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Amethi News: पर्यटन स्थलों के विकास से बदल रही अमेठी की पहचान
Wed, 01 Jul 2026 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 01 Jul 2026 12:25 AM IST
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अमेठी में काटूनाला पर्यटन स्थल के विकास के लिए तैयार किया गया मानचित्र। स्रोत: विभाग
अमेठी सिटी। स्थापना के 16 वर्ष पूरे कर रहे अमेठी में वर्ष 2017 के बाद पर्यटन विकास को नई गति मिली है। 30.39 करोड़ रुपये की पर्यटन परियोजनाओं के जरिये जिले के प्रमुख धार्मिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरी होने से पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ने की उम्मीद है।
जिला बनने के बाद लंबे समय तक पर्यटन विकास सीमित रहा, लेकिन बीते वर्षों में पर्यटन विभाग ने कई प्रमुख स्थलों को योजनाओं में शामिल किया। जायस स्थित बाबा गोरखनाथ तपोस्थली पर गुरु गोरखनाथ की 25 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित की जा रही है। गौरीगंज की हनुमानगढ़ी गौरा, बहादुरपुर के पीढ़ी स्थित तपेश्वरनाथ धाम, परम संत कबीर साहेब का बैठका तथा मुसाफिरखाना के नारा अढ़नपुर स्थित बाबा महावीर दास मंदिर का विकास कराया जा रहा है।
काटूनाला वन्यजीव क्षेत्र को इको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि इन कार्यों से जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
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पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को नई पहचान देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। अमेठी में स्वीकृत पर्यटन परियोजनाएं प्रमुख स्थलों को विकसित करने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगी। उनका कहना है कि पर्यटन सुविधाओं का विस्तार कर अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।
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जिला बनने के बाद लंबे समय तक पर्यटन विकास सीमित रहा, लेकिन बीते वर्षों में पर्यटन विभाग ने कई प्रमुख स्थलों को योजनाओं में शामिल किया। जायस स्थित बाबा गोरखनाथ तपोस्थली पर गुरु गोरखनाथ की 25 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित की जा रही है। गौरीगंज की हनुमानगढ़ी गौरा, बहादुरपुर के पीढ़ी स्थित तपेश्वरनाथ धाम, परम संत कबीर साहेब का बैठका तथा मुसाफिरखाना के नारा अढ़नपुर स्थित बाबा महावीर दास मंदिर का विकास कराया जा रहा है।
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काटूनाला वन्यजीव क्षेत्र को इको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि इन कार्यों से जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
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पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को नई पहचान देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। अमेठी में स्वीकृत पर्यटन परियोजनाएं प्रमुख स्थलों को विकसित करने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगी। उनका कहना है कि पर्यटन सुविधाओं का विस्तार कर अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।