{"_id":"5810ef404f1c1b944ebc35bf","slug":"roadways-buses-damaged-traveling-in-private-bus","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोडवेज बसं खटारा, प्राइवेट में सफर करने की लाचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोडवेज बसं खटारा, प्राइवेट में सफर करने की लाचारी
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Wed, 26 Oct 2016 11:30 PM IST
विज्ञापन
अकबरपुर डीपो के बेड़े में इस तरह शामिल हैं खटारा बसें।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रकाश पर्व निकट आने के साथ ही लोगों ने अपने-अपने घरों का रुख करना शुरू कर दिया है। यात्रियों की संख्या बढने के बावजूद उन्हें सुचारु तरीके से गंतव्य तक पहुंचाने को लेकर परिवहन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। ऐसे में यात्रियों को प्राइवेट वाहनों का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
पर्व के मद्देनजर यात्रियों की संख्या में वृद्धि के बावजूद परिवहन विभाग गंभीर नहीं हो पा रहा है। यात्रियों के हित को लेकर विभागीय अधिकारी कितना गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अकबरपुर डिपो में कुल 52 बसों का बेड़ा है। इसमें दो बसें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं, जिन्हें ठीक करने के लिए फैजाबाद डिपो भेजा गया है।
विज्ञापन
पांच बसें नीलामी सीमा अर्थात 10 लाख किमी की दूरी तय कर चुकी हैं तो 20 बसें ऐसी हैं, जो नीलामी सीमा के निकट है। ऐसे में यह बसें लंबी दूरी तय करने के दौरान जहां तहां खड़ी हो जाया करती हैं। इससे अक्सर यात्रियों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
इतना ही नहीं, जो बसें सड़क पर दौड़ भी रही हैं, उनमें से ज्यादातर के शीशे टूटे हुए हैं तो दो दर्जन से अधिक बसें ऐसी हैं, जिनकी सीटें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। कुछ में तो सीटें ही नदारद हैं। बसों में यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की मांग यात्रियों द्वारा समय समय पर की जाती हैं, लेकिन कभी इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जाती।
एआरएम दयाशंकर सिंह ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्था की जा रही हैं। बताया कि बसों की संख्या तो नहीं बढ़ाई गई है, लेकिन जो बसें हैं, उन्हें ठीक कराकर सड़क पर उतारा जा रहा है।