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झमाझम बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर फेरा पानी
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अंबेडकरनगर। सुबह खिली तेज धूप से गेहूं की कटाई व मड़ाई का कार्य सोमवार को शुरू हो पाता कि अपराह्न करीब एक बार फिर मौसम ने किसानों के मंसूबे पर पानी फेर दिया। दोपहर में अचानक मौसम ने करवट बदली और घने काले बादल छा गए। लोग जब तक कुछ समझ पाते कि कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश शुरू हो गई।
तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से किसानों को काफी नुकसान पहुंचा। बारिश होने से एक तरफ जहां कटाई व मड़ाई का कार्य ठप पड़ गया, वहीं खेतों में कटाई के बाद सूखने के लिए छोड़ी गई गेहूं की फसल भी बिखर गई। बारिश के चलते विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ा। कई क्षेत्रों में देर शाम तक आपूर्ति पटरी पर नहीं लौट सकी थी। इससे भी आम नागरिकों को काफी मुश्किलें हुईं।
गौरतलब है कि ये समय किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इसी के चलते कोरोना के बावजूद सरकार ने किसानों की जरूरतों को देखते उन्हें छूट प्रदान की है। परंतु मौसम किसानों का साथ देता नहीं दिख रहा है। रविवार शाम अचानक मौसम खराब होने से किसान चिंतित हो गए थे। कई क्षेत्रों में जोरदार बारिश के साथ ओले भी पड़े थे।
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बिजली गिरने से बुजुर्ग समेत तीन लोगों की मौत भी हो गई थी। हालांकि जिले के कई क्षेत्रों में बारिश का असर काफी कम था। थोड़ी देर हुई बारिश के बाद मौसम साफ हो गया था। सोमवार सुबह तेज धूप खिली। इससे किसानों के चेहरे पर राहत के भाव झलक रहे थे। किसानों को उम्मीद थी कि शायद अब मौसम ठीक हो जाए। सुबह के समय तो किसान कटाई व मड़ाई का कार्य नहीं कर सके। परंतु दिनभर धूप लगने के बाद शाम को काफी संख्या में किसान कटाई व मड़ाई की तैयारी में थे, लेकिन मौसम ने फिर एक बार फिर किसानों के मंसूबे पर पानी फेर दिया।
सोमवार अपराह्न आसमान में अचानक बादल उमड़ने-घुमड़ने लगे। इससे किसानों की सांसें थम सी गईं। किसान जब तक कुछ समझ पाते तब तक हवाओं का रुख भी तीव्र हो गया। देखते ही देखते तेज हवाओं व बारिश का दौर शुरू हो गया। हजपुरा, जलालपुर व भीटी आदि क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। लगातार दूसरे दिन हुई बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
जलालपुर के जगदीश तिवारी, महरुआ के मनीराम व भीटी के गनपत का कहना है कि ये इस बारिश किसानों के लिए अभिशाप है। यदि इसी तरह मौसम रहा तो गेहूं किसानों को तगड़ी चपत लग जाएगी। अभी बड़ी संख्या में किसानों के खेतों में गेहूं की फसल कटाई व मड़ाई के लिए पड़ी है। यदि 10 दिन तक मौसम ठीक रह जाता तो किसानों के लिए बेहतर होता। तेज हवा व बारिश के चलते बेपटरी हुई विद्युत आपूर्ति कई क्षेत्रों में देर शाम तक बहाल नहीं हो सकी। इससे उपभोक्ताओं को काफी मुश्किल हुई।
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तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से किसानों को काफी नुकसान पहुंचा। बारिश होने से एक तरफ जहां कटाई व मड़ाई का कार्य ठप पड़ गया, वहीं खेतों में कटाई के बाद सूखने के लिए छोड़ी गई गेहूं की फसल भी बिखर गई। बारिश के चलते विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ा। कई क्षेत्रों में देर शाम तक आपूर्ति पटरी पर नहीं लौट सकी थी। इससे भी आम नागरिकों को काफी मुश्किलें हुईं।
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गौरतलब है कि ये समय किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इसी के चलते कोरोना के बावजूद सरकार ने किसानों की जरूरतों को देखते उन्हें छूट प्रदान की है। परंतु मौसम किसानों का साथ देता नहीं दिख रहा है। रविवार शाम अचानक मौसम खराब होने से किसान चिंतित हो गए थे। कई क्षेत्रों में जोरदार बारिश के साथ ओले भी पड़े थे।
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बिजली गिरने से बुजुर्ग समेत तीन लोगों की मौत भी हो गई थी। हालांकि जिले के कई क्षेत्रों में बारिश का असर काफी कम था। थोड़ी देर हुई बारिश के बाद मौसम साफ हो गया था। सोमवार सुबह तेज धूप खिली। इससे किसानों के चेहरे पर राहत के भाव झलक रहे थे। किसानों को उम्मीद थी कि शायद अब मौसम ठीक हो जाए। सुबह के समय तो किसान कटाई व मड़ाई का कार्य नहीं कर सके। परंतु दिनभर धूप लगने के बाद शाम को काफी संख्या में किसान कटाई व मड़ाई की तैयारी में थे, लेकिन मौसम ने फिर एक बार फिर किसानों के मंसूबे पर पानी फेर दिया।
सोमवार अपराह्न आसमान में अचानक बादल उमड़ने-घुमड़ने लगे। इससे किसानों की सांसें थम सी गईं। किसान जब तक कुछ समझ पाते तब तक हवाओं का रुख भी तीव्र हो गया। देखते ही देखते तेज हवाओं व बारिश का दौर शुरू हो गया। हजपुरा, जलालपुर व भीटी आदि क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। लगातार दूसरे दिन हुई बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
जलालपुर के जगदीश तिवारी, महरुआ के मनीराम व भीटी के गनपत का कहना है कि ये इस बारिश किसानों के लिए अभिशाप है। यदि इसी तरह मौसम रहा तो गेहूं किसानों को तगड़ी चपत लग जाएगी। अभी बड़ी संख्या में किसानों के खेतों में गेहूं की फसल कटाई व मड़ाई के लिए पड़ी है। यदि 10 दिन तक मौसम ठीक रह जाता तो किसानों के लिए बेहतर होता। तेज हवा व बारिश के चलते बेपटरी हुई विद्युत आपूर्ति कई क्षेत्रों में देर शाम तक बहाल नहीं हो सकी। इससे उपभोक्ताओं को काफी मुश्किल हुई।