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Ambedkar Nagar News: सरयू का जलस्तर घटा, फिर भी बाढ़ की चिंता बरकरार
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जलस्तर बढ़ने के बाद सरयू नदी का नजारा। संवाद
राजेसुल्तानपुर। सरयू नदी का जलस्तर सोमवार को तीन सेंटीमीटर कम हो गया। इसके बावजूद नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ की चिंता बनी हुई है। जलस्तर में मामूली गिरावट के बाद भी मांझा क्षेत्र के निचले हिस्सों में पानी लगातार फैल रहा है। आराजी देवारा में पानी बंधे के किनारे तक पहुंच गया है।
मांझा कम्हरिया और आराजी क्षेत्र में करीब 15 से 20 बीघा धान की फसल जलमग्न हो चुकी है। कई स्थानों पर नदी का कटान भी हो रहा है। सोमवार को सरयू का जलस्तर 84.88 मीटर से घटकर 84.85 मीटर दर्ज किया गया। नदी अभी खतरे के निशान से 71 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। आराजी देवारा के करिया लोनिया का पूरा गांव के किनारे तक पानी पहुंचने से ग्रामीणों में बेचैनी बढ़ गई है।
खेतों में पानी भरने से धान की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। लगातार जलभराव के कारण किसानों को फसल बर्बाद होने का डर सता रहा है। गांवों में पशुओं के लिए हरे चारे की उपलब्धता भी प्रभावित होने लगी है। ग्रामीण धर्मेंद्र, राजेश और इंद्रेश ने बताया कि गांवों के आसपास हालात सामान्य नहीं हुए हैं। कटान वाले स्थानों पर भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर घटने-बढ़ने के बावजूद बंधे के किनारे पानी का फैलाव लगातार बढ़ रहा है।
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प्रशासन कर रहा निगरानी
जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए तहसील प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व कर्मचारियों को तैनात किया है। कर्मचारियों को गांवों और बंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सरयू का जलस्तर घटा है और नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल कहीं कोई गंभीर समस्या नहीं है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है।
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मांझा कम्हरिया और आराजी क्षेत्र में करीब 15 से 20 बीघा धान की फसल जलमग्न हो चुकी है। कई स्थानों पर नदी का कटान भी हो रहा है। सोमवार को सरयू का जलस्तर 84.88 मीटर से घटकर 84.85 मीटर दर्ज किया गया। नदी अभी खतरे के निशान से 71 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। आराजी देवारा के करिया लोनिया का पूरा गांव के किनारे तक पानी पहुंचने से ग्रामीणों में बेचैनी बढ़ गई है।
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खेतों में पानी भरने से धान की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। लगातार जलभराव के कारण किसानों को फसल बर्बाद होने का डर सता रहा है। गांवों में पशुओं के लिए हरे चारे की उपलब्धता भी प्रभावित होने लगी है। ग्रामीण धर्मेंद्र, राजेश और इंद्रेश ने बताया कि गांवों के आसपास हालात सामान्य नहीं हुए हैं। कटान वाले स्थानों पर भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर घटने-बढ़ने के बावजूद बंधे के किनारे पानी का फैलाव लगातार बढ़ रहा है।
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प्रशासन कर रहा निगरानी
जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए तहसील प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व कर्मचारियों को तैनात किया है। कर्मचारियों को गांवों और बंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सरयू का जलस्तर घटा है और नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल कहीं कोई गंभीर समस्या नहीं है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है।