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हरे पेड़ों के लिए अभिशाप साबित हो रहा शहर से निकला कूड़ा
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जलालपुर (अंबेडकरनगर)। एक तरफ सरकार पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए लाखों रुपए खर्च कर पौधरोपण अभियान चला रही है, वहीं जलालपुर नगर पालिका परिषद पेड़ों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। नगर पालिका परिषद द्वारा मनमाने तरीके से सड़कों के किनारे कूड़ा निस्तारण करने से दर्जनों हरे पेड़ सूखने लगे हैं। सड़क के किनारे कूड़ा निस्तारण से न सिर्फ यह हरे पेड़ों के लिए खतरे का सबब बन गए हैं, बल्कि आम राहगीरों को भी आवागमन में काफी मुश्किल होती है। तेज दुर्गंध व हवा चलने पर गंदगी की गुबार सड़कों पर उड़ने लगता है। इससे रास्ते पर चलना दूभर हो जाता है। नगर पालिका की यह मनमानी सिर्फ एक मार्ग पर नहीं है बल्कि कई अन्य मार्गों पर इसी तरह कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है।
गौरतलब है कि पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए प्रति वर्ष सरकार विभिन्न विभागों के सहयोग से पौधरोपण कराती है। पौधरोपण से लेकर पौधों की सुरक्षा तक लाखों रुपए खर्च किये जाते हैं। खासकर सड़क के किनारे खाली पड़ी भूमि पर पौधरोपण कराया जाता है। जलालपुर नगर में सड़क के किनारे स्थित हरे भरे पेड़ों की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शहर से निकल रहे कूड़े को सड़क के किनारे डाला जा रहा है। इसके चलते इसमें लगने वाली आग व गर्मी के कारण पेड़ असमय सूखे जा रहे हैं।
पालिका प्रशासन की मनमानी किसी एक ही सड़क पर नहीं है, बल्कि कई मुख्य मार्गों का भी यही हाल है। नगर पालिका जलालपुर की इस मनमानी से क्लीन इंडिया ग्रीन इंडिया के अभियान को भी झटका लग रहा है।
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नगर पालिका क्षेत्र से गुजरने वाले जलालपुर अकबरपुर मार्ग पर हाजीपुर गांव के पास सड़क के किनारे कूड़े का ढेर फेंका जा रहा है। इससे 10 से अधिक पेड़ सूख गए हैं। जलालपुर बसखारी मार्ग, तमसा के किनारे लगे पेड़ कूड़ा डंप करने से सूख चुके हैं। स्थानीय राधेश्याम, दीपक, शैलेश, राजेंद्र प्रसाद, दिवाकर व प्रदीप का कहना है कि कई बार इसे लेकर आपत्ति जाहिर की गई, लेकिन नगर पालिका परिषद इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है।
इससे नगर में पर्यावरण प्रदूषण का खतरा भी बढ़ रहा है। सड़क के किनारे कूड़ा डाल दिए जाने से राहगीरों को भी आवागमन में मुश्किल होती है। हवाओं से सड़क पर धूल का गुबार उड़ने लगता है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
शहर क्षेत्र से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण को लेकर विशेष ध्यान दिया जाता है। फिलहाल कहीं पर कूड़े की वजह से पेड़ सूखने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा कहीं हो रहा होगा तो उसे जल्द हटवाया जाएगा। पौधों की सुरक्षा के साथ साथ आम नागरिकों के हितों का भी ख्याल रखा जाता है। - धर्मेंद्र बहादुर सिंह, अधिशाषी अधिकारी
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गौरतलब है कि पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए प्रति वर्ष सरकार विभिन्न विभागों के सहयोग से पौधरोपण कराती है। पौधरोपण से लेकर पौधों की सुरक्षा तक लाखों रुपए खर्च किये जाते हैं। खासकर सड़क के किनारे खाली पड़ी भूमि पर पौधरोपण कराया जाता है। जलालपुर नगर में सड़क के किनारे स्थित हरे भरे पेड़ों की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शहर से निकल रहे कूड़े को सड़क के किनारे डाला जा रहा है। इसके चलते इसमें लगने वाली आग व गर्मी के कारण पेड़ असमय सूखे जा रहे हैं।
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पालिका प्रशासन की मनमानी किसी एक ही सड़क पर नहीं है, बल्कि कई मुख्य मार्गों का भी यही हाल है। नगर पालिका जलालपुर की इस मनमानी से क्लीन इंडिया ग्रीन इंडिया के अभियान को भी झटका लग रहा है।
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नगर पालिका क्षेत्र से गुजरने वाले जलालपुर अकबरपुर मार्ग पर हाजीपुर गांव के पास सड़क के किनारे कूड़े का ढेर फेंका जा रहा है। इससे 10 से अधिक पेड़ सूख गए हैं। जलालपुर बसखारी मार्ग, तमसा के किनारे लगे पेड़ कूड़ा डंप करने से सूख चुके हैं। स्थानीय राधेश्याम, दीपक, शैलेश, राजेंद्र प्रसाद, दिवाकर व प्रदीप का कहना है कि कई बार इसे लेकर आपत्ति जाहिर की गई, लेकिन नगर पालिका परिषद इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है।
इससे नगर में पर्यावरण प्रदूषण का खतरा भी बढ़ रहा है। सड़क के किनारे कूड़ा डाल दिए जाने से राहगीरों को भी आवागमन में मुश्किल होती है। हवाओं से सड़क पर धूल का गुबार उड़ने लगता है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
शहर क्षेत्र से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण को लेकर विशेष ध्यान दिया जाता है। फिलहाल कहीं पर कूड़े की वजह से पेड़ सूखने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा कहीं हो रहा होगा तो उसे जल्द हटवाया जाएगा। पौधों की सुरक्षा के साथ साथ आम नागरिकों के हितों का भी ख्याल रखा जाता है। - धर्मेंद्र बहादुर सिंह, अधिशाषी अधिकारी