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Ambedkar Nagar News: डिलीवरी पार्टनर कंपनी के इंचार्ज ने लगाया 16.48 लाख का चूना

Mon, 30 Jun 2025 10:40 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 30 Jun 2025 10:40 PM IST
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The incharge of the delivery partner company defrauded him of Rs. 16.48 lakh
पुलिस अ​​भिरक्षा में बरामद किए गए 19 मोबाइल फोन।पुलिस मीडिया सेल
अंबेडकरनगर। ई कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के डिलीवरी पार्टनर कंपनी के हब इंचार्ज सचिन विश्वकर्मा ने अपने रिश्तेदारों के नाम से फर्जी आईडी बनाकर 14.13 लाख रुपये के मोबाइल खरीद डाले। इसके बाद कंपनी की रिप्लेस पॉलिसी में खाली डिब्बे भेज दिए। इससे कंपनी को करीब दो लाख रुपये का डिलीवरी शुल्क का भी चूना लग गया। एक के बाद एक खाली डिब्बे वापस मिलने पर कंपनी ने जांच कराई तो पूरा मामला पकड़ में आ गया।
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इब्राहिमपुर के इल्तिफातगंज बाजार के तिवारी में ई-कॉमर्स कंपनियों के डिलीवरी पार्टनर एमडीएच कनेक्टिंग इंडिया के नाम से कार्यालय संचालित है। यहां अन्य कंपनियों के साथ फ्लिपकार्ट के ऑर्डर भेजे जाते हैं, जहां से उपभोक्ताओं तक पहुंचा दिए जाते हैं। टांडा के शाहपुर कुरमौल निवासी सचिन विश्वकर्मा को कंपनी ने यहां बतौर हब इंचार्ज तैनात कर रखा था। कुछ माह पूर्व सचिन ने जल्द अमीर होने के लिए ठगी का रास्ता अपना लिया। उसने अपने करीबी पांच रिश्तेदारों के मोबाइल नंबरों के माध्यम से फ्लिपकार्ट पर आईडी बनाई। इसके बाद महंगे-महंगे मोबाइल ऑर्डर करने लगा।
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मोबाइल हब में ऑर्डर पहुंचने के बाद उसकी फीडिंग कर उसे डिलीवरी के लिए भेजा जाना दर्शा देता था। हालांकि डिलीवर होने से पहले ही ऑर्डर को कैंसिल कर दिया जाता था। चूंकि कंपनी को ऑर्डर सकुशल पहुंचाने की जिम्मेदारी भी डिलीवरी पार्टनर की होती है, इसका फायदा उठाकर सचिन मोबाइल निकालकर खाली डिब्बे कंपनी को भेज देता था। इस तरह से सचिन ने 40 खाली माेबाइल के डिब्बे भेजकर कंपनी को 16.48 लाख रुपये का चूना लगाया। इसमें मोबाइल की कीमत 14.13 लाख व डिलीवरी शुल्क 02.35 लाख रुपये शामिल था।
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दुकानदारों को कम दाम पर बेचता था मोबाइल

खाली डिब्बे वापस भेजने के बाद मोबाइल की इनवॉइस सहित उसे टांडा और जलालपुर के मोबाइल के दुकानदारों को कम दामों में बेचकर उनसे रुपये ले लेता था। इन रुपयों को उसने अपने ऐशो आराम के लिए खर्च किए।

ऐसे खुला पूरा मामला
एक के बाद एक 40 मोबाइल के खाली डिब्बे कंपनी में पहुंचे तो हड़कंप मच गया। मामले की जांच शुरू हुई तो पता चला कि इल्तिफातगंज स्थित तिवारीपुर हब से भेजे गए हैं। इसके बाद वाराणसी के राखी टावर चोलापुर कंपनी के पूर्वांचल हेड आशीष सिंह ने रविवार को हब इंचार्ज के खिलाफ नामजद तहरीर दी। सीओ शुभम कुमार ने मामले की जांच शुरू की। साइबर सेल की मदद से उन पांच आईडी की कुंडली खंगाली गई, जिनके माध्यम से इन 40 मोबाइल की ऑनलाइन खरीदारी की गई थी। इन सभी मोबाइल नंबरों पर बात करने के बाद सभी नंबर सचिन विश्वकर्मा के करीबियों के निकले। मामले में शनिवार रात केस दर्ज किया गया था।

आरोपी गिरफ्तार, 19 मोबाइल बरामद
पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में सीओ टांडा शुभम कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी होने के बाद पुलिस टीम ने जांच शुरू की। इस दौरान आरोपी सचिन विश्वकर्मा को शाही मस्जिद इल्तिफातगंज के पास से एसआई बृजेश कुमार सिंह व उनकी टीम ने सोमवार सुबह करीब पांच बजे गिरफ्तार कर लिया। इसके पास से कुल 19 नए एंड्रॉयड मोबाइल बरामद हुए हैं। पूछताछ के दौरान उसने कंपनी के साथ की गई ठगी की बात स्वीकार की है।
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