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Ambedkar Nagar News: रीढ़ की हड्डी को सर्जरी कर जोड़ने में पाई सफलता
Sat, 12 Apr 2025 10:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 12 Apr 2025 10:38 PM IST
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असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सचिन कुमार
अंबेडकरनगर। महामाया राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर के के ऑर्थोपेडिक विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सचिन कुमार और उनकी टीम ने पहली बार रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) की सफल सर्जरी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।
यह सर्जरी सम्मनपुर के रोहित की हुई है, जो 26 मार्च 2018 को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे में उनकी रीढ़ की हड्डी दोनों ओर से टूट गई थी, जिससे वह पिछले कई वर्षों से चलने-फिरने में असमर्थ थे।
डॉ. सचिन कुमार ने अपने सहयोगी डॉ. शिवगोविंद, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. मिनाली और न्यूरोसर्जन डॉ. सुदीप की मदद से यह जटिल सर्जरी शुक्रवार को सफलतापूर्वक पूरी की। इस प्रक्रिया में टूटी हुई हड्डियों को जोड़ने के लिए पेडिकुलर स्क्रू तकनीक का प्रयोग किया गया और दब चुकी नसों को भी सफलतापूर्वक खोला गया। यह उपलब्धि मेडिकल कॉलेज के इतिहास में मील का पत्थर मानी जा रही है।
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मीडिया प्रभारी डॉ. विवेक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस सर्जरी से मेडिकल कॉलेज ने नया कीर्तिमान गढ़ा है। यहां जटिल बीमारियों का भी इलाज संभव है। (संवाद)
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यह सर्जरी सम्मनपुर के रोहित की हुई है, जो 26 मार्च 2018 को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे में उनकी रीढ़ की हड्डी दोनों ओर से टूट गई थी, जिससे वह पिछले कई वर्षों से चलने-फिरने में असमर्थ थे।
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डॉ. सचिन कुमार ने अपने सहयोगी डॉ. शिवगोविंद, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. मिनाली और न्यूरोसर्जन डॉ. सुदीप की मदद से यह जटिल सर्जरी शुक्रवार को सफलतापूर्वक पूरी की। इस प्रक्रिया में टूटी हुई हड्डियों को जोड़ने के लिए पेडिकुलर स्क्रू तकनीक का प्रयोग किया गया और दब चुकी नसों को भी सफलतापूर्वक खोला गया। यह उपलब्धि मेडिकल कॉलेज के इतिहास में मील का पत्थर मानी जा रही है।
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मीडिया प्रभारी डॉ. विवेक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस सर्जरी से मेडिकल कॉलेज ने नया कीर्तिमान गढ़ा है। यहां जटिल बीमारियों का भी इलाज संभव है। (संवाद)