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Ambedkar Nagar News: संकट के समय एक-दूसरे की मदद करते हैं सच्चे मित्र
Sun, 05 Oct 2025 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 05 Oct 2025 12:28 AM IST
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आलापुर(अंबेडकरनगर)। क्षेत्र के रामनगर के मसेना मिर्जापुर स्थित शांति विहार कॉलोनी में श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को प्रवाचक श्रीनिवास वेदांती ने सुग्रीव के राज्याभिषेक का महत्व और कथा सुनाई। समाज सेविका सीमा अग्रहरि ने कथा व्यास का पूजन किया।
कथा प्रवाचक ने बताया कि श्री राम अपने जीवनसंगिनी सीता की खोज में निकले व इसी दौरान उन्हें सुग्रीव से मित्रता हुई। सुग्रीव ने श्री राम को अपने दु:ख की कहानी सुनाई कि कैसे उनका बड़ा भाई बाली ने उसे उसके राज्य से बेदखल कर दिया और उसकी पत्नी को छीन लिया। बाली के वध का वर्णन किया गया। प्रवाचक ने कहा कि यह वध धोखे से किए गए प्रहार के माध्यम से हुआ, जिससे बाली को अपने अधर्म का फल मिला। बाली ने अपनी मृत्यु से पूर्व श्री राम से अपने पुत्र अंगद को उनकी सेवा में लगाने का आदेश दिया। इसके पश्चात बाली का अंतिम संस्कार किया गया और सभी रीति-रिवाजों के अनुसार उसका सम्मान किया गया। बाली का वध केवल राज्य की प्राप्ति के लिए नहीं था, बल्कि यह धर्म और न्याय की विजय का प्रतीक भी है। अधर्म और अन्याय के विरुद्ध उचित समय पर किए गए कार्य से ही समाज में न्याय की स्थापना होती है।
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कथा प्रवाचक ने बताया कि श्री राम अपने जीवनसंगिनी सीता की खोज में निकले व इसी दौरान उन्हें सुग्रीव से मित्रता हुई। सुग्रीव ने श्री राम को अपने दु:ख की कहानी सुनाई कि कैसे उनका बड़ा भाई बाली ने उसे उसके राज्य से बेदखल कर दिया और उसकी पत्नी को छीन लिया। बाली के वध का वर्णन किया गया। प्रवाचक ने कहा कि यह वध धोखे से किए गए प्रहार के माध्यम से हुआ, जिससे बाली को अपने अधर्म का फल मिला। बाली ने अपनी मृत्यु से पूर्व श्री राम से अपने पुत्र अंगद को उनकी सेवा में लगाने का आदेश दिया। इसके पश्चात बाली का अंतिम संस्कार किया गया और सभी रीति-रिवाजों के अनुसार उसका सम्मान किया गया। बाली का वध केवल राज्य की प्राप्ति के लिए नहीं था, बल्कि यह धर्म और न्याय की विजय का प्रतीक भी है। अधर्म और अन्याय के विरुद्ध उचित समय पर किए गए कार्य से ही समाज में न्याय की स्थापना होती है।
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