है। औषधि निरीक्षक कमलेश मिश्र ने बताया कि जो दवा व इंजेक्शन जांच में फेल मिले हैं, उनके इस्तेमाल व वितरण पर रोक लगाने के साथ ही संबंधित निर्माता कंपनियों को नोटिस जारी किया गया है।
बाजार में बिक्री पर भी लगेगी रोक
सरकारी अस्पताल में वितरण के लिए भेजी गई दवाएं जांच में फेल मिलने के बाद बाजार में भी इनकी विक्री पर रोक लगाई जाएगी। इसके लिए औषधि निरीक्षक की ओर से दवा निर्माता कंपनी को पत्र भेजा गया है। जिसमें कहा गया है कि जन स्वाथ्य को ध्यान में रखते हुए अधोमानक दवाएं बाजार से वापस मंगाई जाएं। साथ ही जिला स्वास्थ्य विभाग के ड्रग वेयर हाउस में रखी इन दवाओं को भी कंपनी प्रतिनिधि के सामने नष्ट कराया जाएगा।
दवा फेल होने के संबंध में औषधि निरीक्षक का पत्र मिला है। दवा के वितरण से पहले इसकी जांच कराई जाती है, दूसरी जांच में दवा फेल पाई गई है। फेल दवा व इंजेक्शन को सरकारी अस्पतालों से वापस कराया जाएगा।
-डॉ. अंशुमान सिंह, सीएमओ, अमेठी।
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सरकारी अस्पताल के अंदर से मिलने वाली दवाओं में बी कांप्लेक्स बहुत कॉमन दवा है। हर तीसरे मरीज को मल्टी विटमिन के बतौर बी कांप्लेक्स की डोज दी जाती है। लैब जांच के लिए भेजी गई इस दवा की जांच रिपोर्ट घटिया गुणवत्ता के कारण फेल आई है। रिपोर्ट में दवा को अधोमानक बताया गया है। इस दवा की सप्लाई मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित औद्योगिक क्षेत्र की फार्मा कंपनी ने की है। विटमिन बी कांप्लेक्स की एक अन्य दवा का निर्माण देहरादून हाईवे किशनपुर, रुड़की में किया गया है। यह दवा भी जांच में फेल पाई गई है।
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लैब रिपोर्ट में फेल आई दूसरी दवा एंटीबायोटिक के रूप में प्रयोग में आने वाला इंजेक्शन है। एमोक्सिसिलिन और पोटेशियम क्लैवुलैनेट के संयोजन से तैयार होने वाला इस इंजेक्शन का प्रयोग जीवाणु संक्रमण के इलाज और उपचार के लिए किया जाता है। यह दवा मानव शरीर को कई तरह के जीवाणु संक्रमण से बचाती है।
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राजकीय विश्लेषण प्रयोगशाला आगरा में हुई जांच में इसे भी अधोमानक पाया गया है। इस दवा की निर्माता उत्तराखंड सिडकुल, रुद्रपुर स्थित फार्मास्यूटिकल कंपनी है। औषधि निरीक्षक कमलेश मिश्र ने बताया कि जो दवा व इंजेक्शन जांच में फेल मिले हैं, उनके इस्तेमाल व वितरण पर रोक लगाने के साथ ही संबंधित निर्माता कंपनियों को नोटिस जारी किया गया है।
बाजार में बिक्री पर भी लगेगी रोक
सरकारी अस्पताल में वितरण के लिए भेजी गई दवाएं जांच में फेल मिलने के बाद बाजार में भी इनकी विक्री पर रोक लगाई जाएगी। इसके लिए औषधि निरीक्षक की ओर से दवा निर्माता कंपनी को पत्र भेजा गया है। जिसमें कहा गया है कि जन स्वाथ्य को ध्यान में रखते हुए अधोमानक दवाएं बाजार से वापस मंगाई जाएं। साथ ही जिला स्वास्थ्य विभाग के ड्रग वेयर हाउस में रखी इन दवाओं को भी कंपनी प्रतिनिधि के सामने नष्ट कराया जाएगा।
दवा फेल होने के संबंध में औषधि निरीक्षक का पत्र मिला है। दवा के वितरण से पहले इसकी जांच कराई जाती है, दूसरी जांच में दवा फेल पाई गई है। फेल दवा व इंजेक्शन को सरकारी अस्पतालों से वापस कराया जाएगा।
-डॉ. अंशुमान सिंह, सीएमओ, अमेठी।