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तमसा की उफान से शहजादपुर में आवागमन ठप
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अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय पर आबादी के बीच इस तरह से पहुंचा बाढ़ का पानी
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। तमसा नदी के पानी का कहर बढ़ता जा रहा है। जिसके चलते अब अकबरपुर नगर के शहजादपुर बाहरी मुख्य मार्ग से होकर सभी तरह के वाहनों का आवागमन ठप कर दिया गया। चार पहिया वाहनों को फाव्वारा तिराहे से लेकर पहितीपुर चौराहे तक के बीच आवागमन की अनुमति अब नहीं है। पुलिस कर्मियों ने बाकायदा बैरीकेडिंग कर दी है। बारिश न होने के बावजूद जलस्तर लगातार बढ़ते रहने को लेकर प्रभावित नागरिकों की परेशानी और ज्यादा बढ़ रही है। इस बीच डीएम सैमुअल पॉल एन व एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। नगर पालिका के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलनिकासी के जो भी संभव प्रयास हैं, उन्हें अमल में लाया जाए। अधिकारियों ने नागरिकों से कहा कि प्रशासन पूरी तरह उनके साथ है। जो भी अधिकतम प्रबंध सुनिश्चित करना है, वह सब किया जा रहा है। भरोसा दिलाया कि जल्द से जल्द सब कुछ सामान्य करने के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी जाएगी। अधिकारियों के इस भरोसे से नागरिकों ने सुकून का एहसास किया।
पिछले दिनों लगातार हुई रिकॉर्ड बारिश का कहर अकबरपुर नगर के नागरिकों समेत बाहरी यात्रियों पर भारी पड़ रहा है। पिछले तीन-चार दिन से बारिश न होने से उम्मीद थी कि तमसा नदी का जो पानी नगर के तमसा व मिर्जापुर मार्ग, शहजादपुर से रेलवे स्टेशन मार्ग तथा नगर के बाहरी मुख्य मार्ग पर आ गया है वह अब कम होने लगेगा। पांच सौ से अधिक घरों व दुकानों में भी पानी भर जाने के बाद संबंधित नागरिकों को भी राहत मिलने की उम्मीद जगने लगी थी, लेकिन अब तक कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि तमसा नदी का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है।
अब तक तो शहजादपुर स्थित बाहरी मुख्य मार्ग पर पानी से होकर जैसे तैसे आवागमन चल रहा था। लेकिन मंगलवार शाम से पानी बढ़ जाने के बाद स्थिति और ज्यादा खराब होने लगी। मंगलवार को कई बाइक सवार पानी व गड्ढे में फंसकर गिर पड़े, जबकि कई ई-रिक्शा पलटते-पलटते बचे। सुबह से शाम तक आधा दर्जन से अधिक कार भी पानी में फंसकर बंद हो गईं। इससे जाम की स्थिति उत्पन्न होती रही। मंगलवार देर शाम जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने तय किया कि इस मार्ग से होकर आवागमन पूरी तरह रोक दिया जाए। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने फाव्वारा तिराहे से लेकर पहितीपुर चौराहे तक के लगभग आठ सौ मीटर क्षेत्र में सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन रोक दिया। दोनों तरफ बाकायदा बैरीकेडिंग कर दी गई। इसके साथ ही तहसील तिराहे पर शहजादपुर की तरफ जाने वाले मार्ग पर भी बैरीकेडिंग कर चार पहिया वाहनों का शहजादपुर की तरफ जाना रोक दिया गया।
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बुधवार को हालात का जायजा लेने के लिए डीएम सैमुअल पॉल एन व एसपी आलोक प्रियदर्शी ने नगर के अलग-अलग क्षेत्रों का भ्रमण किया। अधिकारियों ने नागरिकों से उनकी दिक्कतों के बारे में पूछताछ की। साथ ही अधीनस्थ अधिकारियों से विभिन्न प्रकार के प्रयासों की जानकारी हासिल की। डीएम व एसपी ने नागरिकों को भरोसा दिलाया कि स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें और तेजी सुनिश्चित की जा रही है।
