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1586 स्कूलों के दो लाख बच्चों को झटका
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अंबेडकरनगर। जिले के 1586 परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे 2 लाख 9 हजार छात्र-छात्राओं को गर्म भोजन मिलने की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है। छात्र-छात्राओं को गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में निर्मित होने वाला अक्षय पात्र अत्याधुनिक किचन का निर्माण अधर में लटक गया है। किचन का निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था ने हाथ खड़े करते हुए प्रथम किस्त के रूप में मिली 2 करोड़ से अधिक राशि को वापस करने के लिए शासन को पत्र लिखा है। कार्यदायी संस्था की ओर से राशि वापस किए जाने की मांग के बाद जरूरी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
परिषदीय विद्यालय में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को एमडीएम योजना के तहत भोजन दिलाए जाने के बीच प्रदेश में सपा शासनकाल के दौरान अक्षय पात्र योजना के तहत अत्याधुनिक किचन के निर्माण के लिए जिले का चयन किया गया था। योजना के तहत निर्मित किचन में मानवरहित मशीन द्वारा गर्म भोजन को विशेष टिफिन में पैक कर जिले के 1586 विद्यालयों में पढ़ रहे 2 लाख 9 हजार छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराया जाना था।
15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले अत्याधुनिक किचन के निर्माण की जिम्मेदारी संस्था अक्षयपात्र फाउंडेशन बंग्लौर की शाखा मथुरा को सौंपी गई। निर्माण में आर्थिक बाधा न हो, इसके लिए कार्यदायी संस्था को प्रथम किस्त के रूप में 2 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि भी उपलब्ध करा दी गई।
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लंबी प्रक्रिया के बाद वर्ष 2018 में जिले के बसखारी विकास विकास खंड के शुकुलबाजार में भूमि चिह्नित की गई। हालांकि बाद में इसे रद्द करते हुए अकबरपुर विकास खंड के रामपुर सकरवारी में भूमि का चयन भवन निर्माण के लिए किया गया। इसके बाद से उम्मीद थी कि शीघ्र ही भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
इस बीच गत दिवस कार्यदायी संस्था ने निर्माण से हाथ खड़े करते हुए शासन को पत्र भेजकर प्रथम किस्त के रूप में मिली राशि समर्पण किए जाने की मांग की। इस पर बीते दिनों ही शासन ने बीएसए कार्यालय को कार्यदायी संस्था से समर्पण की जरूरी प्रक्रिया शुरू किए जाने का निर्देश दिया। शासन से मिले दिशा निर्देश के बाद जिले में धन वापसी को लेकर जरूरी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
ब्याज सहित वापस होगी राशि
किचन निर्माण की कार्यदायी संस्था की ओर से राशि वापस करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया था। इस संबंध में शासन से मिले दिशा निर्देश के अनुसार कार्यदायी संस्था से ब्याज सहित राशि का समर्पण किया जाएगा। इसके लिए सभी जरूरी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
- अतुल कुमार सिंह, बीएसए
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परिषदीय विद्यालय में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को एमडीएम योजना के तहत भोजन दिलाए जाने के बीच प्रदेश में सपा शासनकाल के दौरान अक्षय पात्र योजना के तहत अत्याधुनिक किचन के निर्माण के लिए जिले का चयन किया गया था। योजना के तहत निर्मित किचन में मानवरहित मशीन द्वारा गर्म भोजन को विशेष टिफिन में पैक कर जिले के 1586 विद्यालयों में पढ़ रहे 2 लाख 9 हजार छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराया जाना था।
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15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले अत्याधुनिक किचन के निर्माण की जिम्मेदारी संस्था अक्षयपात्र फाउंडेशन बंग्लौर की शाखा मथुरा को सौंपी गई। निर्माण में आर्थिक बाधा न हो, इसके लिए कार्यदायी संस्था को प्रथम किस्त के रूप में 2 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि भी उपलब्ध करा दी गई।
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लंबी प्रक्रिया के बाद वर्ष 2018 में जिले के बसखारी विकास विकास खंड के शुकुलबाजार में भूमि चिह्नित की गई। हालांकि बाद में इसे रद्द करते हुए अकबरपुर विकास खंड के रामपुर सकरवारी में भूमि का चयन भवन निर्माण के लिए किया गया। इसके बाद से उम्मीद थी कि शीघ्र ही भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
इस बीच गत दिवस कार्यदायी संस्था ने निर्माण से हाथ खड़े करते हुए शासन को पत्र भेजकर प्रथम किस्त के रूप में मिली राशि समर्पण किए जाने की मांग की। इस पर बीते दिनों ही शासन ने बीएसए कार्यालय को कार्यदायी संस्था से समर्पण की जरूरी प्रक्रिया शुरू किए जाने का निर्देश दिया। शासन से मिले दिशा निर्देश के बाद जिले में धन वापसी को लेकर जरूरी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
ब्याज सहित वापस होगी राशि
किचन निर्माण की कार्यदायी संस्था की ओर से राशि वापस करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया था। इस संबंध में शासन से मिले दिशा निर्देश के अनुसार कार्यदायी संस्था से ब्याज सहित राशि का समर्पण किया जाएगा। इसके लिए सभी जरूरी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
- अतुल कुमार सिंह, बीएसए