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Ambedkar Nagar News: चेतावनी बिंदु से 44 सेमी ऊपर पहुंचा सरयू का पानी
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राजेसुल्तानपुर के माझा कम्हरिया में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से हो रही कटान - संवाद
राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। मंगलवार सुबह सरयू नदी का पानी चेतावनी बिंदु 84.56 मीटर से 44 सेमी ऊपर पहुंच गया। खतरे से मात्र 56 सेमी नीचे होने से माझा क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव की लगभग 20 हजार की आबादी की चिंता अब बढ़ गई है। इन्हें आशंका है कि यदि इसी प्रकार से जलस्तर में वृद्धि होती रही तो शीघ्र ही लाल निशान के ऊपर पानी पहुंच जाएगा जिससे न सिर्फ खेत जलमग्न होंगे बल्कि गांवों में पानी पहुंच जाएगा।
सरयू नदी के जलस्तर में बीते दो दिनों से लगातार वृद्धि हो रही है। इसी के चलते मंगलवार को जलस्तर चेतावनी बिंदु 84.56 मीटर को पार करता हुआ 85 मीटर पर पहुंच गया जो कि चेतावनी बिंदु से 56 सेमी ऊपर है। माना जा रहा है कि यदि इसी प्रकार से जलस्तर में वृद्धि होती रही तो शीघ्र ही लाल निशान 85.56 मीटर को पार कर जाएगा।
इस बीच जलस्तर बढ़ने से अराजी देवारा के मजरा हंसू का पूरा, कल्लू का पूरा, करिया लोनिया का पूरा, सिद्धनाथ तथा माझा कम्हरिया के मजरा पटपरवा, सत्य नरायन का पूरा, नौका पूरा, रग्घू का पूरा, निषाद बस्ती, दलित बस्ती व कम्हरिया के लोगों की चिंता बढ़ गई। संबंधित गांव नदी के अत्यंत निकट हैं, ऐसे में यदि जलस्तर लाल निशान के पहुंचा तो न सिर्फ खेत जलमग्न होंगे बल्कि गांव के अंदर भी पानी पहुंच जाएगा। ऐसे में संबधित क्षेत्र की लगभग 20 हजार की आबादी को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
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नदी में समा गए एक दर्जन पेड़
तीन दिन पहले माझा क्षेत्र के इटौरा ढोलपुर स्थित परमात्मा की शीशम की बाग में कटान शुरू हुई थी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जायजा भी लिया था। कटान रोकने के प्रयास भी शुरू किए गए लेकिन सोमवार को कटान बढ़ने से लगभग एक दर्जन शीशम के पेड़ नदी में समा गए। इससे संबंधित ग्रामीण को एक लाख से अधिक आर्थिक क्षति हुई। मालूम हो कि परमात्मा के भाई राघवेंद्र सिंह की अमरूद की बाग विगत वर्ष कटान की भेंट चढ़ गई थी।
उठाए जाएं बेहतर कदम
सरयू नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से चिंतित माझा क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से समय रहते ठोस कदम उठाए जाने की मांग की। माझा कम्हरिया के विजयी, फूदल, रामजीत, रामआसरे ने कहा कि विगत वर्ष सरयू नदी में आई बाढ़ से माझा क्षेत्र के लोगों को नुकसान उठाना पड़ा था, यदि समय रहते बेहतर कदम उठा लिया जाता तो अधिक नुकसान होने से बचाया जा सकता था। इसे देखते हुए इस बार पहले से ही बेहतर कदम उठाए जाएं। अराजी देवारा के संतोष, धर्मेंद्र ने कहा कि बाढ़ चौकियों को पूरी तरह से अलर्ट किया जाए, साथ ही वहां जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने को लेकर सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। ऐसा होने से बड़े नुकसान को बचाया जा सकता है। इटौरा ढोलीपुर के आवेश सिंह ने कहा कि इटौरा ढोलीपुर व आसपास के क्षेत्र में कटान की अधिक संभावना होती है। विगत वर्ष न सिर्फ राघवेंद्र सिंह की अमरूद की पूरी बाग कटान की भेंट चढ़ गई थी बल्कि कई अन्य ग्रामीणों व किसानों को नुकसान उठाना पड़ा था। इस बार भी इसी क्षेत्र में कटान होने से परमात्मा की शीशम बाग के एक दर्जन पेड़ कटान के चलते नदी में समा गए। इसे रोकने को लेकर जिम्मेदारों को पूरी गंभीरता दिखानी चाहिए।
अधिकारियों ने लिया जायजा
सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच मंगलवार को एसडीएम आलापुर सदानंद सरोज ने तहसीलदार पदमेश श्रीवास्तव के साथ माझा क्षेत्र के अलग-अलग गांव पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ चौकियों का भी निरीक्षण किया। कहा कि जलस्तर पर लगातार पैनी निगाह रखी जा रही है। यदि आवश्यकता पड़ी तो निकटवर्ती गांव के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने माझा क्षेत्र के ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है।
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सरयू नदी के जलस्तर में बीते दो दिनों से लगातार वृद्धि हो रही है। इसी के चलते मंगलवार को जलस्तर चेतावनी बिंदु 84.56 मीटर को पार करता हुआ 85 मीटर पर पहुंच गया जो कि चेतावनी बिंदु से 56 सेमी ऊपर है। माना जा रहा है कि यदि इसी प्रकार से जलस्तर में वृद्धि होती रही तो शीघ्र ही लाल निशान 85.56 मीटर को पार कर जाएगा।
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इस बीच जलस्तर बढ़ने से अराजी देवारा के मजरा हंसू का पूरा, कल्लू का पूरा, करिया लोनिया का पूरा, सिद्धनाथ तथा माझा कम्हरिया के मजरा पटपरवा, सत्य नरायन का पूरा, नौका पूरा, रग्घू का पूरा, निषाद बस्ती, दलित बस्ती व कम्हरिया के लोगों की चिंता बढ़ गई। संबंधित गांव नदी के अत्यंत निकट हैं, ऐसे में यदि जलस्तर लाल निशान के पहुंचा तो न सिर्फ खेत जलमग्न होंगे बल्कि गांव के अंदर भी पानी पहुंच जाएगा। ऐसे में संबधित क्षेत्र की लगभग 20 हजार की आबादी को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
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नदी में समा गए एक दर्जन पेड़
तीन दिन पहले माझा क्षेत्र के इटौरा ढोलपुर स्थित परमात्मा की शीशम की बाग में कटान शुरू हुई थी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जायजा भी लिया था। कटान रोकने के प्रयास भी शुरू किए गए लेकिन सोमवार को कटान बढ़ने से लगभग एक दर्जन शीशम के पेड़ नदी में समा गए। इससे संबंधित ग्रामीण को एक लाख से अधिक आर्थिक क्षति हुई। मालूम हो कि परमात्मा के भाई राघवेंद्र सिंह की अमरूद की बाग विगत वर्ष कटान की भेंट चढ़ गई थी।
उठाए जाएं बेहतर कदम
सरयू नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से चिंतित माझा क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से समय रहते ठोस कदम उठाए जाने की मांग की। माझा कम्हरिया के विजयी, फूदल, रामजीत, रामआसरे ने कहा कि विगत वर्ष सरयू नदी में आई बाढ़ से माझा क्षेत्र के लोगों को नुकसान उठाना पड़ा था, यदि समय रहते बेहतर कदम उठा लिया जाता तो अधिक नुकसान होने से बचाया जा सकता था। इसे देखते हुए इस बार पहले से ही बेहतर कदम उठाए जाएं। अराजी देवारा के संतोष, धर्मेंद्र ने कहा कि बाढ़ चौकियों को पूरी तरह से अलर्ट किया जाए, साथ ही वहां जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने को लेकर सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। ऐसा होने से बड़े नुकसान को बचाया जा सकता है। इटौरा ढोलीपुर के आवेश सिंह ने कहा कि इटौरा ढोलीपुर व आसपास के क्षेत्र में कटान की अधिक संभावना होती है। विगत वर्ष न सिर्फ राघवेंद्र सिंह की अमरूद की पूरी बाग कटान की भेंट चढ़ गई थी बल्कि कई अन्य ग्रामीणों व किसानों को नुकसान उठाना पड़ा था। इस बार भी इसी क्षेत्र में कटान होने से परमात्मा की शीशम बाग के एक दर्जन पेड़ कटान के चलते नदी में समा गए। इसे रोकने को लेकर जिम्मेदारों को पूरी गंभीरता दिखानी चाहिए।
अधिकारियों ने लिया जायजा
सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच मंगलवार को एसडीएम आलापुर सदानंद सरोज ने तहसीलदार पदमेश श्रीवास्तव के साथ माझा क्षेत्र के अलग-अलग गांव पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ चौकियों का भी निरीक्षण किया। कहा कि जलस्तर पर लगातार पैनी निगाह रखी जा रही है। यदि आवश्यकता पड़ी तो निकटवर्ती गांव के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने माझा क्षेत्र के ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है।