नगर पालिका को दिए गए जलनिकासी के निर्देेश
डीएम व एसपी जब शहजादपुर के बाहरी मार्ग नई सड़क का निरीक्षण करने के बाद नगर के अयोध्या मार्ग से होते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्र तमसा मार्ग पहुंचे तो वहां पूर्व सभासद रमाशंकर ने बताया कि पंडाटोला शहजादपुर में तमसा नदी पर जो पुल निर्माण हुआ है, वह साइफन पर बना है। साइफन पर पुल बना होने के कारण पानी की निकासी तेजी से नहीं हो पा रही है। वहां साइफन में तमाम कूड़े कचरे फंस गए हैं, जिससे पानी का बहाव धीमा है। डीएम ने इस पर अधिशाषी अधिकारी बीना सिंह को निर्देशित किया कि वे स्वयं मौके का निरीक्षण करें। अपनी मौजूदगी में पानी की निकासी के लिए सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित कराएं। इसके लिए किसी भी प्रकार के संसाधन की कमी नहीं होनी चाहिए।
20 वर्ष पूर्व हुई थी इतनी बाढ़
डीएम व एसपी जब निरीक्षण कर रहे थे तो उन्होंने नागरिकों से जानना चाहा कि आखिर इतना पानी कैसे आ गया। स्थानीय नागरिकों ने मोहम्मद साहिल व अकरम ने बताया कि लगभग दो दशक पहले इतनी ज्यादा बारिश हुई थी तब भी इसी तरह पानी से दिक्कतें हुई थीं। कहा कि इस बार की बारिश ने पिछले रिकॉर्ड भी तोड़ दिए हैं। स्थानीय विकास, दुर्गेश व पिंकू ने डीएम व एसपी से कहा कि बारिश के अलावा तमाम नए निर्माण भी इसका एक कारण है। नदियों की साफ सफाई भी पर्याप्त ढंग से नहीं हो पाई थी।
बड़े पैमाने पर हुए निर्माण से बढ़ संकट
तमसा नदी के आसपास के क्षेत्र में पिछले दो दशक में सैकड़ों नए घर व व्यावसायिक प्रतिष्ठान निर्मित हो गए हैं। पहले जब अतिवृष्टि होने पर तमसा नदी का पानी उफान पर होता था तो दूर दराज के क्षेत्रों तक पहुंचकर स्थिर हो जाता था। अब नदी के आसपास व लगभग एक किलोमीटर दूरी के क्षेत्रफल में पिछले दो दशक में सैकड़ों नए निर्माण हो गए हैं। इससे नदी के पानी के भूमि में जाने तथा ज्यादा फैलाव करने का अवसर कम हो गया है। इसी सबके चलते इस बार की अतिवृष्टि ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कोढ़ में खाज यह कि नदी के आसपास के अवैध निर्माण तथा बीते दिनों नदी की सफाई में बरती गई मनमानी भी एक कारण बनकर सामने आई है।
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पिछले दिनों लगातार हुई रिकॉर्ड बारिश का कहर अकबरपुर नगर के नागरिकों समेत बाहरी यात्रियों पर भारी पड़ रहा है। पिछले तीन-चार दिन से बारिश न होने से उम्मीद थी कि तमसा नदी का जो पानी नगर के तमसा व मिर्जापुर मार्ग, शहजादपुर से रेलवे स्टेशन मार्ग तथा नगर के बाहरी मुख्य मार्ग पर आ गया है वह अब कम होने लगेगा। पांच सौ से अधिक घरों व दुकानों में भी पानी भर जाने के बाद संबंधित नागरिकों को भी राहत मिलने की उम्मीद जगने लगी थी, लेकिन अब तक कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि तमसा नदी का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है।
