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सरदार सेना ने मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
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अंबेडकरनगर। बुलंदशहर में घटना के आरोपियों को फांसी की सजा दिए जाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर सरदार सेना के प्रतिनिधि मंडल ने शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर न्यायिक तहसीलदार से मुलाकात की। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपते हुए प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रेश वर्मा ने कहा कि बीते दिनों बुलंदशहर में जिस प्रकार से बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी गोली मारकर हत्या की गई, वह अत्यंत निंदनीय व चिंताजनक है। घटना के आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए। पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने के साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। इस प्रकार की घटना दोबारा न हो, इसके लिए भी ठोस कदम उठाया जाए।
धर्मेंद्र कुमार, अमन पटेल, नीरज विश्वकर्मा, संजय, रामजीत, आत्माराम ने कहा कि रेलवे का निजीकरण किया जा रहा है। इससे कर्मचारियों की नौकरी जहां खतरे में पड़ जाएगी, तो वहीं आम लोगों का ट्रेन से यात्रा करना भी महंगा हो जाएगा। ऐसे में निजीकरण पर रोक लगाई जाए। आरबी एनटीपीसी के परिणाम में जो धांधली हुई है, उसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। जो भी दोषी हो, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। काट ऑफ सूची नए सिरे से जारी की जाए। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो आचार संहिता समाप्त होने के बाद आंदोलन किया जाएगा।
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ज्ञापन सौंपते हुए प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रेश वर्मा ने कहा कि बीते दिनों बुलंदशहर में जिस प्रकार से बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी गोली मारकर हत्या की गई, वह अत्यंत निंदनीय व चिंताजनक है। घटना के आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए। पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने के साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। इस प्रकार की घटना दोबारा न हो, इसके लिए भी ठोस कदम उठाया जाए।
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धर्मेंद्र कुमार, अमन पटेल, नीरज विश्वकर्मा, संजय, रामजीत, आत्माराम ने कहा कि रेलवे का निजीकरण किया जा रहा है। इससे कर्मचारियों की नौकरी जहां खतरे में पड़ जाएगी, तो वहीं आम लोगों का ट्रेन से यात्रा करना भी महंगा हो जाएगा। ऐसे में निजीकरण पर रोक लगाई जाए। आरबी एनटीपीसी के परिणाम में जो धांधली हुई है, उसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। जो भी दोषी हो, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। काट ऑफ सूची नए सिरे से जारी की जाए। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो आचार संहिता समाप्त होने के बाद आंदोलन किया जाएगा।
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