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Amethi News: यूजीसी के नए नियम के विरोध में युवक ने खून से लिखा पत्र
Wed, 28 Jan 2026 12:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 28 Jan 2026 12:58 AM IST
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तिलोई। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रस्तावित नए नियम के विरोध में जनापुर निवासी आदर्श प्रताप सिंह (27) ने अनोखा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने खून से यूजीसी रोल बैक लिखकर पत्र तैयार किया और उसे रजिस्टर्ड डाक से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा।
आदर्श प्रताप सिंह का कहना है कि प्रस्तावित नियम केवल शिक्षा व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि समाज की एकता पर भी सीधा प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए नियम हिंदू समाज को जाति और वर्ग के आधार पर बांटने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि सरकार समानता की बात करती है, लेकिन ये नियम जमीनी स्तर पर भेदभाव को बढ़ावा देंगे।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस नियम को लागू करने पर अड़ी है तो पहले आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
उनका कहना है कि नए नियम से गरीब, ग्रामीण और सामान्य वर्ग के छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। इससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता समाप्त होगी और शिक्षा का निजीकरण बढ़ेगा, जिससे उच्च शिक्षा आम छात्रों की पहुंच से दूर हो जाएगी।
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इस अनोखे विरोध के चलते आदर्श प्रताप सिंह क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनका पत्र और विरोध सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल पत्र की सत्यता की पुष्टि नहीं करती है।
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आदर्श प्रताप सिंह का कहना है कि प्रस्तावित नियम केवल शिक्षा व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि समाज की एकता पर भी सीधा प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए नियम हिंदू समाज को जाति और वर्ग के आधार पर बांटने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि सरकार समानता की बात करती है, लेकिन ये नियम जमीनी स्तर पर भेदभाव को बढ़ावा देंगे।
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उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस नियम को लागू करने पर अड़ी है तो पहले आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
उनका कहना है कि नए नियम से गरीब, ग्रामीण और सामान्य वर्ग के छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। इससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता समाप्त होगी और शिक्षा का निजीकरण बढ़ेगा, जिससे उच्च शिक्षा आम छात्रों की पहुंच से दूर हो जाएगी।
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इस अनोखे विरोध के चलते आदर्श प्रताप सिंह क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनका पत्र और विरोध सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल पत्र की सत्यता की पुष्टि नहीं करती है।