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Ambedkar Nagar News: फुलवारी लीला का मंचन देख झूम उठे दर्शक
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टांडा (अंबेडकरनगर)। श्रीराम विवाह सेवा समिति मुबारकपुर के तत्वावधान में चौथे दिन जनक बाजार और फुलवारी लीला प्रसंगों का मंचन हुआ। सजीव मंचन देख दर्शक खुशी से झूम उठे।
राजा जनक के आमंत्रण पर गुरु विश्वामित्र के साथ राम व लक्ष्मण मिथिला जाते हैं। जनकपुर बाजार में दोनों को देखकर वहां के निवासी मोहित हो जाते हैं। वहां की नारी झरोखे से देखकर आपस में कहती हैं कि कितनी सुंदर जोड़ी है। सहज ही मन को मोहित कर लेती है। जनकपुरवासी राम व लक्ष्मण की जोरदार अगुवानी कर स्वागत करते हैं।
अगले दृश्य में विश्वामित्र के पूजन-अर्चन के लिए दोनों भाई पुष्प चुनने वाटिका पहुंचते हैं। वहां का माली उनसे कहता है कि प्रभु आप कष्ट न करिये, मैं पुष्प चुन देता हूं। उसी समय जनक नंदिनी के साथ सहेलियों का प्रवेश होता है। जानकी की प्रिय सखी दोनों भाइयों को देखकर मुग्ध हो जाती हैं। यह प्रसंग देख दर्शक झूम उठते हैं।
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अगले दृश्य में सब सहेलियां जानकी को गौरी पूजन के लिए मंदिर ले जाती हैं। इस मंचन को सफल बनाने में चंदबली विश्वकर्मा, सत्यप्रकाश मद्धेशिया, मनोज यादव, अनूप यादव व बालकिशुन सैनी आदि का विशेष योगदान रहा।
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राजा जनक के आमंत्रण पर गुरु विश्वामित्र के साथ राम व लक्ष्मण मिथिला जाते हैं। जनकपुर बाजार में दोनों को देखकर वहां के निवासी मोहित हो जाते हैं। वहां की नारी झरोखे से देखकर आपस में कहती हैं कि कितनी सुंदर जोड़ी है। सहज ही मन को मोहित कर लेती है। जनकपुरवासी राम व लक्ष्मण की जोरदार अगुवानी कर स्वागत करते हैं।
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अगले दृश्य में विश्वामित्र के पूजन-अर्चन के लिए दोनों भाई पुष्प चुनने वाटिका पहुंचते हैं। वहां का माली उनसे कहता है कि प्रभु आप कष्ट न करिये, मैं पुष्प चुन देता हूं। उसी समय जनक नंदिनी के साथ सहेलियों का प्रवेश होता है। जानकी की प्रिय सखी दोनों भाइयों को देखकर मुग्ध हो जाती हैं। यह प्रसंग देख दर्शक झूम उठते हैं।
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अगले दृश्य में सब सहेलियां जानकी को गौरी पूजन के लिए मंदिर ले जाती हैं। इस मंचन को सफल बनाने में चंदबली विश्वकर्मा, सत्यप्रकाश मद्धेशिया, मनोज यादव, अनूप यादव व बालकिशुन सैनी आदि का विशेष योगदान रहा।