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आज से मां की आराधना में जुटेंगे भक्त
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Thu, 07 Apr 2016 10:38 PM IST
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अंबेडकरनगर में गुरुवार को नवरात्र के लिए पूजन सामग्री खरीदती महिला।
- फोटो : अमर उजाला
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शुक्रवार 8 अप्रैल से प्रारंभ हो रहे वासंतिक नवरात्रि को लेकर आवश्यक तैयारियां जिले में एक दिन पहले ही पूर्ण कर ली गईं। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित दुर्गा मंदिरों की विशेष साफ-सफाई व साज सज्जा का कार्य एक दिन पहले गुरुवार को पूरे दिन चला।
उधर गुरुवार को जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी बड़ी बाजारों में पूजा संबंधित सामग्रियों की खरीददारी के लिए सुबह से ही खरीददारों के पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो गया, जो देर शाम तक चलता रहा। पर्व को लेकर सबसे अधिक उत्साह नौ दिन व्रत रखने वालों में रहा।
वासंतिक नवरात्रि की शुरुआत शुक्रवार 8 अप्रैल से प्रारंभ हो रही है। इसके लिए आवश्यक तैयारियां एक दिन पहले ही पूर्ण कर ली गईं। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित दुर्गा मंदिरों की विशेष साफ सफाई व साज सज्जा का कार्य गुरुवार सुबह से ही प्रारंभ हो गया, जो देर शाम तक चलता रहा।
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अकबरपुर नगर स्थित पुराने तहसील तिराहा के निकट स्थित दुर्गा मंदिर व हनुमान मंदिर, नई सड़क स्थित काली मंदिर, अकबरपुर रेलवे स्टेशन के निकट स्थित दुर्गा मंदिर, बस स्टेशन क्षेत्र में स्थित दुर्गा मंदिर समेत अन्य स्थानों पर स्थित मंदिरों की विशेष साफ सफाई का दौर पूरे दिन चलता रहा।
पर्व को लेकर सबसे अधिक उत्साह नौ दिनों तक व्रत रखने वालों में दिखा। पर्व से संबंधित पूजा संबंधित सामग्रियों की खरीददारी करने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का जिला मुख्यालय समेत अन्य छोटी बड़ी बाजारों में पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा।
कोई चुनरी खरीद रहा था, तो कोई नारियल। किसी ने मिक्स पूजा सामग्री की खरीददारी की, तो किसी ने अलग अलग सामानों की। अकबरपुर नगर के शहजादपुर स्थित एक दुकान से पूजा सामग्रियों की खरीददारी करने पहुंची सत्यवती द्विवेदी व सरोज गौड़ ने कहा कि शुक्रवार को कलश स्थापना के साथ ही वे पूरे नौ दिन व्रत रखेंगी।
कहा कि कलश स्थापना के बाद वे दुर्गा मंदिर पर जाकर विशेष पूजन अर्चन करेंगी। मोनी व रीना ने कहा कि वह पहले व अंतिम दिन व्रत रखती हैं। इसके लिए आवश्यक तैयारियां उन्होंने गुरुवार को ही पूर्ण कर लीं। उधर बाजारों में खरीददारों की भीड़ को देखते हुए संबंधित दुकानदारों के चेहरे पर चमक उत्पन्न हो गई।
फल व्यवसायी राहुल सोनकर व मनोज ने बताया कि महंगाई के बावजूद फलों की बिक्री पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। चुनरी व पूजा संबंधित सामानों की बिक्री करने वाले अतुल सोनी ने बताया कि पूजा संबंधित खरीददारी करने में कोई भी कंजूसी नहीं दिखा रहा।