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अब तक तो शहजादपुर स्थित बाहरी मुख्य मार्ग पर पानी से होकर जैसे तैसे आवागमन चल रहा था। लेकिन मंगलवार शाम से पानी बढ़ जाने के बाद स्थिति और ज्यादा खराब होने लगी। मंगलवार को कई बाइक सवार पानी व गड्ढे में फंसकर गिर पड़े, जबकि कई ई-रिक्शा पलटते-पलटते बचे। सुबह से शाम तक आधा दर्जन से अधिक कार भी पानी में फंसकर बंद हो गईं। इससे जाम की स्थिति उत्पन्न होती रही। मंगलवार देर शाम जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने तय किया कि इस मार्ग से होकर आवागमन पूरी तरह रोक दिया जाए। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने फाव्वारा तिराहे से लेकर पहितीपुर चौराहे तक के लगभग आठ सौ मीटर क्षेत्र में सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन रोक दिया। दोनों तरफ बाकायदा बैरीकेडिंग कर दी गई। इसके साथ ही तहसील तिराहे पर शहजादपुर की तरफ जाने वाले मार्ग पर भी बैरीकेडिंग कर चार पहिया वाहनों का शहजादपुर की तरफ जाना रोक दिया गया।
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बुधवार को हालात का जायजा लेने के लिए डीएम सैमुअल पॉल एन व एसपी आलोक प्रियदर्शी ने नगर के अलग-अलग क्षेत्रों का भ्रमण किया। अधिकारियों ने नागरिकों से उनकी दिक्कतों के बारे में पूछताछ की। साथ ही अधीनस्थ अधिकारियों से विभिन्न प्रकार के प्रयासों की जानकारी हासिल की। डीएम व एसपी ने नागरिकों को भरोसा दिलाया कि स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें और तेजी सुनिश्चित की जा रही है।
नगर पालिका को दिए गए जलनिकासी के निर्देेश
डीएम व एसपी जब शहजादपुर के बाहरी मार्ग नई सड़क का निरीक्षण करने के बाद नगर के अयोध्या मार्ग से होते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्र तमसा मार्ग पहुंचे तो वहां पूर्व सभासद रमाशंकर ने बताया कि पंडाटोला शहजादपुर में तमसा नदी पर जो पुल निर्माण हुआ है, वह साइफन पर बना है। साइफन पर पुल बना होने के कारण पानी की निकासी तेजी से नहीं हो पा रही है। वहां साइफन में तमाम कूड़े कचरे फंस गए हैं, जिससे पानी का बहाव धीमा है। डीएम ने इस पर अधिशाषी अधिकारी बीना सिंह को निर्देशित किया कि वे स्वयं मौके का निरीक्षण करें। अपनी मौजूदगी में पानी की निकासी के लिए सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित कराएं। इसके लिए किसी भी प्रकार के संसाधन की कमी नहीं होनी चाहिए।
20 वर्ष पूर्व हुई थी इतनी बाढ़
डीएम व एसपी जब निरीक्षण कर रहे थे तो उन्होंने नागरिकों से जानना चाहा कि आखिर इतना पानी कैसे आ गया। स्थानीय नागरिकों ने मोहम्मद साहिल व अकरम ने बताया कि लगभग दो दशक पहले इतनी ज्यादा बारिश हुई थी तब भी इसी तरह पानी से दिक्कतें हुई थीं। कहा कि इस बार की बारिश ने पिछले रिकॉर्ड भी तोड़ दिए हैं। स्थानीय विकास, दुर्गेश व पिंकू ने डीएम व एसपी से कहा कि बारिश के अलावा तमाम नए निर्माण भी इसका एक कारण है। नदियों की साफ सफाई भी पर्याप्त ढंग से नहीं हो पाई थी।
बड़े पैमाने पर हुए निर्माण से बढ़ संकट
तमसा नदी के आसपास के क्षेत्र में पिछले दो दशक में सैकड़ों नए घर व व्यावसायिक प्रतिष्ठान निर्मित हो गए हैं। पहले जब अतिवृष्टि होने पर तमसा नदी का पानी उफान पर होता था तो दूर दराज के क्षेत्रों तक पहुंचकर स्थिर हो जाता था। अब नदी के आसपास व लगभग एक किलोमीटर दूरी के क्षेत्रफल में पिछले दो दशक में सैकड़ों नए निर्माण हो गए हैं। इससे नदी के पानी के भूमि में जाने तथा ज्यादा फैलाव करने का अवसर कम हो गया है। इसी सबके चलते इस बार की अतिवृष्टि ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कोढ़ में खाज यह कि नदी के आसपास के अवैध निर्माण तथा बीते दिनों नदी की सफाई में बरती गई मनमानी भी एक कारण बनकर सामने आई है।