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विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे 400 डाकघरों के डाक सेवक

Thu, 26 Nov 2020 11:05 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Nov 2020 11:05 PM IST
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फोटो 12, अंबेडकरनगर मुख्य डाकघर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते डाककर्मी। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, 108 दिन का अवकाश दिए जाने व इस अवधि का भी भुगतान किए जाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के तत्वावधान डाक सेवकों ने कार्य का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। कहा गया कि लंबे समय से सरकारी दर्जा दिए जाने समेत विभिन्न समस्याओं के निस्तारण की मांग की जा रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। जब भी इसे लेकर धरना प्रदर्शन किया जाता है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। इस प्रकार की उपेक्षा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही उनकी मागों का निस्तारण नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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राष्ट्रीय आह्वान पर जिले के 400 डाकघर के लगभग 1100 कर्मचारियों ने अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के बैनर तले गुरुवार को डाक सेवकों ने एक दिवसीय हड़ताल की। कार्य का बहिष्कार कर प्रदर्शन कर रहे डाक सेवकों ने हक की आवाज बुलंद की। जिला मुख्यालय स्थित प्रधान डाकघर परिसर में प्रदर्शन कर रहे डाक सेवकों को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष संदीप मिश्र ने कहा कि डाक सेवकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है। इससे आगे प्रक्रिया नहीं बढ़ती। ग्रामीण डाक सेवकों को तीन बार समयबद्ध पदोन्नति देने की मांग को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे डाक सेवकों का हक मारा जा रहा है।
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वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण डाक सेवकों को 108 दिन का न सिर्फ अवकाश दिया जाए बल्कि उन्हें अवकाश अवधि का भुगतान भी किया जाए। कहा गया कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाए। साथ ही महंगाई भत्ता भी बहाल किया जाए। कहा कि लंबे समय से ग्रामीण डाक सेवकों की उपेक्षा की जा रही है। अब इस प्रकार की उपेक्षा बर्दाश्रत नहीं किया जाएगा। चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि शीघ्र ही उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे। इस दौरान रामकुमार यादव, नरेंद्र तिवारी, अरुण सिंह, प्रशांत सिंह, जंगबहादुर, जयचंद्र पाण्डेय, पारसनाथ पाण्डेय, हनुमान यादव आदि मौजूद रहे।
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