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Ambedkar Nagar News: मरीजों की लगी कतारें, घंटों इंतजार के बाद मिला इलाज
Mon, 21 Jul 2025 11:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 21 Jul 2025 11:31 PM IST
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.दवा लेने के लिए मरीजों की कतार।संवाद
अंबेडकरनगर। साप्ताहिक अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पर्चा काउंटर पर लंबी कतारें लगीं और कई मरीजों को घंटों इंतजार के बावजूद चिकित्सकीय परामर्श नहीं मिल पाया। भीड़ प्रबंधन की कमी के कारण अस्पताल परिसर में अव्यवस्था का माहौल रहा।
सबसे बड़ी समस्या रही दवाओं की किल्लत। विटामिन बी-12 की दवा मिथाइलकोबालामिन और त्वचा रोगों में उपयोगी बीवी लोशन स्टॉक में नहीं होने के कारण मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदनी पड़ीं। अस्पताल की व्यवस्था मरीजों की बढ़ती संख्या और आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं दिखी। अधिकारी लगातार सुधार के निर्देश दे रहे हैं। लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। हाल ही में एसीएमओ डॉ. रामानंद सिद्धार्थ ने ड्रग वेयर हाउस के निरीक्षण में दवाओं की मांग कम होने की बात कही और सुधार की चेतावनी दी थी।
चार माह से प्रभारी हैं डॉ. पीएन यादव
जिला अस्पताल के प्रभारी डॉ. पीएन यादव 30 मार्च से कार्यभार संभाले हुए हैं। पूर्व प्रभारी डॉ. ओमप्रकाश के सेवानिवृत्त होने के बाद अभी तक उनकी जगह किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। व्यवस्थाएं बिगड़ती जा रही हैं और सीएमएस फोन तक नहीं उठाते।
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एडीएम की चेतावनी के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी
30 मई को अपर जिलाधिकारी डॉ. सदानंद गुप्ता ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। दवा काउंटर पर मिथाइलकोबालामिन की कमी पर नाराजगी जताई और सीएमएस को कड़ी हिदायत दी कि दवाओं की कमी न हो। अगली खेप समय से मंगवाने के निर्देश भी दिए गए। बावजूद इसके दवाओं की कमी बनी हुई है, और मरीजों को महंगी दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं।
एक्सरे न हो पाने से मरीज परेशान
जाफरगंज के करतोरा निवासी मनोज अपने दोस्त का एक्सरे कराने आए थे। उन्होंने बताया कि पर्चा बनवाने में एक घंटे से अधिक समय लगने के कारण जांच नहीं हो सकी और इलाज प्रभावित हुआ।
आभा एप ने बढ़ाई परेशानियां
अकबरपुर के चंदनपुर रम्मनपारा निवासी राजेंद्र तिवारी कान के इलाज के लिए सुबह साढ़े आठ बजे अस्पताल पहुंचे। एक अन्य व्यक्ति की सहायता से एप डाउनलोड कर पर्चा बनवाया गया, जिसमें डेढ़ घंटे लग गए।
अल्ट्रासाउंड के लिए दोबारा आना पड़ा अस्पताल
सुल्तानपुर जिले के अलीपुर कपा गांव के रामचंद्र तिवारी शनिवार को अल्ट्रासाउंड कराने आए थे। लेकिन भीड़ के कारण जांच नहीं हो सकी। सोमवार को दोबारा अस्पताल आए और घंटों इंतजार के बाद नंबर मिला।
दवाएं न मिलने से बाहर से खरीदनी पड़ी
अकबरपुर के अशोक विहार कॉलोनी निवासी आदर्श दूबे को विटामिन बी-12 की दवा अस्पताल में नहीं मिली। जिससे उन्हें निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ी।
जिला अस्पताल की व्यवस्था ठीक करना और दवाओं की कमी को पूरा करना सीएमएस की जिम्मेदारी है। अगर यह नहीं हो रहा है, तो यह ठीक नहीं है। दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
— डॉ. सदानंद गुप्ता, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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सबसे बड़ी समस्या रही दवाओं की किल्लत। विटामिन बी-12 की दवा मिथाइलकोबालामिन और त्वचा रोगों में उपयोगी बीवी लोशन स्टॉक में नहीं होने के कारण मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदनी पड़ीं। अस्पताल की व्यवस्था मरीजों की बढ़ती संख्या और आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं दिखी। अधिकारी लगातार सुधार के निर्देश दे रहे हैं। लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। हाल ही में एसीएमओ डॉ. रामानंद सिद्धार्थ ने ड्रग वेयर हाउस के निरीक्षण में दवाओं की मांग कम होने की बात कही और सुधार की चेतावनी दी थी।
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चार माह से प्रभारी हैं डॉ. पीएन यादव
जिला अस्पताल के प्रभारी डॉ. पीएन यादव 30 मार्च से कार्यभार संभाले हुए हैं। पूर्व प्रभारी डॉ. ओमप्रकाश के सेवानिवृत्त होने के बाद अभी तक उनकी जगह किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। व्यवस्थाएं बिगड़ती जा रही हैं और सीएमएस फोन तक नहीं उठाते।
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एडीएम की चेतावनी के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी
30 मई को अपर जिलाधिकारी डॉ. सदानंद गुप्ता ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। दवा काउंटर पर मिथाइलकोबालामिन की कमी पर नाराजगी जताई और सीएमएस को कड़ी हिदायत दी कि दवाओं की कमी न हो। अगली खेप समय से मंगवाने के निर्देश भी दिए गए। बावजूद इसके दवाओं की कमी बनी हुई है, और मरीजों को महंगी दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं।
एक्सरे न हो पाने से मरीज परेशान
जाफरगंज के करतोरा निवासी मनोज अपने दोस्त का एक्सरे कराने आए थे। उन्होंने बताया कि पर्चा बनवाने में एक घंटे से अधिक समय लगने के कारण जांच नहीं हो सकी और इलाज प्रभावित हुआ।
आभा एप ने बढ़ाई परेशानियां
अकबरपुर के चंदनपुर रम्मनपारा निवासी राजेंद्र तिवारी कान के इलाज के लिए सुबह साढ़े आठ बजे अस्पताल पहुंचे। एक अन्य व्यक्ति की सहायता से एप डाउनलोड कर पर्चा बनवाया गया, जिसमें डेढ़ घंटे लग गए।
अल्ट्रासाउंड के लिए दोबारा आना पड़ा अस्पताल
सुल्तानपुर जिले के अलीपुर कपा गांव के रामचंद्र तिवारी शनिवार को अल्ट्रासाउंड कराने आए थे। लेकिन भीड़ के कारण जांच नहीं हो सकी। सोमवार को दोबारा अस्पताल आए और घंटों इंतजार के बाद नंबर मिला।
दवाएं न मिलने से बाहर से खरीदनी पड़ी
अकबरपुर के अशोक विहार कॉलोनी निवासी आदर्श दूबे को विटामिन बी-12 की दवा अस्पताल में नहीं मिली। जिससे उन्हें निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ी।
जिला अस्पताल की व्यवस्था ठीक करना और दवाओं की कमी को पूरा करना सीएमएस की जिम्मेदारी है। अगर यह नहीं हो रहा है, तो यह ठीक नहीं है। दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
— डॉ. सदानंद गुप्ता, एडीएम वित्त एवं राजस्व