कलश स्थापना का मुहुर्त : पंडित अशोक पाण्डेय ने बताया कि कलश स्थापना का अभिजीत मुहुर्त दोपहर से पहले 11:36 से दोपहर 12:24 मिनट है। इसके अलावा सुबह 5:46 से दोपहर बाद 2:26 मिनट भी है। अभिजीत मुहुर्त के समय कलश की स्थापना करना अत्यंत अच्छा माना जाता है। श्री पाण्डेय ने बताया कि कलश स्थापना से पूर्व पूजा घर या मंदिर की समुचित साफ-सफाई तय करना चाहिए। मां दुर्गा की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार भीस्त्रत्त् कलश स्थापना से पूर्व किया जाना चाहिए।
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उधर गुरुवार को जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी बड़ी बाजारों में पूजा संबंधित सामग्रियों की खरीददारी के लिए सुबह से ही खरीददारों के पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो गया, जो देर शाम तक चलता रहा। पर्व को लेकर सबसे अधिक उत्साह नौ दिन व्रत रखने वालों में रहा।
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वासंतिक नवरात्रि की शुरुआत शुक्रवार 8 अप्रैल से प्रारंभ हो रही है। इसके लिए आवश्यक तैयारियां एक दिन पहले ही पूर्ण कर ली गईं। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित दुर्गा मंदिरों की विशेष साफ सफाई व साज सज्जा का कार्य गुरुवार सुबह से ही प्रारंभ हो गया, जो देर शाम तक चलता रहा।
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अकबरपुर नगर स्थित पुराने तहसील तिराहा के निकट स्थित दुर्गा मंदिर व हनुमान मंदिर, नई सड़क स्थित काली मंदिर, अकबरपुर रेलवे स्टेशन के निकट स्थित दुर्गा मंदिर, बस स्टेशन क्षेत्र में स्थित दुर्गा मंदिर समेत अन्य स्थानों पर स्थित मंदिरों की विशेष साफ सफाई का दौर पूरे दिन चलता रहा।
पर्व को लेकर सबसे अधिक उत्साह नौ दिनों तक व्रत रखने वालों में दिखा। पर्व से संबंधित पूजा संबंधित सामग्रियों की खरीददारी करने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का जिला मुख्यालय समेत अन्य छोटी बड़ी बाजारों में पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा।
कोई चुनरी खरीद रहा था, तो कोई नारियल। किसी ने मिक्स पूजा सामग्री की खरीददारी की, तो किसी ने अलग अलग सामानों की। अकबरपुर नगर के शहजादपुर स्थित एक दुकान से पूजा सामग्रियों की खरीददारी करने पहुंची सत्यवती द्विवेदी व सरोज गौड़ ने कहा कि शुक्रवार को कलश स्थापना के साथ ही वे पूरे नौ दिन व्रत रखेंगी।
कहा कि कलश स्थापना के बाद वे दुर्गा मंदिर पर जाकर विशेष पूजन अर्चन करेंगी। मोनी व रीना ने कहा कि वह पहले व अंतिम दिन व्रत रखती हैं। इसके लिए आवश्यक तैयारियां उन्होंने गुरुवार को ही पूर्ण कर लीं। उधर बाजारों में खरीददारों की भीड़ को देखते हुए संबंधित दुकानदारों के चेहरे पर चमक उत्पन्न हो गई।
फल व्यवसायी राहुल सोनकर व मनोज ने बताया कि महंगाई के बावजूद फलों की बिक्री पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। चुनरी व पूजा संबंधित सामानों की बिक्री करने वाले अतुल सोनी ने बताया कि पूजा संबंधित खरीददारी करने में कोई भी कंजूसी नहीं दिखा रहा।
कलश स्थापना का मुहुर्त : पंडित अशोक पाण्डेय ने बताया कि कलश स्थापना का अभिजीत मुहुर्त दोपहर से पहले 11:36 से दोपहर 12:24 मिनट है। इसके अलावा सुबह 5:46 से दोपहर बाद 2:26 मिनट भी है। अभिजीत मुहुर्त के समय कलश की स्थापना करना अत्यंत अच्छा माना जाता है। श्री पाण्डेय ने बताया कि कलश स्थापना से पूर्व पूजा घर या मंदिर की समुचित साफ-सफाई तय करना चाहिए। मां दुर्गा की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार भीस्त्रत्त् कलश स्थापना से पूर्व किया जाना चाहिए।